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Friday, 18 January 2019

सर्दी खासी जुकाम का होम्योपैथीक सर्वेष्ट इलाज

सर्दी खासी जुकाम का होम्योपैथीक सर्वेष्ट इलाज

फरीदाबाद 18 जनवरी : भरी हुई नाक तब होती है जब नाक और आसन्न ऊतकों और रक्त वाहिकाओं को अधिक तरल पदार्थ के साथ सूज हो जाता है, जिससे "घृणित" लग रहा हो। नाक की भीड़ या अनुनासिक निर्वहन या "बहुरंगी नाक" के साथ नहीं हो सकती है।


आमतौर पर नाक की भीड़ पुराने बच्चों और वयस्कों के लिए एक झुंझलाहट है। लेकिन नाक की भीड़ उन बच्चों के लिए गंभीर हो सकती है जिनकी नींद उनकी नाक की भीड़ या शिशुओं से परेशान होती है, जिनके परिणामस्वरूप एक कठिन समय पर भोजन हो सकता है।


कारण - नाक की भीड़ किसी भी चीज के कारण हो सकती है जो अनुनासिक ऊतकों को उत्तेजित या उत्तेजित करती है। संक्रमण - जैसे सर्दी, फ्लू या साइनसाइटिस - एलर्जी और विभिन्न परेशानी, जैसे कि तम्बाकू धूम्रपान, सब कुछ नाक का कारण हो सकता है कुछ लोगों को बिना किसी स्पष्ट कारण के लिए लंबे समय से चलने वाले नाक हैं - एक शर्त जिसे नॉनलार्लिक राइनाइटिस या वासोमोटर रिनिटिस (वीएमआर) कहा जाता है।


कम सामान्यतः, नाक की भीड़ कणिकाओं या एक ट्यूमर के कारण हो सकती है।


नाक की भीड़ के संभावित कारणों में शामिल हैं: तीव्र साइनसाइटिस, एलर्जी, क्रोनिक साइनसिस, सामान्य सर्दी, डिकॉग्स्टेस्टेंट नाक स्प्रे अति प्रयोग, विच्छेदन सेप्टम, मादक पदार्थों की लत, सूखी हवा, बढ़े हुए एनोनेओड्स, नाक में विदेशी शरीर, हार्मोनल परिवर्तन, फ्लू, दवाएं, जैसे कि उच्च रक्तचाप की दवाएं, नाक जंतु, गैर एलर्जी रैनिटिस, व्यवसायिक अस्थमा, गर्भावस्था, श्वसन संक्रमण संबंधी वायरस, तनाव, थायराइड विकार, तंबाकू का धुआं, बहुभुज के साथ ग्रैनुलोमेटोसिस

Best homeopathy medicine for Sinusitis, rhinitis, nasal polyp - stuffy nose

NUX VOMICA 30-Nux Vomica नाक बाधा रात के समय में अपने चरम पर है जब राहत प्रदान करने में महान मदद के प्रभावी होम्योपैथिक उपाय नक्स वोमिका रात के घंटों में बेहद भरे हुए नाक वाले रोगियों को आराम प्रदान करने में बहुत फायदेमंद है। रोगियों को इस होम्योपैथिक उपाय की आवश्यकता होती है, रात के समय तीव्र नाक भराई होती है। व्यक्ति यह भी वर्णन कर सकता है कि दिन के दौरान, रात में नाक निर्वहन होता है, इसे अवरुद्ध कर दिया जाता है। इसके अलावा मरीज़ एक तरफ नाक की बाधा और अन्य पर मुक्ति के मुक्त महसूस कर सकते हैं। खुली हवा में जाकर नाक अवरोध को भी बिगड़ता है।

सैम्बुक्स एनआईजी 30-सॅंबुबुस नाक रुकावट के लिए एक और शीर्ष होम्योपैथिक दवा है जो अत्यंत नाक नाक छिद्रों के साथ है। रुकावट के कारण सांस लेने में बहुत मुश्किल है और यह व्यक्ति को बैठने के लिए मजबूर करता है। अधिकतर रात में, घुटन और साँस लेने में कठिनाई के कारण व्यक्ति को नींद से बैठना पड़ता है। नाक अवरोध के लिए शिशुओं को दिया जाने पर सैंबुबुस भी बहुत प्रभावशाली होता है। रुकावट घुटन और मुँह में सांस लेने की ओर जाता है और शिशु को मां की फूड लेने के दौरान बुरी स्थिति का सामना करना पड़ता है

आर्सेनिक्स एल्बम 30-आर्सेनिकम एल्बम का निर्धारण तब किया जाता है जब नाक के अवरोध नाक एलर्जी के कारण होते हैं। यह मुख्य रूप से निर्धारित होता है जब नाक अवरोध के साथ जल नाक निर्वहन जल रहा है। वहाँ नाक से प्रचुर मात्रा में पानी और उत्तेजक निर्वहन है। तीव्र प्यास है और मरीज को खुली हवा में भी बुरा लगता है।

ग्लेज़ैमियम 30-गिल्सिमियम निर्धारित किया जाता है जब नाक रुकावट में बंद महसूस होने के साथ सुस्त सिरदर्द होता है, और एक धाराप्रवाह नाक निर्वहन होता है।

सिनापिस एनआईजीआरए 30 - सिनापीस नीग्रै एलर्जी के कारण नाक की भीड़ के लिए एक और उपाय है। यह तब निर्धारित होता है जब वैकल्पिक नहर एलर्जी की प्रतिक्रिया के कारण अवरुद्ध होते हैं। नाक और आंखों से भी मुक्ति होती है।

कैलकिया कार्ब 30- नाक पॉलीप के कारण कैल्केरा कार्ब नाक रुकावट के लिए बहुत प्रभावी है कार्ब नाक कणों के लिए एक और उत्कृष्ट होम्योपैथिक दवा है। यह ज्यादातर बाएं पक्षीय नाक कणों के लिए संकेत दिया जाता है। बाएं तरफ नलिका अवरुद्ध लगता है नाक से भ्रूण पीला डिस्पैच के साथ इसमें शामिल किया जा सकता है नाक में दुख और विकृत सनसनी भी महसूस होती है। नाक में आक्रामक गंध भी चिह्नित है नाक की जड़ में बहुत अधिक सूजन होती है। क्लेक्वेरा कार्ब का निर्धारण तब किया जाता है जब लोग आसानी से ले जाते हैं। मौसम में बदलाव नाक की शिकायतों से जुड़ा होता है। कैल्केरा कार्ब वसा, पिलपिला व्यक्तियों के लिए अधिक उपयुक्त है, जिनके अंडे की लालसा है।

लैम्ना लघु 30 - पॉलिप्स के कारण नाक अवरोध को हटाने के लिए लेम्ना माइनर शीर्ष होम्योपैथिक उपाय है। इसका उपयोग करने वाले लक्षण श्वास लेने में कठिनाई के साथ नाक कब्ज और गंध की हानि होते हैं। पोस्टेरियर टपकता भी नाक रुकावट के साथ आते हैं। कुछ व्यक्ति नाक डिस्चार्ज का अनुभव करते हैं, जबकि अन्य में, नाक गुहा शुष्क रहता है। अवरुद्ध नाक में आक्रामक गंध है लेम्ना माइनर पॉलीप के लिए सबसे प्रभावी होम्योपैथिक उपाय है जो गीली मौसम में बिगड़ता है। पॉलीप के मामलों में, लेम्ना माइनर नाक अवरोध को कम कर देता है, श्वसन की समस्या से राहत देता है, और गंध की शक्ति फिर से आती है।

संगीन्रिया नाइट्रिकम 3 एक्स - सोंगुनेरिया नाइट्रिकम, पॉलीप के कारण नाक की भीड़ के लिए भी प्रभावी है और यह नाक को नाक के नाक के साथ अवरुद्ध होने पर भी एक प्रभावी होम्योपैथिक दवा है। डिस्चार्ज प्रकृति में बहुत जलते हैं और व्यक्ति को छींकने का भी अनुभव होता है।

काली बीआईटीमाइकियम 30-काली बिच्रिमिक्यू सिनाइसिस के कारण नाक की भीड़ के लिए एक उत्कृष्ट उपाय है, जहां डिस्चार्ज गले में वापस चला जाता है।

Wednesday, 12 December 2018

स्कूली पाठ्यक्रम घटाकर आधा करने का प्रस्तावः प्रकाश जावड़ेकर

स्कूली पाठ्यक्रम घटाकर आधा करने का प्रस्तावः प्रकाश जावड़ेकर

NEW DELHI  ( 13 दिसम्बर ) केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचाने और प्रतिभा पोषण तथा प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। श्री जावड़ेकर आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाल भवन में एक रंगारंग कार्यक्रम में ‘कला उत्सव’ का उद्घाटन कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी 8वीं कक्षा से आगे पढ़ाई की बोझ से इतना दबे हुए है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को दिखाने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रतिभा विकास करने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से स्कूली पाठ्यक्रम को घटाकर आधा करने का प्रस्ताव है।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि हमारे स्कूलों के 26 करोड़ तथा कॉलेजों के 4 करोड़ विद्यार्थी हमारी संपत्ति और भविष्य हैं। उन्होंने कार्यक्रम में देश की अनेकता में एकता दिखाते हुए प्रस्तुत नृत्य और गायन कार्यक्रम की सराहना की।

इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान तथा प्रशिक्षण परिषद के निदेशक प्रो. ऋषिकेश सेनापति ने कहा कि यह कला उत्सव का चौथा संस्करण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली बच्चों की कला प्रतिभा दिखाने की अनूठी राष्ट्रीय प्रतियोगिता है।

गायन, वाद्य संगीत, नृत्य तथा पेंटिंग में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कर्नाटक को छोड़कर सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के 370 से अधिक बच्चे भाग ले रहे हैं। इसमें केन्द्रीय विद्यालय संगठन तथा नवोदय विद्यालय समिति की टीमें भी भाग ले रही हैं।

कला उत्सव राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2015 में स्कूली बच्चों की कला प्रतिभा के प्रोत्साहन के उद्देश्य से प्रारंभ की गई थी।
दवाओं की ऑनलाइन बिक्री : मनसुख मंडाविया रसायन एव उर्वरक राज्य मंत्री

दवाओं की ऑनलाइन बिक्री : मनसुख मंडाविया रसायन एव उर्वरक राज्य मंत्री

NEW DELHI  ( 13 दिसम्बर ) केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, नौवहन तथा रसायन एव उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख एल.मंडाविया ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि दवाओँ की ऑनलाइन बिक्री के लिए पृथक दिशा-निर्देश के संबंध में कहा कि औषधि और प्रसाधन नियम, 1945 में औषधियों की बिक्री, भंडारण और विपणन के प्रावधान है।

श्री मंडाविया ने कहा कि स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने ई-फॉरमेसी के माध्यम से दवाओं की बिक्री भंडारण और विपणन के नियमन के लिए औषधि व प्रसाधन नियम में संशोधन के लिए मसौदा प्रकाशित किया है।

