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Friday, 12 March 2021

एफआईए एवं मैट्रो अस्पताल फरीदाबाद ने संयुक्त रूप से शुरू किया स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

एफआईए एवं मैट्रो अस्पताल फरीदाबाद ने संयुक्त रूप से शुरू किया स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

 

फरीदाबाद, मार्च 13  I एफआईए एवं मैट्रो अस्पताल फरीदाबाद में कार्यरत विभिन्न उद्योगों एवं कंपनियों के कर्मचारियों को स्वास्थ्य जागरूक बनाए के लिए शुरू किया"एफआईए - मैट्रो स्वास्थ्य जागरूकता अभियान"

पदम विभूषण ,पदम भूषण बीसीरॉय से सम्मानित मैट्रो अस्पताल के चेयरमैन डॉक्टर पुरषोत्तम लाल ने बताया कि" विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व के बहुत सारे देशों में आधे से ज्यादा कर्मचारी अनौपचारिक क्षेत्र के उद्योगों में कार्यरत है, और यह सब किसी स्वास्थ्य बीमा या सुविधा के अंतर्गत नहीं आते।

एक अनुमान के मुताबिक विकास शील देशों में लगभग सवा करोड़ लोग हर साल नॉन कम्युनि के बल डिसीज़ आधारित लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों से अपनी जान से हाथ धो बैठते है।"




फ़रीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रेसिडेंट श्री बीआर भाटिया ने इस मौके पर बताया किएक कर्मचारी औसतन अपना एक तिहाई जीवन अपने कार्य स्थल पर गुजारता है।कर्मचारियों की सेहत का किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध है।कार्य क्षेत्र पर उपस्थित विभिन्न प्रकार के जोखिम जैसे किगर्मी, शोर, धुल, रसायन, मशीन, स्ट्रेस इत्यादि बीमारियों को बढ़ाती है।कर्मचारी जोकि स्ट्रेस एवं इस परिस्तिथियों 




में कार्य के उपरांत उनके धूम्रपान करने, व्यायामना कर ने एवं अस्वस्थ भोजन कर ने की संभावना को बढ़ाते है।"

मैट्रो अस्पताल फरीदाबाद के मेडिकल डारेक्टर एवं डाइरेक्ट रइंटरवेंशनल का र्डियोलॉजिस्ट डॉनी रज जैन ने बताया कि"विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हृदय रोग, सुनन ने की क्षमता में कमी, चर्मरोग, लंग कैंसर, उच्च रक्त चाप, मधुमेह आदि बीमारियां कार्य स्थल से जुड़ी हैं ।इस कारण यह बहुत भी जरूरी है कि कर्मचारी अपनी स्वास्थ्य जीवन शैली खान पान के प्रति जागरूक रहें। इसके लिए उन्हें अपनी दिन चर्या में सैर एवं व्यायाम, धूम्र पान पर सख्त रोक,अपने वजन पर कंट्रोल,४० साल से ऊपर के लोगों को साल में एक बार ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर एवं सामान्य ख़ून की जाँच जरूर कराए ।यदि शरीर के को ई दर्द, गांठ, साँस फूलना आदि का कोई लक्षण देखें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि समय पर लीस लाह ईलाज़ पर खर्च एवं जीवन दोनों को बचाता है।"






मैट्रो अस्पताल के सीओओ एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मंजिन्दर भट्टी ने बताया कि"इन्हीं तथ्यों को देखते हुए एफआईए फ़रीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं मैट्रो अस्पताल फ़रीदाबाद ने फ़रीदाबाद में कार्यरत निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए स्वास्थ्य जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।इस अभियान के अंतर्गत फ़रीदाबाद की निजी कंपनियों के कर्मचारियों की जांच मैट्रो अस्पताल के डॉक्टरों की टीम अगले साल में करेगी।फरीदाबाद में ४०० से ज्यादा उद्योग एवं इनमें  ४० लाख कर्मचारी काम करते है ।"

 

 

 जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन

फरीदाबाद, 13 मार्च - जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा भारत विकास परिषद (बीवीपी), फरीदाबाद और रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आज विश्वविद्यालय परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया है। रक्तदान शिविर सुबह 9.30 बजे शुरू हुआ, जिसका शुभारंभ एसडीएम, फरीदाबाद परमजीत चहल और कुलपति प्रो. दिनेश कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने शिविर में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को नियमित रक्तदान के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर कुलसचिव डाॅ. एस. के. गर्ग, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष अशोक गोयल, अन्य अधिकारी राज कुमार अग्रवाल, दिनेश गर्ग, एनएन बंसल, दिनेश गर्ग, राकेश गुप्ता, अजय अग्रवाल, जिला रैड क्राॅस के सहायक सचिव बिजेन्द्र सरौत, इशान कौशिक तथा विमल खण्डेलवाल भी उपस्थित थे। परिषद् के पदाधिकारियों ने भी स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया।

रक्तदान शिविर में विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में 150 से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने रक्तदान किया, जिसमें छात्राओं की भागीदारी उत्साहजनक रही। प्रतिभागियों को रक्तदान के उपरांत प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये। शिविर का संचालन विश्वविद्यालय के यूथ रेड क्रॉस समन्वयक सुशील कुमार द्वारा किया गया।




कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान शिविर का आयोजन अपने आप में शिक्षा का हिस्सा है, जो विद्यार्थियों को ‘देने के सुख’ की अनुभूति करवाता है और दूसरों के लिए मदद करने के लिए आगे आने की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान की समाज की एक बड़ी सेवा है। इसके द्वारा काफी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकती है, खासकर ऐसे लोग जोकि किसी कारणवश दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। 

कुलसचिव डाॅ. एस. के. गर्ग ने कहा कि रक्तदान के लाभकारी पहलुओं को लेकर युवाओं को शिक्षित करने और सुरक्षित रक्त संचार के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन करता है और उन्हें स्वैच्छा से रक्तदान करने के लिए प्रेरित करता है।

डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. लखविंदर सिंह, डिप्टी डीन डॉ अनुराधा पिल्लई और निदेशक युवा कल्याण डॉ प्रदीप डिमरी ने शिविर के संचालन में सहयोग देने के लिए भारत विकास परिषद और रेड क्रॉस के अधिकारियों का आभार जताया।

Monday, 8 March 2021

1500 women administered COVID19 vaccine for free at Fortis Hospitals on Women’s Day

1500 women administered COVID19 vaccine for free at Fortis Hospitals on Women’s Day

FARIDABAD : 8th March 2021: Celebrating International Women’s Day, Fortis Healthcare – one of the largest healthcare providers in India, vaccinated more than 1500 women for free across their network. The candidates were selected as per government specified qualifiers. The vaccination took place in Delhi, NOIDA, Faridabad, Gurugram, Mumbai, Bengaluru, Chennai, Kolkata, Mohali, Jaipur and Ludhiana.

 

Dr Ashutosh Raghuvanshi, Managing Director and CEO, Fortis Healthcare shared, “Women play a stellar role both at work and home. At Fortis Healthcare, women account for around 60% of the workforce and play an integral role in the success of the organization, as clinicians, healthcare workers, frontline staff, and others. Women’s health has always been a priority us and todays gesture of providing free vaccination to women was an expression of our gratitude. We wish every woman in India success and good health on International Women’s Day”.   


 

Sharing her experience, daughter of a 66-year-old senior citizen said, “This is a great initiative undertaken by Fortis Healthcare to provide free vaccinations to women across India on the occasion of International Women’s Day. I urge everyone to get themselves vaccinated. My mother is elderly and a patient of rheumatoid arthritis, often in pain with frozen shoulders. The hospital staff was empathetic of her condition and the vaccination process was smooth and efficient. Every woman sitting in the room was filled with positivity and warmth”.

Friday, 3 April 2020

आइसोलेशन में  1106  यात्रियों के 103 की रिपोर्ट नेगेटिव , 6 के सैंपल पॉजिटिव : डॉ राम भगत

आइसोलेशन में 1106 यात्रियों के 103 की रिपोर्ट नेगेटिव , 6 के सैंपल पॉजिटिव : डॉ राम भगत