मसौदे के अनुसार ई-फॉरमेसी पोर्टल में दवा विक्रेता के नाम, पंजीयन संख्या और फॉरमेसी परिषद से संबंधित विभिन्न ब्यौरे की जानकारी दी जाएगी।

Sunday, 9 December 2018

केरल में नैशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में पुष्पांजलि राणा, शौर्य सरीन और अर्पित गोयल समेत दिल्ली के निशानेबाज़ों का जलवा

केरल में नैशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में पुष्पांजलि राणा, शौर्य सरीन और अर्पित गोयल समेत दिल्ली के निशानेबाज़ों का जलवा

केरल 9 दिसंबर । केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में चल रही नैशनल शूटिंग चैंपियनशिप में सीआरपीएफ की पुष्पांजलि राणा ने सिल्वर मेडल जीता है। दिल्ली की पुष्पांजलि ने सीआरपीएफ की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 25 मीटर पिस्टल ईवेंट में 577 स्कोर किया और फाइनल में जगह बनाई। 15 नवम्बर को शुरू हुई राष्ट्रीय निशानेबाज़ी प्रतियोगिता का 7 दिसम्बर को समापन हुआ। जिसमें देशभर से छह हजार से ज़्यादा निशानेबाज़ों ने हिस्सा लिया। 

25 मीटर पिस्टल के फाइनल मुकाबले में आठ शीर्ष निशानेबाज़ होते हैं। जिनमें एशियन गेम्स पदक विजेता राही सरनोबत, कॉमनवेल्थ पदक विजेता मनु भाकर, हिना सिद्धू भी शामिल थीं। फाइनल में कड़ा मुकाबला हुआ और महाराष्ट्र की राही सरनोबत ने 36 हिट्स मारकर गोल्ड मेडल जीता, पुष्पांजलि को 30 हिट्स मिले और मध्यप्रदेश की चिंकी यादव 20 हिट्स के साथ तीसरे स्थान पर रही। पुष्पांजलि अब अंतरराष्ट्रीय सेलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेंगी और नैशनल गेम्स के लिए भी उन्होंने जगह बना ली है। 

25 मीटर पिस्टल वुमन इवेंट के जूनियर मुकाबला हरियाणा की मनु भाकर के नाम रहा। मशहूर निशानेबाज़ जसपाल राणा की बेटी देवांशी राणा ने ओएनजीसी का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता और उत्तराखंड की नेहा ने कांस्य पदक जीता। 

दिल्ली के जूनियर निशानेबाज़ों का भी खूब जलवा दिखा। शौर्य सरीन ने 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट के जूनियर और सीनियर मुकाबलों में भाग लेते हुए 544 स्कोर किया, एक गोल्ड मेडल, तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। 
फरीद अली, शौर्य सरीन एयर अर्पित गोयल की टीम ने 50 मीटर पिस्टल का सिल्वर मेडल जीता। जबकि शौर्य सरीन, अनमोल अरोड़ा और हर्ष गुप्ता की टीम सिविलियन मुकाबले में दूसरे और ओपन मुकाबले में तीसरे स्थान पर रही। 

25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल इवेंट में फरीद अली, अर्पित गोयल और प्रशांत लकड़ा की टीम ने सिल्वर मेडल जीतकर दिल्ली का नाम रोशन किया। 
50 मीटर फ्री राइफल प्रोन वेटरन इवेंट में दिल्ली के डॉ मनजीत सिंह कंवर ने गोल्ड मेडल जीता। जबकि 10 मीटर पिस्टल वेटरन इवेंट में दिल्ली की निर्मल यादव ने स्वर्ण पदक जीता। 

पचास मीटर राइफल प्रोन इवेंट में दिल्ली के तरुण यादव ने अलग अलग कैटगरी में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता। नरेश कुमार शर्मा ने 50 मीटर राइफल पैरा इवेंट में गढ़ जीता। तो 10 मीटर पिस्टल पैरा इवेंट में पूजा अग्रवाल ने कांस्य पदक अपने नाम किया। 
दिल्ली के कई निशानेबाज़ अंतरराष्ट्रीय सेलेक्शन ट्रायल्स के लिये भी क़वालीफाई कर चुके हैं। जो 20 दिसम्बर से दिल्ली की डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में होंगे।

Tuesday, 20 November 2018

हरियाणा में 10 की 10 लोकसभा सीटें भाजपा की होंगी- राजीव जेटली

हरियाणा में 10 की 10 लोकसभा सीटें भाजपा की होंगी- राजीव जेटली


फरीदाबाद 20 नवंबर ।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजीव जेटली ने 19 नवंबर को फरुखनगर में प्रधानमंत्री की के एम पी, विश्कर्मा स्किल यूनिवर्सिटी व बल्लबगढ़ तक मेट्रो  विस्तार के उद्घाटन समारोह के दौरान आयोजित रैली की सफलता पर प्रदेशवासियों का धन्यवाद किया

जेटली ने कहा हरियाणा की जनता ने रैली में लाखों की तादात में शिरकत कर देश के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री मनोहरलाल को अपना खुला समर्थन दिया जो आगामी लोकसभा चुनावों में मतदान के रूप में हरियाणा की 10 की 10 सीटों को भाजपा की झोली में डालने का काम करेंगी।

प्रदेश प्रवक्ता राजीव जेटली ने विपक्ष पर भी हमला करते हुए कहा जहां एक तरफ 18 घंटे काम करने वाले देश के ईमानदार प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के पहियों पर चलने वाले   देश व प्रदेश को निर्मल व शुद्ध  जल पर चलने वाली नाव में बदल रहे है वही दूसरी और कुछ परिवार उन भ्रष्ट पहियों को कंधे पर उठाए वापिस प्रदेश में लगाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

जेटली ने कहा प्रदेश की जनता जात पात के झगड़े में ना पड़ते हुए अपने बच्चों का सुनहरा भविष्य बनाने में मोदी मनोहर के हाथ मजबूत करेंगे क्योंकि यह प्रदेश कुछ हजार राजनीतिक कार्यकर्ताओं का नही बल्कि ढाई करोड़ प्रदेश वासियों के है जो प्रदेश में ईमानदारी व पारदर्शिता चाहते हैं और इस पारदर्शिता व ईमानदारी की पहचान अगर कोई इस प्रदेश में बना तो वो हैं केवल प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल।

इस लिए जनता ईमानदारी की नाव का किसी भी तरह की भ्रष्टाचारी लहरों से संतुलन नही बिगड़ने देगी।

Monday, 29 October 2018

प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने मैं नहीं हम एप जारी करने और सेल्‍फ 4 सोसायटी पर आई.टी. पेशेवरों के साथ संवाद का मूल पाठ

प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने मैं नहीं हम एप जारी करने और सेल्‍फ 4 सोसायटी पर आई.टी. पेशेवरों के साथ संवाद का मूल पाठ

NEW DELHI , 29 अक्टूबर। मंत्री परिषद के मेरे सभी साथी, भारत के औद्योगिक जीवन को गति देने वाले, आईटी प्रोफेशन को बल देने वाले सभी अनुभवी महानुभाव, और आईटी के क्षेत्र से जुड़ी हुई हमारी युवा पीढ़ी, गांव में CSC के सेंटर में बैठे हुए बहुत आशाओं के साथ सपनों संजो करके जी रहे हमारे स्कूल, कॉलेज के students, आईआईटी समेत अनेक institutions के विद्यार्थी, मेरे लिए प्रसन्नता का विषय है कि जो मुझे सबसे प्रिय काम है ऐसे अवसर पर आज आपके बीच आने का मौका मिला है।

हमारे मंत्री श्री रविशंकर जी, सरकार के काम का ब्योरा दे रहे थे, लेकिन मैं इस काम के लिए आपके बीच नहीं आया हूं। कोई भी इंसान अपने करियर में कितना भी आगे चला जाए, वैभव कितना ही प्राप्त कर ले, पद-प्रतिष्ठा कितनी ही प्राप्त कर लें। एक प्रकार से जीवन में जो सपने देखें हो वो सारे सपनें अपनी आंखों के सामने उसे अपने स्व-प्रयत्न से साकार की, उसके बावजूद भी उसके मन में संतोष के लिए तड़प, भीतर संतोष कैसे मिले? और हमने अनुभव किया है कि सब प्राप्ति के बाद व किसी और के लिए कुछ करता है, कुछ जीने का प्रयास करता है, उस समय उसका satisfaction level बहुत बढ़ जाता है।

मैं अभी प्रारंभ की फिल्म में श्रीमान अज़ीम प्रेम जी को सुन रहा था। 2003-04 में जब मैं गुजरात का मुख्य मंत्री था और वो कार्यकाल में मुझसे मिलने आते थे तो अपने business के संबंध में, सरकार के साथ किसी काम के संबंध में वो बात करते थे। लेकिन उसके बाद मैंने देखा पिछले 10-15 साल से जब भी मिलना हुआ है एक बार भी वे अपना, कंपनी का, अपने corporate work का उसके काम की कभी चर्चा नहीं करते। चर्चा करते हैं तो जिस मिशन को लेकर इन दिनों काम कर रहे हैं वो education का, उसी की चर्चा करते हैं और इतना involve हो करके करते हैं जितना कि वो अपनी कंपनी के लिए नहीं करते। तो मैं अनुभव करता हूं कि उस उम्र में, उम्र के इस पढ़ाव पर जीवन में इतनी बड़ी कंपनी बनाई, इतनी बड़ी सफलता की, यात्रा की, लेकिन संतोष मिल रहा है, 

अभी जो काम कर रहे हैं उससे। इसका मतलब यह हुआ कि व्यक्ति के जीवन में, ऐसा नहीं है कि हम जिस प्रोफेशन में है, अगर मान लीजिए की डॉक्टर है तो किसी की सेवा नहीं करता है... करता है, एक scientist है लेबोरेटरी के अंदर अपनी जिंदगी खपा देता है और कोई ऐसी चीज खोज करके लाता है जो पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों की जिंदगी को बदलने वाली है। इसका मतलब नहीं यह नहीं की है वो समाज के लिए काम नहीं करता है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुद के लिए जीता था या खुद के नाम के लिए कर रहा था, जी नहीं। वो कर रहा था लोगों के लिए, लेकिन अपने हाथों से अपने आंखों के सामने, अपनी मौजूदगी में जो करता है, उसका संतोष अलग होता है। और आज वो संतोष आखिरकार की जो मूल प्रेरणा होती है हर इंसान, कुछ आप भी अपने आप देख लीजिए, अपने खुद के जीवन से देख लीजिए, स्वांत: सुखाय, कुछ  लोग यह करते है कि मुझे संतोष मिलता है, मुझे भीतर से आनंद मिलता है, मुझे ऊर्जा मिलती है।

हम रामायण में सुन रहे हैं कि गिलहरी भी रामसेतु के निर्माण में राम के साथ जुड़ गई थी। लेकिन एक गिलहरी ने तो प्रेरणा पा करके उस पवित्र कार्य में जुड़ना अच्छा माना, लेकिन दूसरा भी एक दृष्टिकोण हो सकता है कि राम जी को अगर सफल होना है, ईश्वर भले ही हो उसको भी गिलहरी की जरूरत पड़ती है, जब गिलहरी जुड़ जाती है तो सफलता प्राप्त होती है। सरकार कितने ही initiative लेती हो, सरकार कितना ही बजट खर्च करती हो लेकिन जब तक जन-जन का उसमें हिस्सा नहीं हो, भागीदारी नहीं होगी तो हम जो परिणाम चाहते हैं, इंतजार नहीं कर सकता हिन्दुस्तान। दुनिया भी हिन्दुस्तान को अब इंतजार करते हुए देखना नहीं चाहती है। दुनिया भी हिन्दुस्तान को, हिन्दुस्तान लीड करे इस अपेक्षा से देख रही है। 

अगर यह दुनिया की अपेक्षा है तो हमें भी हमारे देश को उसी रूप से करना होगा। अगर वो करना है तो हिन्दुस्तान के सामान्य मानव की जिंदगी में बदलाव कैसे आये। मेरे पास जो कौशल है, सामर्थ्य है, जो शक्ति हो, जो अनुभव है उसका कुछ उपयोग मैं किसी के लिए कर सकता हूं क्या ? एक बात निश्चित है कि किसी ऐसे स्थान है, जहां पर कोई भी गरीब आए, कोई भूखा आए, तो खाना मिल जाता है। वहां जो देने वाले लोग हैं वे भी बड़े समर्पित भाव से देते हैं। खाने वाला जो जाता है वहां, एक स्थिति ऐसी आ जाती है, एक institutional arrangement है, व्यवस्था है, मैं जाऊंगा, मुझे मिल जाएगा। जाने वाले को भी उसके प्रति विशेष attention नहीं होता है कि देने वाले कौन है। देने वाले के मन में भी कुछ conscious नहीं होता है कि आया कौन था। क्यों? क्योंकि उसकी एक आदत बन जाती है, कोई आता है 

वो खाना खिलाता है, वो चल देता है। लेकिन एक गरीब किसी गरीब परिवार के दरवाजे पर खड़ा है, भूखा है, और एक गरीब अपनी आधी रोटी बांट करके दे देता है। दोनों को जीवन भर याद रहता है। उसमें संतोष मिलता है। व्यवस्था के तहत होने वाली चीजों की बजाय स्व प्रेरणा से होने वाली चीजें कितना बड़ा परिवर्तन करती है यह हम सबने देखा है। हम कभी हवाई जहाज से जा रहे हैं बगल में कोई बुजुर्ग बैठे हैं, पानी पीना है, बोटल है लेकिन खुल नहीं रही है, हमारा ध्यान जाता है, हम तुरंत उसको खोल देते हैं, हमें संतोष मिलता है। यानि किसी के लिए जीने का आनंद कुछ और होता है।

मैंने एक परंपरा विकसित करने का प्रयास किया है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब मैं मुख्यमंत्री था तब भी किया करता था, किसी university के convocation में जाता हूं, तो मुझे बुलाने वालों से मैं आग्रह करता हूं कि आप उस university के नजदीक में कहीं सरकारी स्कूल हो, झुग्गी-झोपड़ी के गरीब बच्चे पढ़ते हो, आठवीं, नौंवी, दसवीं के, तो वो मेरे 50 special guest होंगे और उस convocation में उनको जगह दीजिए, उनको बैठाइये, उनको निमंत्रित कीजिए और वो आते है

Sunday, 28 October 2018

इधर लोगों की प्रदूषण से सांस फूली, उधर बोर्ड बोला मशीन है खराब

इधर लोगों की प्रदूषण से सांस फूली, उधर बोर्ड बोला मशीन है खराब

फरीदाबाद, 29 अक्टूबर I शहर में प्रदूषण की मात्रा अधिक हुई तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मशीन में गड़बड़ी बता दी। बोर्ड का कहना है कि मशीन में गड़बड़ी होने के कारण पीएम 2.5 का स्तर काफी अधिक दिखा रहा था। लेकिन अब मशीन को सही कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मशीन में कुछ दिक्कतें होने से पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा हुआ बताया जा रहा था। मशीन की कमियों को दूर करा दिया गया है, जिससे उ मीद है कि आने वाले दिनों में जिले में प्रदूषण का सही स्तर पता चल सकेगा।

प्रदूषण के मामले में फरीदाबाद देशभर के टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है। शुक्रवार को पीएम 2.5 का स्तर 381 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया था। फरीदाबाद में सेक्टर 16 ए स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के ऊपर एक मशीन लगी हुई है, जिससे प्रदूषण के स्तर का पता चलता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर विजय चौधरी ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी दो दिन पहले फरीदाबाद आए थे। 

उन्होंने कहा कि मशीन पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक बता रही है, जबकि इतना अधिक प्रदूषण विजुअल नहीं हो रहा है। इसलिए उन्होंने मशीन को चैक कराने के आदेश दिए। क्योंकि मशीन का संचालन प्राइवेट कंपनी करती है, इसलिए हमने कंपनी के अधिकारियों को बुलाया। उन्होंने मशीन को अपडेट किया है। उ मीद है कि अब प्रदूषण का स्तर कम होगा और पीएम 2.5 का सही स्तर हमें पता चल पाएगा। विजय चौधरी ने बताया कि शनिवार रात से रविवार दोपहर तक मशीन बंद रही थी। रविवार को दोपहर लगभग 12 बजे से शाम 4 बजे तक पीएम 2.5 का औसत स्तर 93 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया है।
फरीदाबाद बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल दें इस्तीफा : विकास चौधरी

फरीदाबाद बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल दें इस्तीफा : विकास चौधरी

फरीदाबाद 28 अक्टूबर । फरीदाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर की सूची में आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा के पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री विपुल गोयल पर बड़ा निशाना साधते हुए उन्हें ‘शोमैन’ (मदारी) की संज्ञा देते हुए सीधे-सीधे तौर पर उनसे इस्तीफे की मांग की है। हरियाणा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी ने आज सेक्टर-9 स्थित कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कहा कि बड़े दुख का विषय है कि हरियाणा सरकार में पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री के औहदे पर विराजमान विपुल गोयल का गृहक्षेत्र फरीदाबाद ही है, लेकिन फरीदाबाद का प्रदूषण स्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे पैदा हो गए है कि स्वच्छता के मामले में देश में फरीदाबाद का नाम बदनाम होने के बाद अब प्रदूषण के क्षेत्र में भी फरीदाबाद नंबर वन बन गया है। होना तो यह चाहिए था कि फरीदाबाद को स्थानीय पर्यावरण मंत्री होने के नाते यहां के लोगों को प्रदूषण से मुक्ति के रुप में एक बड़ी सौगात मिलती, 

लेकिन मंत्री जी को सैर-सपाटे व ईवेट मैनेजमेंट से ही फुर्सत नहीं है, जिसके चलते कोई भी ऐसा ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे यहां के लोगों को बढ़ते प्रदूषण से राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि पर्यावरण ही नहीं उद्योगमंत्री के रुप में भी विपुल गोयल नाकारा ही साबित हुए है क्योंकि उनके कार्यकाल में फरीदाबाद में एक भी बड़ी कंपनी की मदर यूनिट स्थापित नहीं हुई है।  उन्होंने कहा कि जब मंत्री जी अपने कार्य को ही अंजाम नहीं दे रहे तो ऐसे में उन्हें मंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है वह फरीदाबाद की जनता से माफी मांगकर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे। उन्होंने खुली चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही फरीदाबाद के प्रदूषण को ठीक नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेंगी चाहे उन्हें सडक़ों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन के रुप में कितना बड़ा आंदोलन ही क्यों न करना पड़े।  पत्रकार सम्मेलन में कांग्रेस ओबीसी सैल हरियाणा के चेयरमैन राकेश भड़ाना, असंगठित कांग्रेस वर्ग के प्रदेश चेयरमैन ज्ञानचंद आहुजा, पूर्व जिला महासचिव नीरज गुप्ता, व्यापार सैल फरीदाबाद के अध्यक्ष रणजीत रावल, ओबीसी सैल फरीदाबाद के जिलाध्यक्ष नरेश वैष्णव, फरीदाबाद विधानसभा ओबीसी सैल अध्यक्ष सुनील यादव, सोनू अलावलपुर आदि अनेकों कांग्रेसी नेता भी उपस्थित थे।

 प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी ने भाजपा पर हल्ला बोलते हुए इन्हें झूठ और जुमले की सरकार बताते हुए कहा कि 3 साल पूर्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंत्री विपुल गोयल ने मोदी-अमित शाह की नजरों में अपने आपको श्रष्ेठ मंत्री दिखाने के लिए एक शोमैन की तरह फरीदाबाद में एक घण्टे मेें 2 लाख पौधे लगाने का नाटक कर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने का काम किया था, लेकिन तीन साल में बगैर रखरखाव व देखभाल के उन 2 लाख पौधों में से मात्र 2 हजार पौधे भी जीवित नहीं बचे है। वहीं 2 साल पूर्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ही मंत्री जी द्वारा शहर के 40 वार्डाे में स्वच्छता व प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए पार्षदों को 40 ट्रैक्टर देने के लिए फोटोसैशन कराया था, वह सभी 40 ट्रैक्टर मात्र 15 दिन में ही कंपनी यह कहकर वापिस ले गई, कि इनकी पैमेंट नहीं हुई है इसलिए यह ट्रैक्टर मामला भी फोटोसैशन तक रह गया है। इसके एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण लेबल को कम करने को लेकर दिल्ली में पिछले वर्ष राष्ट्रीय स्तर की एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें हरियाणा की ओर से पर्यावरण और उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने भाग लेकर प्रदूषण रोकने के क्षेत्र में बड़े कदम उठाने का वायदा किया था, लेकिन आज उस बैठक को भी एक वर्ष बीत गया है और प्रदूषण घटने की बजाए फरीदाबाद को प्रदूषण बढऩे में देश में नंबर वन तमगा मिल गया है। पर्यावरण व उद्योग मंत्री के रुप में विपुल गोयल की इस उपलब्धि को देखते हुए कांग्रेस पार्टी उनसे इस्तीफे की मांग कर रही है। श्री चौधरी ने कहा कि फरीदाबाद में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गई है अगर जल्द ही इस पर काबू नहीं किया गया तो यहां पर महामारी फैल सकती है