 फरीदाबाद, 3 अप्रैल I उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी-कोरोना डा. रामभगत ने बताया कि जिला में अब तक 1088 यात्रियों को सर्विलांस पर लिया जा चुका है, जिनमें से 156 लोगों का निगरानी में रखने का 28 दिन का पीरियड पूरा हो चुका है। शेष 932 लोग अंडर सर्विलांस हैं। कुल सर्विलांस में रखे गए लोगों में से 1082 होम आइसोलेशन पर हैं। अब तक 169 लोगों के सैंपल लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 103 की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है तथा 60 की रिपोर्ट आनी शेष है। अब तक 6 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं जिनमें से ठीक होने के बाद एक को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है तथा पांच अस्पताल में दाखिल हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला में सरकारी व निजी अस्पतालों में 34 आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें 1040 बेड की क्षमता की गई है। उन्होंने बताया कि ब्व्टप्क्-19 के संदिग्ध व कंफर्म मामलों के परिवहन के लिए सभी सुविधाओं से युक्त दो एम्बुलेंस तैयार की गई हैं। जिला स्तर पर सभी मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को ब्व्टप्क्-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार पर्यावरण स्वच्छता और शुद्धीकरण के बारे में सरकारी व निजी विभागों के कर्मचारियों को दैनिक आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की पृष्ठभूमि को देखते हुए आम जनता को सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी हिदायतों की अनुपालना करने की सलाह दी जाती है। लोगो को ध्यान रखना चाहिए कि खाँसी व छींकते समय रूमाल या तौलिया का उपयोग अवश्य करें, हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते रहें। जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों व सभाओं में जाने से बचें। जिन लोगों ने हाल ही में कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा की है, उन्हें राष्ट्रीय, राज्य या जिला हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देनी चाहिए, उन्हें भारत में आगमन की तारीख से 28 दिनों के लिए सभी से अलग रहना है और किसी से भी स्पर्श करने से बचना है, भले ही उसमें कोई लक्षण न हों।

जेसीबी इंडिया ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के साथ साझेदारी

जेसीबी इंडिया ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के साथ साझेदारी

 फरीदाबाद : 3 अप्रैल : अर्थमूविंग एवं कंस्‍ट्रक्‍शन इक्विपमेंट बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी, जेसीबी इंडिया लिमिटेड ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद के साथ साझेदारी की है। इस परियोजना को जेसीबी इंडिया के सीएसआर इनिशिएटिव से आंशिक रूप से वित्‍त घोषित  किया जाएगा। कंपनी पीपीई, दवाइयां, टेस्टिंग किट, सिक्युरिटी सूट्स तथा डॉक्टरों और स्वास्थ्य रक्षा में जुटे कर्मचारियों के लिए कंज्‍यूमेबल्‍स बनाने हेतु फंड जुटाने के लिए पूरी तरह से  प्रतिबद्ध है। इससे कोविड-19 प्रकोप के दौरान फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में इस बीमारी से प्रभावित मरीजों को पूरी तरह से मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारियों में संयुक्त रूप से तेजी आएगी।  

जेसीबी इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक सुबीर कुमार चौधरी ने इस साझेदारी पर टिप्‍पणी करते हुए कहा, “हमने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने, उसके प्रभाव को कम से कम करने के लिए कई स्तरों पर एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के साथ मिलकर रणनीति बनाने की शुरुआत की है ताकि कोविड-19 से पीड़ित मरीजों की मदद की जा सके। कंपनी के मूल्यों को ध्यान में रख कर यह रणनीति अपने संचालन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों की मदद करने के लिए तैयार की गई है। हमें पूरा विश्वास है कि इस साझेदारी से फरीदाबाद के लोगों को कोरोनावायरस के इलाज के लिए जरूरी सहयोग मिलेगा, जहां भारत में हमारा मुख्‍यालय स्थित है। हम इस तरह की पहल को अन्य क्षेत्रों में भी करने के बारे में सक्रियता से सोच रहे हैं, जहां हमारी दूसरी फैक्ट्रियां स्थित हैं। एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज फरीदाबाद में सबसे बड़ा प्राइवेट अस्पताल है, जिसकी क्रिटिकल केयर यूनिट सबसे बड़ी है जोकि हरियाणा से लेकर पलवल, होडल और मेवात तक को कवर करती है। इसलिए यह महत्‍वपूर्ण है कि कोरोना वायरस की संभावित थर्ड स्टेज में इस क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इस अस्पताल में भेजा जाएगा।

एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. एन. के. पांडे ने बताया, “हमने फिलहाल हमारे इमरजेंसी फ्‍लोर को कोविड-19 ट्राइएज और आइसोलेशन सेंटर में बदल दिया है (इस तरह यह वॉर्ड अस्पताल के बाकी विभागों से अलग है)। यहां कम, ज्‍यादा और बहुत ज्‍यादा गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों के लिए अलग-अलग क्षेत्र हैं। इस क्षेत्र में कम से कम 14 दिन की शिफ्ट करने वाले सभी स्टाफ कर्मियों को आवासीय सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। इस फ्लोर को आधुनिक मेडिकल उपकरणों और सपोर्ट सिस्टम जैसे वेंटिलेटर्स, सीपीएपी, बीआईपीएपी, डिफिब्रिलेटर्स, ब्रोकेंस्कोपी और एक्सरे जैसी सुविधाओं से पहले से ही लैस किया जा चुका है। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए प्रभावी और गंभीर कदमों के अलावा हम यहां पर कोरोना वायरस के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी कर रहे हैं।” 

जेसीबी इंडिया के विषय में :
जेसीबी इंडिया लिमिटेड भारत में पिछले चार दशकों से अर्थमूविंग एवं कंस्‍ट्रक्‍शन इक्विपमेंट की अग्रणी विनिर्माता है। इसकी फरीदाबाद (बल्‍लभगढ़), पुणे और जयपुर में विनिर्माण सुविधायें हैं। कंपनी हमेशा से अपनी सभी फैक्ट्रियों के आसपास रहने वाले समुदायों के प्रति प्रतिबद्ध रही है। भारत में जेसीबी इंडिया ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम का प्रतीक है। वर्तमान में यह आठ श्रेणियों में 60 से ज्यादा अलग-अलग प्रॉडक्ट्स का निर्माण करती हैं। इन उत्‍पादों को 100 से ज्यादा देशों को निर्यात किया जाता है। जेसीबी का यूके से बाहर पुणे में सबसे बड़ा डिजाइन सेंटर है जहां ये भविष्‍य के लिए आकर्षक नई तकनीकों को विकसित करती है। यह उत्‍पादन में महिलाओं को शामिल करने में भी अग्रणी है और इसकी जयपुर फैक्‍ट्री में शॉप कर्मचारियों में लगभग 34 प्रतिशत महिलाएं हैं। अपनी सीएसआर पहलों के माध्‍यम से, जेसीबी इंडिया समुदायों के साथ भी काम कर रहा है ताकि एक बेहतर जिंदगी को बढ़ावा दिया जा सके। वर्ष 2000 में लेडी बैमफोर्ड चैरिटेबल ट्रस्‍ट (एलबीसीटी) सेट-अप ने अपनी बल्‍लभगढ़ फैक्‍ट्री के पास एक स्‍कूल की मदद कर कंपनी की सीएसआर यात्रा को आरंभ किया। लगभग दो दशक बाद कंपनी की सीएसआर पहलों ने तीन इन-हाउस फाउंडेशन और चार सस्‍टेनेबल डेवलपमेंट गोल्‍स का विस्‍तार किया, और उन समुदायों तक पहुंच बनाई जिसमें महिलायें, किशोर लड़कियां, बच्‍चे, गांव के कारीगर और युवा शामिल हैं।

ये पहलें 15 हजार से अधिक स्‍टूडेंट्स तक पहुंच बनाती हैं और उन्‍हें क्‍वालिटी एजुकेशन प्रदान करती हैं। साथ ही बाजार पहुंच एवं उत्‍पादन दक्षताओं के साथ 2,000 से अधिक कारीगरों एवं महिला समूहों को भी कवर करती हैं। इसके द्वारा 50 पंचायतों को भी सहयोग दिया जा रहा है और उन्‍हें गुणवत्‍तापूर्ण परियोजनाओं तक पहुंच मुहैया कराई जा रही है। जेसीबी इंडिया ने दो अग्रणी एवं अभिनव सीएसआर परियोजनायें भी शुरू की हैं, नीला हाउस, जोकि जयपुर में क्राफ्‍ट के लिए सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस हैं और साहित्‍य के लिए वार्षिक पुरस्‍कार – जेसीबी प्राइज़ फॉर लिट्रेचर जोकि भारतीय लेखकों द्वारा फिक्‍शन के प्रतिष्ठित कार्य का जश्‍न मनाता है।