, इसका प्रमाण फरीदाबाद के किसी भी नर्सिंग होमों व बड़े अस्पतालों के साथ-साथ गली मोहल्ले में खुले क्लिनिकों में बैठे डाक्टरों के यहां सांस, दमा, खुजली, एलर्जी व आंखों में जलन आदि अनेकों गंभीर समस्याओं के सैकडों मरीजों की संख्या प्रतिदिन प्रत्येक डाक्टर पर देखी जा सकती है। उन्होंने भाजपा पर बड़ा सवाल दागते हुए कहा कि स्वदेशी के नाम पर चाईनीज वस्तुओं का विरोध करने वाली भाजपा राज में फरीदाबाद में चाईना की बड़ी कंपनी ईकोग्रीन को सफाई का ठेका दिया जाता है और हैरानी की बात तो यह है कि एक ओर तो खेतों में पराली जलाने पर पूरे गांव की बिजली काटने के साथ-साथ किसानों पर मुकदमें दर्ज किए जाते है, वहीं दूसरी ओर ईको ग्रीन द्वारा बडे बडे कूडे को खुले में जलाने पर फरीदाबाद के मंत्री व विधायकों द्वारा ईकोग्रीन कंपनी को वाहवाही दी जाती है, जो जनता की समझ से परे है। इसके अलावा फरीदाबाद से गुजर रही आगरा कैनाल में यहां के लोगों को मिल रहा जहरीला पानी भी एक बडी समस्या है, जिसे दूर कराने के लिए हरियाणा सरकार व स्थानीय पर्यावरण व उद्योगमंत्री ने कोई ठोस कार्यवाही आज तक नहीं की है, जिससे कि यहां की जनता को इस जहरीले पानी से निजात मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता अब पर्यावरण व उद्योग मंत्री तथा भाजपाईयों की नौटंकी को अच्छी प्रकार से समझ चुकी है और अब इनके बहकावे में आने वाली नहीं है क्योंकि लोगों को ज्यादा दिनों तक बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। जनता की समझ में आ गया है कि फरीदाबाद में विकास केवल और केवल कांग्रेस के शासन में ही हुआ है। भाजपाईयों ने फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी का नाम तो दिया है, लेकिन फरीदाबाद आज देश की नरक सिटी बनकर रह गई है। सिक्स लेन, मेट्रो व बाईपास, यूनिवर्सिटी के अलावा जितनी भी बडी परियोजनाएं है वो सब कांग्रेस पार्टी की ही देन है। 

Monday, 15 October 2018

 भाजपाईयों की स्मार्ट सिटी देशभर में नरक सिटी के रुप में हुई विख्यात : ललित नागर

भाजपाईयों की स्मार्ट सिटी देशभर में नरक सिटी के रुप में हुई विख्यात : ललित नागर

फरीदाबाद 15 अक्टूबर । तिगांव विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के चार साल व स्मार्ट सिटी फरीदाबाद को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा तंज कसते हुए कहा कि सरकार चार साल में तिगांव विधानसभा क्षेत्र सहित समूचे फरीदाबाद में कोई भी एक ऐसा विकास कार्य गिनवाए, जिसका इनके द्वारा शिलान्यास करने के बाद उद्घाटन कर उस परियोजना को जनता को समर्पित किया गया हो। भाजपा ने विकास कार्याे के नाम पर फरीदाबाद को फकीराबाद बनाने का काम किया है, जबकि स्मार्ट सिटी के नाम पर फरीदाबाद की पहचान अब समूचे हरियाणा ही नहीं बल्कि देशस्तर पर नरक सिटी के रुप में विख्यात हुई है। उन्होंने कहा कि  भाजपाईयों ने चार साल सत्ता की मलाई की चिकनाहट में केवल लोगों के समक्ष झूठे जुमले फेंक लोगों को गुमराह करने का काम किया है। 

हालात ऐसे बन गए है कि कर्मचारी से लेकर आम वर्ग तक आज अपनी मांगों को लेकर सडक़ों पर है। लोग इस इंतजार में है कि कब चुनाव हो और वह कब इस झूठी जुमलेबाज सरकार को वोट की चोट से जवाब देकर सबक सिखाने का काम करें। विधायक श्री नागर तिगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अगवानपुर में कालोनीवासियों द्वारा आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। विधायक श्री नागर को इससे पूर्व युवा बिग्रेड द्वारा सैकड़ों मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ खुली जीप में एक जुलूस के साथ सभास्थल तक लाया गया, जहां कालोनीवासियों द्वारा विधायक का फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। सभा में आए कालोनीवासियों ने विधायक के समक्ष जनसमस्याओं को लेकर सरकार के प्रति जमकर रोना रोते हुए कहा कि भाजपा राज में कालोनियां अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने पर मजबूर हो गई है। यहां के लोगों के दुख-दर्द को सुनने वाला कोई नहीं है। 

सडक़ों, पानी, सीवरेज, बिजली व सफाई आदि सभी मूलभूत सुविधाओं को लेकर यहां के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार बरता जा रहा है, जिससे लोग त्राहि-त्राहि करने को मजबूर है, जिस पर विधायक ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्होंने हमेशा क्षेत्र की आवाज को सडक़ से लेकर विधानसभा तक बुलंद करने का काम किया है और अब वह इन कालोनियों में विकास को लेकर बरते जा रहे भेदभाव पर भी सरकार को घेरते हुए निगम मुख्यालय पर हजारों-हजारों की संख्या में क्षेत्रवासियों के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सोई हुई सरकार के प्रतिनिधियों व प्रशासन को जगाने का काम करेंगे 

 फिर भी अगर सत्ता के मद में चूर मंत्री और विधायक नहीं जागे तो कांग्रेस सरकार बनते ही सबसे पहले विकास का पिटारा इन्हीं कालोनियों से खोला जाएगा। विधायक ललित नागर ने अपने संबोधन में केंद्रीय राज्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े ही दुख का विषय है कि लोकसभा चुनाव में यहां के जिन लोगों ने उन्हें सांसद बनाकर केंद्र में मंत्री बनाया और फिर उन्हीं के बेटे को पार्षद बनाकर नगर निगम में वरिष्ठ उपमहापौर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज वही लोग अपनी उपेक्षा का रोना रो रहे है। उन्होंने कहा कि मंत्री जी आखिरकार इन लोगों का क्या कसूर है, जो ये लोग विकास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं से महरुम है। इनके दिन कब अच्छे आएंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज वह जो कुछ भी है, आप सभी लोगों द्वारा दिए गए आर्शीवाद व समर्थन की बदौलत है और उन्हें विश्वास दिलाते है

आपका यह संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा और जल्द ही इस तिगांव विधानसभा क्षेत्र में शहरी कालोनियों में देहात गांवों के दिन बदलेंगे और यह क्षेत्र विकास के मामले में हरियाणा में अपनी एक अलग पहचान कायम करेगा।  इस अवसर पर गढ़वाल सभा के पूर्व अध्यक्ष राकेश घडिय़ाल, देवेन्द्र अवाना, अमोद प्रधान, राव नरबीर, दिनेश शर्मा, लवकुश मिश्रा, देवेन्द्र तोंगड़, पुष्पेन्द्र सिंह, प्रोफेसर शैलेन्द्र सिंह, रामप्रकाश चौधरी, प्रवीन नम्बरदार, प्रमोद कर्ण, किशन शर्मा, जगत सिंह रावत, राजकुमार प्रधान, फतेह सिंह डांगी, कंवर सिंह अवाना, आर.बी.माथुर, मामा मकसूद, ताहिर खान, रियाज खान, लालबाबू शर्मा, मुकुटपाल चौधरी, किशन दत शर्मा, मनोज नागर, बाबूलाल रवि, सुन्दर नेताजी, सुनील ठाकुर, पिन्टू पांडे, शोभाराम भाटी , विक्की चोपड़ा, मुकेश कुमार, सुनील भाटी चेयरमैन, गंगाराम नरवत सहित अनेकों कालोनीवासी मौजूद थे।

Thursday, 11 October 2018

Best Homeopathic medicine for Uric acid -Gout

Best Homeopathic medicine for Uric acid -Gout

फरीदाबाद 12 अक्टूबर ।  शास्त्रीय होम्योपैथिक क्लिनिक में, किसी भी बीमारी के लिए हमारा दृष्टिकोण व्यक्ति को पूरी तरह से इलाज करना है। इस प्रकार, रोगी के संविधान को कम करने से हमेशा शास्त्रीय होम्योपैथिक डॉक्टर को सबसे उपयुक्त उपाय चुनने में मदद मिलती है। सही होम्योपैथिक दवा के साथ डॉ। अभिषेक के अनुसार, एक आहार लेना बहुत महत्वपूर्ण है जो purines में कम है।

उच्च यूरिक एसिड के लिए सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथी चिकित्सा
आउरा होम्योपैथी में, डॉक्टरों की हमारी खुराक रोगी की कुल तस्वीर के आधार पर होम्योपैथिक दवा निर्धारित करती है जिसमें उसकी जीवनशैली, मानसिक तनाव, उसके तनाव स्तर और भावनात्मक स्थिति, उनके चरित्र, आहार, यूरिक एसिड का पारिवारिक इतिहास और अन्य कारक शामिल हैं। गौट-एरिक एसिड के लिए सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा खोजने के लिए - दर्दनाक जोड़। ऑरा होम्योपैथी क्लिनिक में, हमारे उपचार को वैयक्तिकृत किया जाता है, यानी गठिया या उच्च यूरिक एसिड स्तर वाले 2 रोगियों को अलग-अलग व्यक्तियों के रूप में माना जाता है, और प्रत्येक रोगी को होम्योपैथिक दवा निर्धारित की जाएगी जो उनके लक्षण के साथ सबसे अच्छी तरह से मेल खाती है।

उच्च यूरिक एसिड होने के जोखिम के बारे में और जानने के लिए हमें देखें
गठिया के इलाज के लिए नीचे 10 सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथी दवाएं हैं- उच्च यूरिक एसिड।

कोल्चिकम: महान पैर की उंगलियों के दर्द और सूजन, एड़ी में दर्द की मरीज की शिकायत, वह भी छूने के लिए सहन नहीं कर सकता है। निचले हिस्सों की सूजन और ठंडाता। दर्द और बुखार के साथ जोड़ों की कठोरता। कभी-कभी दर्द को बदलने के रोगी की शिकायतों। रात और शाम को गर्म मौसम से दर्द बढ़ जाता है। अधिक जानकारी हमें देखें: दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथी डॉक्टर

यूर्टिका यूरेन: यह होम्योपैथिक दवा उच्च यूरिक एसिड के स्तर के इलाज के लिए सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि यह हमारे शरीर से यूरिक एसिड को खत्म करने में वृद्धि करती है। डायथेसिस: गठिया और यूरिक एसिड। संयुक्त दर्द त्वचा के विस्फोट जैसे आर्टिकरिया से जुड़ा हुआ है। Deltoid, कलाई और एड़ियों में सूजन और दर्द की रोगी शिकायत।

बेंजोइक एसिड: आक्रामक और उच्च रंगीन मूत्र के साथ-साथ क्रैकिंग ध्वनियों के साथ दर्द और पेट की सूजन और अन्य जोड़ों की सूजन की शिकायतें। दर्दनाक गठिया नोड्स। उजागर और खुली हवा में संयुक्त दर्द बढ़ता है।

लेडम पाल: आरोही संधिशोथ के लिए सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा, विशेष रूप से छोटे जोड़ों के दर्द को अलग करना। ग्रेट पैर की अंगुली दर्दनाक, सूजन और स्पर्श करने के लिए गर्म। सामान्य रूप से शीत अनुप्रयोग के साथ दर्द ठीक हो जाता है।

एंटीमोनियम क्रूड: गैस्ट्रिक शिकायतों के साथ विशेष रूप से ऊँची एड़ी और उंगलियों में गठिया दर्द। जीभ मोटी सफेद लेपित है। गर्मी और ठंडे स्नान के साथ लक्षण बढ़े। 

सबिना: यह गर्भाशय बीमारियों के साथ महिला रोगी के लिए सबसे अच्छा है। गर्म कमरे में संयुक्त दर्द खराब हो जाता है। लाल चमकदार सूजन और गौटी नोडोसिटी की रोगी शिकायतें। Esp। गर्भाशय की परेशानी के साथ महिलाओं में।

अर्नीका: सूजन और दर्द से पीड़ित भावनाओं के साथ जोड़ों में दर्द, दर्द चलने के साथ बढ़ता है। अलग संयुक्त दर्द के कारण, रोगी को उसके निकट छुआ या संपर्क करने से डर लगता है।

बर्बेरिस वल्गारिस: क्रोनिक गठ संविधान। दर्द की अचानक शुरुआत। जोड़ों में अचानक सिलाई दर्द की रोगी शिकायतें। दर्द गति के साथ बढ़ता है। मेटाटारल हड्डियों के बीच दर्द को सिलाई करना जैसे नाखून छेड़छाड़ कर रहा है, खड़े होने पर दर्द बढ़ता है।

लाइकोपोडियम: एक कंकड़ पत्थर से दर्द को ठीक करें। पैर की उंगलियों और उंगलियों में दर्द के साथ तलवों पर कॉलोसिटी। दाहिने पैर गर्म और बाएं पैर ठंडा। पेशाब के दौरान रोगी रोना, पेशाब में लाल तलछट। पेशाब गुजरने के बाद बैकैश में सुधार हुआ। संयुक्त दर्द और अन्य शिकायतें 4 बजे से शाम 8 बजे के बीच बढ़ीं।


Rhododendron: जोड़ों के दर्द और सूजन विशेष रूप से महान पैर की अंगुली संयुक्त, दर्दनाक स्थिति तूफान से पहले बढ़ जाती है। सही पक्षपातपूर्ण स्नेह। सुबह में सुबह, तूफान से पहले और लंबे समय तक रहने के बाद संयुक्त दर्द बढ़ गया। सामान्य रूप से गर्मी और खाने में गर्मी के साथ।
Homeopathy for Cold cough Flu

Homeopathy for Cold cough Flu

FARIDABAD : 12 October  I  भरी हुई नाक तब होती है जब नाक और आसन्न ऊतकों और रक्त वाहिकाओं को अधिक तरल पदार्थ के साथ सूज हो जाता है, जिससे "घृणित" लग रहा हो। नाक की भीड़ या अनुनासिक निर्वहन या "बहुरंगी नाक" के साथ नहीं हो सकती है।


आमतौर पर नाक की भीड़ पुराने बच्चों और वयस्कों के लिए एक झुंझलाहट है। लेकिन नाक की भीड़ उन बच्चों के लिए गंभीर हो सकती है जिनकी नींद उनकी नाक की भीड़ या शिशुओं से परेशान होती है, जिनके परिणामस्वरूप एक कठिन समय पर भोजन हो सकता है।


कारण - नाक की भीड़ किसी भी चीज के कारण हो सकती है जो अनुनासिक ऊतकों को उत्तेजित या उत्तेजित करती है। संक्रमण - जैसे सर्दी, फ्लू या साइनसाइटिस - एलर्जी और विभिन्न परेशानी, जैसे कि तम्बाकू धूम्रपान, सब कुछ नाक का कारण हो सकता है कुछ लोगों को बिना किसी स्पष्ट कारण के लिए लंबे समय से चलने वाले नाक हैं - एक शर्त जिसे नॉनलार्लिक राइनाइटिस या वासोमोटर रिनिटिस (वीएमआर) कहा जाता है।

कम सामान्यतः, नाक की भीड़ कणिकाओं या एक ट्यूमर के कारण हो सकती है।


नाक की भीड़ के संभावित कारणों में शामिल हैं: तीव्र साइनसाइटिस, एलर्जी, क्रोनिक साइनसिस, सामान्य सर्दी, डिकॉग्स्टेस्टेंट नाक स्प्रे अति प्रयोग, विच्छेदन सेप्टम, मादक पदार्थों की लत, सूखी हवा, बढ़े हुए एनोनेओड्स, नाक में विदेशी शरीर, हार्मोनल परिवर्तन, फ्लू, दवाएं, जैसे कि उच्च रक्तचाप की दवाएं, नाक जंतु, गैर एलर्जी रैनिटिस, व्यवसायिक अस्थमा, गर्भावस्था, श्वसन संक्रमण संबंधी वायरस, तनाव, थायराइड विकार, तंबाकू का धुआं, बहुभुज के साथ ग्रैनुलोमेटोसिस





NUX VOMICA 30-Nux Vomica नाक बाधा रात के समय में अपने चरम पर है जब राहत प्रदान करने में महान मदद के प्रभावी होम्योपैथिक उपाय नक्स वोमिका रात के घंटों में बेहद भरे हुए नाक वाले रोगियों को आराम प्रदान करने में बहुत फायदेमंद है। रोगियों को इस होम्योपैथिक उपाय की आवश्यकता होती है, रात के समय तीव्र नाक भराई होती है। व्यक्ति यह भी वर्णन कर सकता है कि दिन के दौरान, रात में नाक निर्वहन होता है, इसे अवरुद्ध कर दिया जाता है। इसके अलावा मरीज़ एक तरफ नाक की बाधा और अन्य पर मुक्ति के मुक्त महसूस कर सकते हैं। खुली हवा में जाकर नाक अवरोध को भी बिगड़ता है।

सैम्बुक्स एनआईजी 30-सॅंबुबुस नाक रुकावट के लिए एक और शीर्ष होम्योपैथिक दवा है जो अत्यंत नाक नाक छिद्रों के साथ है। रुकावट के कारण सांस लेने में बहुत मुश्किल है और यह व्यक्ति को बैठने के लिए मजबूर करता है। अधिकतर रात में, घुटन और साँस लेने में कठिनाई के कारण व्यक्ति को नींद से बैठना पड़ता है। नाक अवरोध के लिए शिशुओं को दिया जाने पर सैंबुबुस भी बहुत प्रभावशाली होता है। रुकावट घुटन और मुँह में सांस लेने की ओर जाता है और शिशु को मां की फूड लेने के दौरान बुरी स्थिति का सामना करना पड़ता है

आर्सेनिक्स एल्बम 30-आर्सेनिकम एल्बम का निर्धारण तब किया जाता है जब नाक के अवरोध नाक एलर्जी के कारण होते हैं। यह मुख्य रूप से निर्धारित होता है जब नाक अवरोध के साथ जल नाक निर्वहन जल रहा है। वहाँ नाक से प्रचुर मात्रा में पानी और उत्तेजक निर्वहन है। तीव्र प्यास है और मरीज को खुली हवा में भी बुरा लगता है।

ग्लेज़ैमियम 30-गिल्सिमियम निर्धारित किया जाता है जब नाक रुकावट में बंद महसूस होने के साथ सुस्त सिरदर्द होता है, और एक धाराप्रवाह नाक निर्वहन होता है।

सिनापिस एनआईजीआरए 30 - सिनापीस नीग्रै एलर्जी के कारण नाक की भीड़ के लिए एक और उपाय है। यह तब निर्धारित होता है जब वैकल्पिक नहर एलर्जी की प्रतिक्रिया के कारण अवरुद्ध होते हैं। नाक और आंखों से भी मुक्ति होती है।

कैलकिया कार्ब 30- नाक पॉलीप के कारण कैल्केरा कार्ब नाक रुकावट के लिए बहुत प्रभावी है कार्ब नाक कणों के लिए एक और उत्कृष्ट होम्योपैथिक दवा है। यह ज्यादातर बाएं पक्षीय नाक कणों के लिए संकेत दिया जाता है। बाएं तरफ नलिका अवरुद्ध लगता है नाक से भ्रूण पीला डिस्पैच के साथ इसमें शामिल किया जा सकता है नाक में दुख और विकृत सनसनी भी महसूस होती है। नाक में आक्रामक गंध भी चिह्नित है नाक की जड़ में बहुत अधिक सूजन होती है। क्लेक्वेरा कार्ब का निर्धारण तब किया जाता है जब लोग आसानी से ले जाते हैं। मौसम में बदलाव नाक की शिकायतों से जुड़ा होता है। कैल्केरा कार्ब वसा, पिलपिला व्यक्तियों के लिए अधिक उपयुक्त है, जिनके अंडे की लालसा है।

लैम्ना लघु 30 - पॉलिप्स के कारण नाक अवरोध को हटाने के लिए लेम्ना माइनर शीर्ष होम्योपैथिक उपाय है। इसका उपयोग करने वाले लक्षण श्वास लेने में कठिनाई के साथ नाक कब्ज और गंध की हानि होते हैं। पोस्टेरियर टपकता भी नाक रुकावट के साथ आते हैं। कुछ व्यक्ति नाक डिस्चार्ज का अनुभव करते हैं, जबकि अन्य में, नाक गुहा शुष्क रहता है। अवरुद्ध नाक में आक्रामक गंध है लेम्ना माइनर पॉलीप के लिए सबसे प्रभावी होम्योपैथिक उपाय है जो गीली मौसम में बिगड़ता है। पॉलीप के मामलों में, लेम्ना माइनर नाक अवरोध को कम कर देता है, श्वसन की समस्या से राहत देता है, और गंध की शक्ति फिर से आती है।

संगीन्रिया नाइट्रिकम 3 एक्स - सोंगुनेरिया नाइट्रिकम, पॉलीप के कारण नाक की भीड़ के लिए भी प्रभावी है और यह नाक को नाक के नाक के साथ अवरुद्ध होने पर भी एक प्रभावी होम्योपैथिक दवा है। डिस्चार्ज प्रकृति में बहुत जलते हैं और व्यक्ति को छींकने का भी अनुभव होता है।

काली बीआईटीमाइकियम 30-काली बिच्रिमिक्यू सिनाइसिस के कारण नाक की भीड़ के लिए एक उत्कृष्ट उपाय है, जहां डिस्चार्ज गले में वापस चला जाता है।

Thursday, 23 August 2018

यूरिक एसिड के लिए शीर्ष 10 होम्योपैथिक चिकित्सा - गठिया उपचार

यूरिक एसिड के लिए शीर्ष 10 होम्योपैथिक चिकित्सा - गठिया उपचार

फरीदाबाद 24 अगस्त ।  शास्त्रीय होम्योपैथिक क्लिनिक में, किसी भी बीमारी के लिए हमारा दृष्टिकोण व्यक्ति को पूरी तरह से इलाज करना है। इस प्रकार, रोगी के संविधान को कम करने से हमेशा शास्त्रीय होम्योपैथिक डॉक्टर को सबसे उपयुक्त उपाय चुनने में मदद मिलती है। सही होम्योपैथिक दवा के साथ डॉ। अभिषेक के अनुसार, एक आहार लेना बहुत महत्वपूर्ण है जो purines में कम है।

उच्च यूरिक एसिड के लिए सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथी चिकित्सा
आउरा होम्योपैथी में, डॉक्टरों की हमारी खुराक रोगी की कुल तस्वीर के आधार पर होम्योपैथिक दवा निर्धारित करती है जिसमें उसकी जीवनशैली, मानसिक तनाव, उसके तनाव स्तर और भावनात्मक स्थिति, उनके चरित्र, आहार, यूरिक एसिड का पारिवारिक इतिहास और अन्य कारक शामिल हैं। गौट-एरिक एसिड के लिए सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा खोजने के लिए - दर्दनाक जोड़। ऑरा होम्योपैथी क्लिनिक में, हमारे उपचार को वैयक्तिकृत किया जाता है, यानी गठिया या उच्च यूरिक एसिड स्तर वाले 2 रोगियों को अलग-अलग व्यक्तियों के रूप में माना जाता है, और प्रत्येक रोगी को होम्योपैथिक दवा निर्धारित की जाएगी जो उनके लक्षण के साथ सबसे अच्छी तरह से मेल खाती है।

उच्च यूरिक एसिड होने के जोखिम के बारे में और जानने के लिए हमें देखें

गठिया के इलाज के लिए नीचे 10 सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथी दवाएं हैं- उच्च यूरिक एसिड।

कोल्चिकम: महान पैर की उंगलियों के दर्द और सूजन, एड़ी में दर्द की मरीज की शिकायत, वह भी छूने के लिए सहन नहीं कर सकता है। निचले हिस्सों की सूजन और ठंडाता। दर्द और बुखार के साथ जोड़ों की कठोरता। कभी-कभी दर्द को बदलने के रोगी की शिकायतों। रात और शाम को गर्म मौसम से दर्द बढ़ जाता है। अधिक जानकारी हमें देखें: दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथी डॉक्टर

यूर्टिका यूरेन: यह होम्योपैथिक दवा उच्च यूरिक एसिड के स्तर के इलाज के लिए सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि यह हमारे शरीर से यूरिक एसिड को खत्म करने में वृद्धि करती है। डायथेसिस: गठिया और यूरिक एसिड। संयुक्त दर्द त्वचा के विस्फोट जैसे आर्टिकरिया से जुड़ा हुआ है। Deltoid, कलाई और एड़ियों में सूजन और दर्द की रोगी शिकायत।

बेंजोइक एसिड: आक्रामक और उच्च रंगीन मूत्र के साथ-साथ क्रैकिंग ध्वनियों के साथ दर्द और पेट की सूजन और अन्य जोड़ों की सूजन की शिकायतें। दर्दनाक गठिया नोड्स। उजागर और खुली हवा में संयुक्त दर्द बढ़ता है।

लेडम पाल: आरोही संधिशोथ के लिए सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा, विशेष रूप से छोटे जोड़ों के दर्द को अलग करना। ग्रेट पैर की अंगुली दर्दनाक, सूजन और स्पर्श करने के लिए गर्म। सामान्य रूप से शीत अनुप्रयोग के साथ दर्द ठीक हो जाता है।

एंटीमोनियम क्रूड: गैस्ट्रिक शिकायतों के साथ विशेष रूप से ऊँची एड़ी और उंगलियों में गठिया दर्द। जीभ मोटी सफेद लेपित है। गर्मी और ठंडे स्नान के साथ लक्षण बढ़े। अधिक जानकारी हमें देखें: दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथी डॉक्टर

सबिना: यह गर्भाशय बीमारियों के साथ महिला रोगी के लिए सबसे अच्छा है। गर्म कमरे में संयुक्त दर्द खराब हो जाता है। लाल चमकदार सूजन और गौटी नोडोसिटी की रोगी शिकायतें। Esp। गर्भाशय की परेशानी के साथ महिलाओं में।

अर्नीका: सूजन और दर्द से पीड़ित भावनाओं के साथ जोड़ों में दर्द, दर्द चलने के साथ बढ़ता है। अलग संयुक्त दर्द के कारण, रोगी को उसके निकट छुआ या संपर्क करने से डर लगता है।

बर्बेरिस वल्गारिस: क्रोनिक गठ संविधान। दर्द की अचानक शुरुआत। जोड़ों में अचानक सिलाई दर्द की रोगी शिकायतें। दर्द गति के साथ बढ़ता है। मेटाटारल हड्डियों के बीच दर्द को सिलाई करना जैसे नाखून छेड़छाड़ कर रहा है, खड़े होने पर दर्द बढ़ता है।

लाइकोपोडियम: एक कंकड़ पत्थर से दर्द को ठीक करें। पैर की उंगलियों और उंगलियों में दर्द के साथ तलवों पर कॉलोसिटी। दाहिने पैर गर्म और बाएं पैर ठंडा। पेशाब के दौरान रोगी रोना, पेशाब में लाल तलछट। पेशाब गुजरने के बाद बैकैश में सुधार हुआ। संयुक्त दर्द और अन्य शिकायतें 4 बजे से शाम 8 बजे के बीच बढ़ीं।

Rhododendron: जोड़ों के दर्द और सूजन विशेष रूप से महान पैर की अंगुली संयुक्त, दर्दनाक स्थिति तूफान से पहले बढ़ जाती है। सही पक्षपातपूर्ण स्नेह। सुबह में सुबह, तूफान से पहले और लंबे समय तक रहने के बाद संयुक्त दर्द बढ़ गया। सामान्य रूप से गर्मी और खाने में गर्मी के साथ।

Tuesday, 21 August 2018

DCP Sanjeev Yadav and Journalist Farid Ali won Gold medals in Shooting

DCP Sanjeev Yadav and Journalist Farid Ali won Gold medals in Shooting


Shaurya Sarin, the sixteen year old shooter and student of Vasant Valley School, won nine medals in the Delhi State Shooting, which includes six gold, one silver and two bronze medals.

Journalist Farid Ali won 6 medals, including 4 gold, one silver and one bronze medal. In the 10 meter pistol event, Farid won gold medal with 571 score, Harsh Gupta also scored 571 but he had to satisfied with the silver medal, DCP Sanjeev Kumar Yadav won bronze with 568 points. 

In the 25 meter center fire individual competition, Arpit Goyal won the gold medal, Rajesh Verma won the silver medal while DCP Sanjeev Kumar Yadav captured the bronze medal. Farid Ali, Arpit Goyal and Amit Kumar Prasad's team won gold medal in the event of this match.

In the 25 meter standard pistol event, Arpit Goyal won the Gold medal on 561 score, silver medal won by Harsh Gupta with 545 points and Farid won the bronze with a score of 535. 

Gold medal of 25 meter rapid fire pistol event won by Arpit Goyal with a score of 574, Amrender Pal Singh Chauhan won silver medal on 535 while Sanjeev Kumar Yadav won bronze medal on 529, Farid Ali was on fourth place with 528 points.
Gold medal of 25 meter rapid fire pistol team event won by, Farid Ali, Arpit Goyal and DCP Sanjeev Kumar Yadav's team,  while Silver Medal went to Prashant Lakra, Amrenderpal Singh and Varun Yadav. 

Among junior shooters, Padmashree Shooter Jaspal Rana's daughter Devanshi Rana won the gold medal of air pistol ISSF event, while Radhika Shukla won gold medal in the 10 meter pistol NR event with 347 points. Anmol Arora scored 270 at the Center Fire Pistol NR event to win the gold medal. Police Families Welfare Society's sponsored young shooters won 9 medals in the competition. 

Sunday, 19 August 2018

सर्वे : भाजपा प्रवक्ता राजीव जेटली जनता की पहली पसंद

सर्वे : भाजपा प्रवक्ता राजीव जेटली जनता की पहली पसंद

फरीदाबाद 19 अगस्त I हरियाणा भाजपा प्रवक्ता राजीव जेटली बने जनता के सबसे पसंदीदा संभावित प्रत्याशी I सोशल मीडिया पर लगभग एक साल से  बड़खल विधानसभा फेसबुक आई डी पर किये जा रहे सर्वे में जिसमे मोजुदा एवं विधायक के साथ साथ बड़े राजनितिक नेताओं के नाम भी डाले गए थे और जनता से अपने पसंद के प्रत्याशी के पक्ष में कमेन्ट के माध्यम से वोट डालने की अपील की थी और लगभग एक साल से जनता अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट कर रही थी.

अब उसी सोशल मीडिया ने वोट के परिणाम घोषित किये जिसमे राजीव जेटली ने प्रथम स्थान हांसिल किया और सोशल मीडिया पर हरियाणा भाजपा प्रवक्ता राजीव जेटली जनता की पहली पसंद बने जिसमे जनता ने सबसे ज्यादा उनके पक्ष में वोट किया 

इस से एक बात तो प्रतीत होती है की जनता अब नये चेहरे को मौका देना चाहती है क्योंकि पीढियां बदल चुकी हैं और नयी पीढ़ी पुरानी परम्पराओं को छोड़ कर ऐसे युवाओं को आगे लाना चाहती है जिसमे राजनितिक सुझबुझ के साथ दूरदर्शिता भी देखी जा सके शायद यही वजह रही की संभावित प्रत्याशियों में राजनितिक और रासुक्दार परिवार से जुड़े युवा को भी नजरअंदाज कर मध्यम वर्ग से आने वाले युवा भाजपा प्रवक्ता राजीव जेटली को सबसे ज्यादा वोट देकर चुना गया        

Thursday, 2 August 2018

दो नाबालिग बहने पहुंची चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर हेमा कौशिक की शरण में

दो नाबालिग बहने पहुंची चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर हेमा कौशिक की शरण में

फरीदाबाद, 2 अगस्त । फरीदाबाद की दो नाबालिग सगी बहनो की मथुरा में उनके ननिहाल में माँ – बाप द्वारा जबरन शादी करवाने का मामला सामने आया है. इस शादी से बचने के लिए नाबालिग बहनो ने मथुरा से भागकर फरीदाबाद स्थित चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर की शरण ली है. यह बच्चियां फरीदाबाद के एक गावं की रहने वाली है और दसवीं और बारवी की परीक्षा हरियाणा बोर्ड से 71 और 72 प्रतिशत अंको से पास कर चुकी है और भविष्य में आगे पढ़ना चाहती है ताकि अपने पैरो पर खड़ी हो सके. फिलहाल चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर महिला थाने की मदद से अब इन्हे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आगे पेश करने की तैयारी कर रहे है. आपको बता दे बीते अप्रैल महीने में भी इन नाबालिग बहनो की जबरन करवाई जा रही शादी रुकवा दी गयी थी लेकिन एक बार फिर उनकी जबरन शादी करवाने की प्लानिंग की जा रही थी जिसके चलते समय रहते यह बच्चियां मथुरा से भागकर फरीदाबाद पहुंच गयी. 

 गौरतलब है की फरीदाबाद के एक गांव के रहने वाली दोनों नाबालिग सगी बहने है और हरियाणा बोर्ड से बड़ी बहन ने 12 की परीक्षा 72 प्रतिशत अंको से पास कर चुकी है जबकि छोटी बहन ने दसवीं की परीक्षा 71 प्रतिशत अंको से पास कर चुकी है. यह  दोनों बहने ही नाबालिग है. जिन्हे इनके माँ – बाप ने मथुरा स्थित ननिहाल में एक कमरे में बंद करके रखा हुआ था जहाँ इनके साथ जबरन शादी करने को लेकर मारपीट भी की जाती थी. अपने आपको शादी से बचाने के लिए यह दोनों बहने मथुरा से भागकर फरीदाबाद स्थित चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर हेमा कौशिक से मिली और मदद की गुहार लगाई। चाइल्ड प्रोटेक्शन 

आफिसर हेमा कौशिक ने बताया की बीते अप्रैल महीने में उन्हें सूचना मिली थी की फरीदाबाद के एक की रहने वाली दो नाबालिग बहनो की उनके माँ – बाप जबरन शादी करने की नियत से उन्हें मथुरा ले गए है इस पर उस समय उन्होंने मथुरा के एएसपी से संपर्क साँधा और इस शादी को रुकवाने के लिए कहा. इस पर मथुरा पुलिस ने इन बच्चियों के ननिहाल पहुंचकर कार्यवाही करते हुए शादी को रुकवा दिया था और बच्चियों के बयान दर्ज कर लिए थे जिसमे इन बच्चियों ने जबरन शादी करवाय जाने की शिकायत दी थी. चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर ने बताते हुए कहा की वह चाहते थे की बच्चियां फरीदाबाद वापिस आये तांकि उनकी निगरानी समय – समय पर की जा सके लेकिन परिजनों ने इन्हे मथुरा ननिहाल में ही रोक लिया था जिसमे वह कुछ नहीं कर सकते थे. लेकिन इस कहानी में दूसरा मोड़ उस समय आया जब एक बार फिर इनके माँ – बाप ने इनकी शादी करने की प्लानिंग कर ली जिसे देख बच्चियां मथुरा से भागकर मदद के लिए उनके पास पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई। 

बच्चियों के अनुसार इनके माँ बाप ने इन्हे वहां कमरे में बंद कर रखा था और इनसे मारपीट भी की जाती थी. अधिकारी ने बताया की अब उन्होंने बल्लभगढ़ महिला थाने में सूचना दे दी है पुलिस के आने के बाद बच्चियों के बयान दर्ज कर इन्हे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आमने पेश किया जाएगा और इन बच्चियों को शेलटर होम में जगह दिलवाई जायेगी। उन्होंने बताया की यह बच्चियां अच्छे अंको से दसवीं और बारवी की परीक्षा पास कर चुकी है और आगे पढ़ना चाहती है. उन्होंने पेरेंट्स से अपील की – कि इतने पढ़ने लिखने वाली बच्चियों को जबरन शादी में न झोंककर इन्हे पड़ने दे और इनका भविष्य खराब न करे. वहीँ अपने भविष्य के सपनो को साकार करने के लिए मथुरा से भागकर आयी

इन दोनों नाबालिग बहनो ने बताया की पहले अप्रैल में उनकी शादी जबरदस्ती मथुरा में करवाई जानी थी जिस पर उन्होंने फरीदाबाद चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर को फोन करके सूचना दे दी थी जिस पर उन्होंने उनकी मदद करते हुए यह शादी रुकवा दी थी और यह नंबर उन्हें स्कूल में एक अवेयरनेस कार्यक्रम के दौरान बताये गए थे जिसे उन्होंने नोट कर लिया था. बच्चियों ने बताया की अब एक बार फिर उनकी जबरन शादी करवाने की तैयारियां की जा रही थी जिसमे उसके माँ – बाप और ननिहाल वालो के अलावा उनके मौसा भी शामिल है. शादी से बचने के लिए वह भागकर यहाँ मदद के लिए आयी है और आगे पढ़ना चाहती है.

इन नाबालिग बहनो की बहादुरी देखकर चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर और पुलिस भी इनकी कायल हो गयी है. जाहिर सी बात है की इन बच्चियों के उठाय गए इस कदम से अन्य नाबालिग बच्चियों को प्रेरणा मिलेगी जिनके माँ बाप उनकी जबरन कम उम्र में शादी करवाकर उनके भविष्य को गर्त में झोंक देते है. 

Sunday, 8 July 2018

बेस्ट फ्लू इन्फ्लुएंजा होम्योपैथी मेडिसिन

बेस्ट फ्लू इन्फ्लुएंजा होम्योपैथी मेडिसिन

फरीदाबाद 9 जुलाई। इन्फ्लुएंजा इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण एक तीव्र ऊपरी श्वसन पथ संक्रमण है, जो विशेष रूप से सर्दी के दौरान दुनिया भर में प्रकोप और महामारी में होता है।

यद्यपि यह अस्थायी रूप से कमजोर पड़ रहा है, फ्लू आमतौर पर स्वस्थ लोगों में एक आत्म-सीमित संक्रमण होता है, जो अधिकांश मामलों में कुछ दिनों के बाद स्वचालित रूप से उपचार करता है।

हालांकि, कुछ जोखिम समूहों में, इन्फ्लूएंजा में अधिक आक्रामक कोर्स हो सकता है, जिससे साइनसिसिटिस, ओटिटिस मीडिया, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और दिल की मांसपेशियों की सूजन और दिल को कवर करने वाली झिल्ली यानी मायोकार्डिटिस और पेरीकार्डिटिस जैसी जटिलताओं का कारण बन सकता है। शिशुओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, immunodeficiency वाले लोगों या पुरानी दिल या फेफड़ों की बीमारियों के साथ समूह गंभीर फ्लू के विकास के सबसे बड़े जोखिम पर समूह हैं

इस लेख में हम इन्फ्लूएंजा के मुख्य लक्षणों और उन लक्षणों के बारे में बात करेंगे जो जटिलताओं की घटना को इंगित करते हैं।

इन्फ्लूएंजा के मुख्य लक्षणों और लक्षणों की सूची जो इस आलेख में संबोधित की जाएगी, निम्नानुसार है:

38ºC से ऊपर, उच्च बुखार।

खांसी

· गले में खरास।

Coriza और sinusitis।

· छींक आना।

· सरदर्द।

· मांसपेशियों में दर्द।

थकावट और कमजोरी।

· भूख में कमी।

उल्टी और दस्त (बच्चों में सबसे आम)।

फ्लू के संकेत और लक्षण
24 से 9 6 घंटों तक की ऊष्मायन अवधि के बाद, फ्लू के संकेत और लक्षण आमतौर पर इतने अचानक प्रकट होते हैं कि कई रोगी बीमारी शुरू होने के ठीक समय बता सकते हैं। शरीर में उच्च बुखार, कमजोरी और दर्द, श्वास, गले में गले और राइनाइटिस जैसे श्वसन संबंधी लक्षण आमतौर पर बीमारी के पहले कुछ घंटों में मौजूद होते हैं।

हालांकि, किसी भी संक्रमण की तरह, इन्फ्लूएंजा की नैदानिक ​​तस्वीर सभी मरीजों के लिए जरूरी नहीं है। बुखार और हल्के लक्षणों के बिना फ्लू के मामले हैं। ऐसे मरीज़ भी हैं जो भूख, कमजोरी और चक्कर आना चाहते हैं।

युवा बच्चे और बुजुर्ग मरीज़ वे होते हैं जो अक्सर अकल्पनीय लक्षण होते हैं, जो आमतौर पर निदान करने के लिए डॉक्टर के लिए कुछ कठिनाई पैदा करते हैं।

असम्बद्ध इन्फ्लूएंजा वाले मरीज़ आमतौर पर दो से पांच दिनों में लगातार सुधार करते हैं, हालांकि इन्फ्लूएंजा चित्र जो 7 दिनों से अधिक समय तक चलते हैं, असामान्य नहीं हैं। कुछ रोगियों ने श्वसन लक्षणों में सुधार किया है, लेकिन वे अभी भी कई दिनों के लिए कमजोरी या थकावट के लक्षणों का अनुभव करते हैं।

फ्लू की जटिलताओं आमतौर पर बीमारी के कुछ दिनों के बाद होती है। आम तौर पर, रोगी सुधार के लक्षण दिखाना शुरू करता है, जैसे बुखार में कमी और श्वसन लक्षणों में कमी, और अचानक, फिर से, नए बुखार स्पाइक्स और सामान्य गिरावट के साथ।

हम आगे समझाएंगे इन्फ्लूएंजा के 10 सबसे आम लक्षण। जाहिर है, मरीजों को उन सभी लक्षणों की आवश्यकता नहीं है जिन्हें हम सूचीबद्ध करने जा रहे हैं; अधिकांश नहीं करते हैं। हालांकि, सूची और आपके लक्षणों के बीच पत्राचार जितना अधिक होगा, उतनी अधिक संभावना है कि आपकी तस्वीर वास्तव में इन्फ्लूएंजा है।

1- उच्च फीवर
बुखार फ्लू के सबसे आम संकेतों में से एक है। यह आमतौर पर 38 डिग्री सेल्सियस और 41 डिग्री सेल्सियस के बीच उच्च होता है, और अचानक शुरू होता है। बच्चों में बुखार 9 5% मामलों में होता है, जिसमें आधा से अधिक रोगी 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान तक पहुंचते हैं। बुजुर्गों में, बुखार कम या यहां तक ​​कि मौजूद नहीं हो सकता है।

विभिन्न प्रकार के वायरस के कारण बुखार के विपरीत जो सर्दी का कारण बनता है, जो आमतौर पर केवल 24 से 48 घंटे तक रहता है, इन्फ्लूएंजा बुखार आमतौर पर 2 से 5 दिनों तक रहता है।

पसीना और ठंड दो संकेत हैं जो अक्सर बुखार के साथ होते हैं। फ्लू के कई व्यवस्थित लक्षण, जैसे शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी, थकावट और भूख की कमी, बुखार उच्चतम होने पर कई बार गहन हो जाती है।

बुखार से जुड़ी जटिलताओं

एक लगातार उच्च बुखार जो 4 या 5 दिनों के बाद सुधार के संकेत नहीं दिखाता है, कुछ जटिलताओं के अस्तित्व का सुझाव दे सकता है। एक और व्यवहार जो जटिलताओं को इंगित कर सकता है वह 1 या 2 दिनों के लिए बुखार में कमी है, यह बताता है कि प्रक्रिया संकल्प में है, इसके बाद उच्च बुखार के नए चोटियों और रोगी की सामान्य स्थिति में बिगड़ती है।

2- COUGH
खांसी एक लक्षण है जो लगभग 80% फ्लू रोगियों में होता है। ज्यादातर मामलों में, खांसी सूखी होती है, लेकिन यह दिनों में प्रत्याशा के साथ उत्पादक बन सकती है।

खांसी बीमारी की शुरुआत में हमेशा मौजूद नहीं होती है और स्थिति के समाधान के बाद गायब होने वाले अंतिम लक्षणों में से एक हो सकती है। अक्सर रोगी के पास कोई अन्य लक्षण नहीं होता है, लेकिन कुछ और दिनों तक सूखी खांसी रखता है।

खांसी को बाधित करने वाली दवाओं का उपयोग इंगित नहीं किया जाता है, क्योंकि वे स्थिति को बढ़ा सकते हैं और जटिलताओं की घटना का पक्ष ले सकते हैं, खासकर यदि रोगी की अपेक्षा है। रोगी को हाइड्रेटेड रखने और स्राव के कमजोर पड़ने के लिए बहुत सारे पानी पीना सबसे सही है। रात्रि खांसी से राहत में शहद प्रभावी प्रतीत होता है।

खांसी से जुड़ी जटिलताओं

संकेतों में से एक जो चल रहे जटिल संकेत दे सकता है
संकेतों में से एक संकेत जो एक चल रही जटिलता का संकेत दे सकता है वह छाती में दर्द, सांस की तकलीफ और उच्च बुखार से जुड़ी बहुत हरी या पीले रंग की प्रत्यारोपण खांसी की उपस्थिति है। इन मामलों में, निमोनिया को रद्द करना आवश्यक है।

3- थ्रेट दर्द
गले की सूजन फ्लू का एक और आम लक्षण है और आम तौर पर बीमारी के पहले दिन मौजूद होती है।

इन्फ्लूएंजा गले में गले को बहुत लाल रंग की फेरींगिटिस की विशेषता है, लेकिन टन्सिल में पुस की उपस्थिति के बिना, जो स्ट्रेप्टोकोकल फेरींगिटिस का एक सामान्य संकेत है।

इन्फ्लूएंजा वाले सभी मरीज़ फेरींगिटिस विकसित नहीं करते हैं, लेकिन उन मामलों में, गले में गले अक्सर गंभीर होते हैं, जिससे ठोस खाद्य पदार्थ निगलने या यहां तक ​​कि लार निगलने में कठिनाई होती है।

4- CoryZA और स्टूफी नोएएस
ठंडा coryza और नाक सर्दी और एलर्जीय rhinitis के विशिष्ट लक्षण हैं। हालांकि, ये लक्षण फ्लू में भी हो सकते हैं, खासकर बच्चों में, जहां वे 80% मामलों में मौजूद हैं।

नमकीन पानी के साथ नाक गुहा धोना अधिक प्रभावी लगता है और प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं के जोखिम नहीं लेता है।

Rhinitis से जुड़े जटिलताओं

राइनाइटिस साइनसिसिटिस में प्रगति कर सकती है, खासतौर पर विचलित सेप्टम या अन्य शारीरिक परिवर्तनों वाले रोगियों में जो परानाल साइनस की बाधा उत्पन्न करती है।

एक साइनसिसिटिस जो 5 से 7 दिनों के बाद सुधार के संकेत नहीं दिखाती है या जो कोई स्पष्ट और पारदर्शी स्राव नहीं छोड़ती है और बुखार और पीले रंग की हो जाती है, जो बुखार या बुखार की वापसी से जुड़ी होती है, बैक्टीरिया साइनसिसिटिस में साइनसिसिटिस वायरल संक्रमण के परिवर्तन को इंगित कर सकती है।

साइनसिसिटिस के साथ, ओटिटिस मीडिया इन्फ्लूएंजा और गंभीर राइनाइटिस वाले मरीजों की जटिलता भी हो सकती है, खासकर बच्चों में।

5- स्नीज़िंग
राइनाइटिस की तरह, छींकना सर्दी और एलर्जी का एक सामान्य लक्षण है, लेकिन यह फ्लू में भी मौजूद हो सकता है।

छींकने से संबंधित कोई जटिलता या विशिष्ट उपचार नहीं है।

6- हेडैच
बच्चों की तुलना में वयस्कों में फ्लू-जैसे सिरदर्द एक आम लक्षण है। यह आमतौर पर उन रोगियों में अधिक गंभीर होता है जो साइनसिसिटिस विकसित करते हैं या जब बुखार अधिक होता है।

दर्द खोपड़ी में फैल सकता है या आंखों के चारों ओर या गर्दन के नाप के क्षेत्र में अधिक स्थानीयकृत हो सकता है।

यदि कोई विरोधाभास नहीं है, तो दर्द को नियंत्रित करने के लिए आम एनाल्जेसिक या एंटी-इंफ्लैमेटरीज का उपयोग किया जा सकता है। शांत और मंद प्रकाश वाले स्थान आमतौर पर कुछ राहत लाते हैं।

7- मस्तिष्क दर्द
पूरे शरीर में मांसपेशी दर्द वयस्कों में एक सामान्य फ्लू लक्षण है, लेकिन यह केवल बच्चों के एक छोटे से हिस्से में मौजूद है।

निचले हिस्से, बाहों और पैरों की मांसपेशियों को अक्सर सबसे ज्यादा प्रभावित किया जाता है। मांसपेशियों के अलावा, जोड़ भी दर्द हो सकता है।

मांसपेशी दर्द एक सामान्य फ्लू लक्षण है। सर्दी में, यह असामान्य है, और जब मौजूद है, आमतौर पर कमजोर है।

8- थकान और कमजोरी
थकान की कमी और ताकत की कमी सर्दी के संबंध में एक सामान्य फ्लू लक्षण भी है। थकान सभी उम्र में होती है, लेकिन यह बच्चों में अधिक ध्यान देने योग्य है, खासकर जब बुखार अधिक होता है।

थकावट एक लक्षण है जो तस्वीर में जल्दी दिखाई देता है और उपचार के कई दिनों तक रह सकता है। कुछ रोगी 3 सप्ताह तक ताकत और मनोदशा की कमी की भावना की रिपोर्ट करते हैं।

थकान से जुड़ी जटिलताओं

इन्फ्लूएंजा की एक दुर्लभ जटिलता मायोकार्डिटिस है, जो दिल की मांसपेशियों की सूजन है। एक मरीज, जो फ्लू को ठीक करने के कुछ दिनों के बाद, फिर से तीव्र थकान, सांस की तकलीफ और पैरों में सूजन की प्रगतिशील बीमारी के साथ प्रस्तुत करता है, कार्डियक भाग के लिए मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

9- भूख की कमी
बीमारी के पहले 48 घंटों में भूख की कमी बहुत आम है, खासतौर पर उस चरण के दौरान जब बुखार उच्चतम होता है।

आपको बेताब सोचने की ज़रूरत नहीं है कि रोगी को हर कीमत पर खाना चाहिए। पहले दो दिनों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रोगी को हाइड्रेटेड रखना है। भूख आमतौर पर धीरे-धीरे लौटती है।

जो रोगी अच्छी तरह से भोजन नहीं कर रहा है, उसके लिए सबसे अच्छी रणनीति यह है कि बुखार सबसे कम होने पर भोजन की पेशकश करना है।

10- वोटिंग और डायरेरिया (इन्फैंट्स में सबसे ज्यादा कॉमन)
उल्टी, दस्त और पेट दर्द वायरल उत्पत्ति के गैस्ट्रोएंटेरिटिस के लक्षण हैं, लेकिन शायद ही कभी वयस्क फ्लू में होते हैं।

हालांकि, 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लगभग 10% फ्लू के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण हैं। उल्टी आमतौर पर अतिसार से अधिक आम है।

उल्टी और दस्त से जुड़ी जटिलताओं

निर्जलीकरण मुख्य जटिलता है जो उल्टी और / या दस्त का अनुभव करने वाले बच्चों में हो सकती है। घर का बना सीरम या मौखिक रिहाइड्रेशन सेरा इन तस्वीरों के इलाज और रोकथाम के सबसे उपयुक्त तरीके हैं।


1. एकोनाइट नेपेलस: फ्लो के पहले चरण के लिए एकोनाइट सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा है। एकोनाइट रोगी फ्लू के लक्षण बहुत जल्दी आते हैं, और रोगी बहुत चिंतित और बेचैन होता है। शुष्क, ठंडी हवा के संपर्क से बीमारी। शिखर और ठंडी तरंगें शरीर के माध्यम से उच्च बुखार के साथ गुजरती हैं।

2. आर्सेनिकम एल्बम: रोगी गर्म चेहरे और शरीर की ठंड के साथ चिंता और बेचैनी से भरा है। शारीरिक तनावहीनता के कारण कई बार थकावट के साथ रोगी पतन हो जाता है। बुखार के बाद ठंड और कठोरता के साथ मतली, उल्टी और दस्त की रोगी शिकायतें। रोगी को पानी के छोटे सिप्स के लिए प्यास है और कंपनी चाहता है। मृत्यु का बहुत डर है।


3. बेलाडोना: फ्लू की अचानक शुरुआत की रोगी शिकायत। पतले विद्यार्थियों और चमकीले आंखों के साथ गर्म, लाल चेहरे की रोगी शिकायत। बहुत गंभीर थ्रोबिंग सिरदर्द की रोगी शिकायत जो गति से भी बदतर हो जाती है। मरीज को पानी के लिए बहुत कम या प्यास के साथ बुखार होता है। शरीर गर्म होने के बावजूद हाथों और पैरों की बर्फीली ठंडीता। बुखार के साथ Delirium। सभी इंद्रियों की संवेदनशीलता से अधिक, इसलिए रोगी प्रकाश, या छूने और शोर के लिए और भी बुरा महसूस करता है। लक्षण 3 बजे खराब हो जाते हैं।


4. ब्रायोनिया अल्बा: फ्लू की रोगी शिकायतों जो धीरे-धीरे सेट होती है और धीरे-धीरे प्रगति करती है। रोगी बहुत चिड़चिड़ाहट है और अकेले रहना पसंद करता है। उनके सभी लक्षण, संयुक्त या मांसपेशियों में दर्द से अलग, आंदोलन से भी बदतर हैं और आराम से बेहतर हैं। रोगी बड़ी मात्रा में पानी के लिए बहुत प्यास है, और जूल में पीते हैं। रोगी को त्वचा की सूखापन की भी शिकायतें, लेपित जीभ के साथ, होंठ टूट जाते हैं। बाएं पक्षीय गंभीर सिरदर्द जो गति के साथ बढ़ता है। बुखार के दौरान डिलिरियम, मरीज घर जाना चाहता है हालांकि वह पहले से ही घर पर है।


5. जेल्समियम: गेल्सिमियम सबसे अच्छी होम्योपैथिक दवा है जहां फ्लू के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं। रोगी की भारीता, कमजोरी की शिकायतें। रोगी बहुत सुस्त और सुस्त है। कमजोरी के साथ कमजोरी है।


 6. यूपेटोरियम पेरोफियाटियम: फ्लू के दौरान मांसपेशियों और हड्डियों में उच्च बुखार और गंभीर दर्द की रोगी शिकायतें। रोगी को लगता है जैसे उसकी हड्डियां टूट गई हैं। रोगी ठंडा है, लेकिन शीतल पेय की इच्छा है। ठंडा होने से ठीक पहले बहुत प्यास है। बुखार के साथ गंभीर सिरदर्द की रोगी शिकायतें। लक्षण 7 से 9 बजे के बीच बढ़ जाते हैं। शरीर में दर्द और शव पूरे रीढ़ की हड्डी को ऊपर और नीचे चलाते हैं। सिरदर्द की रोगी शिकायतें जो पीछे से शुरू होती हैं और अपने माथे पर विकिरण करती हैं।