Previous
Next

Friday, 27 February 2026

 संतुलित विकास और जवाबदेह शासन की प्रतिबद्धता सदन में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल का तथ्यपूर्ण उत्तर

संतुलित विकास और जवाबदेह शासन की प्रतिबद्धता सदन में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल का तथ्यपूर्ण उत्तर

पृथला उप मंडल प्रस्ताव पर जनगणना के बाद होगा निर्णय प्राकृतिक आपदा मुआवजा वितरण में तेजी और एमसीएफ कार्यालय हेतु नई निविदा प्रक्रिया शुरू



हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने विभिन्न जनहित विषयों पर सदन में सरकार का पक्ष विस्तारपूर्वक और तथ्यात्मक रूप से रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह नायब सैनी की सरकार है जो सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ प्रदेश को आगे बढ़ा रही है और हर निर्णय जनहित को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।

पृथला विधायक रघुवीर तेवतिया द्वारा पृथला गांव को उप मंडल बनाए जाने संबंधी प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस विषय पर कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। 30 सितंबर 2025 को इस संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था। जिन चार गांवों का उल्लेख किया गया है उनमें से किसी को भी उप मंडल बनाने की कोई योजना फिलहाल प्रस्तावित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय जनगणना की प्रक्रिया संचालित हो रही है जो आगामी दो वर्षों में पूर्ण होगी। जनगणना के आंकड़ों और प्रशासनिक औचित्य के आधार पर यदि आवश्यकता महसूस की गई तो सरकार इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी क्षेत्र की उपेक्षा नहीं करती बल्कि ठोस आंकड़ों और संतुलित विकास की नीति के आधार पर निर्णय लेती है।

मंत्री ने कहा कि नायब सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में सवा वर्ष के भीतर आधारभूत संरचना सड़क नेटवर्क शहरी सुविधाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। यह प्रगति हरियाणा को नई दिशा देने वाली सिद्ध हो रही है। सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं बल्कि योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना है ताकि नागरिकों को वास्तविक लाभ मिल सके।

प्राकृतिक आपदा से जुड़े कांग्रेस विधायक के प्रश्न पर मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की पुनः जांच कराई गई है। जिन पात्र नागरिकों को तकनीकी कारणों या बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं के चलते मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हो पाई है उनके समाधान के लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पिछले सप्ताह सभी संबंधित पटवारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रभावित व्यक्तियों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचें और लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करें। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति राहत से वंचित न रहे और सहायता राशि पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।

वल्लभगढ़ क्षेत्र में एमसीएफ कार्यालय से जुड़े प्रश्न पर मंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव हाई पावर परचेज कमेटी के समक्ष आया था। निविदा दर अपेक्षाकृत अधिक पाए जाने और अनुबंध की शर्तें उपयुक्त न होने के कारण प्रस्ताव को पुनः निविदा प्रक्रिया के लिए वापस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नायब सैनी सरकार वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं करती। जनधन की रक्षा और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। नई निविदा के माध्यम से कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

अपने संबोधन में मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह सरकार संवेदनशील भी है और निर्णायक भी। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करता रहेगा तथा नागरिकों के जीवन स्तर में निरंतर सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करेगा।

Saturday, 21 February 2026

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार



*- एआई के क्षेत्र में बिहार के नवाचार देखकर दुनिया दंग*

*केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी की सराहना*

*नई दिल्ली, 21 फरवरी।*

देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हुए बिहार ने टेक्नोलाजी की दुनिया में भी बेहद मजबूती के साथ अपना कदम रखा है। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार पैवेलियन न सिर्फ देश के विकसित राज्यों के, बल्कि दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका  है। यहाँ एआई के इस्तेमाल की जो झलक पेश की गई है, उसे देखकर दुनिया दंग है। 

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन दिवस पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया।

अपने भ्रमण के दौरान माननीय मंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की। इन नवाचारों में सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान तथा नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार द्वारा प्रस्तुत डिजिटल पहलों से यह स्पष्ट है कि राज्य सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए महेश ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। महेश बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं और उनका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा बिहार में ही हुई है। उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने विगत मंगलवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। उन्होंने कहा कि एआई के जरिये बिहार मुख्यत: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ चुका है। 

*बिहार के किसान करेंगे अब “स्मार्ट खेती”*

महेश बताते हैं कि कृषि के लिए बिहार अब “स्मार्ट खेती” की तरफ अग्रसर है। एआई किसानों के लिए एक डिजिटल सलाहकार के रूप में उभर रहा है।  सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे। किसान ई-मित्र जैसे एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल की बीमारियों को पहचान कर उनका समाधान बता रहा है। इतना ही नहीं, एआई आधारित मॉडल मौसम की सटीक भविष्यवाणी करते हैं और किसानों को बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर बेहतर कमाई में मदद करेंगे। 

*एआई से होगी बीमारियों की पहचान और इलाज*

इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में "हर घर तक इलाज" के लिए एआई अस्पताल की दूरी और सुविधाओं की कमी को खत्म कर रहा है। अब बीमारियों का त्वरित इलाज के लिए उपकरण जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन का कुछ क्षणों में ही विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इसी तरह, एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है।

*एआई से बढ़ेगी छात्रों में सीखने की क्षमता*

एक अन्य प्रतिभागी दीपक बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई हर छात्र की सीखने की क्षमता के हिसाब से बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा। उन्हें इंटर्नशिप देकर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा।  


*बहुभाषी रोबोट देगा किसी भी भाषा में आपके सवालों का जवाब*
  
बिहार पैवेलियन में बहुभाषी रोबोट सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस रोबोट के जरीय रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों या होटलों में रेसेप्सनिस्ट का काम लिया जा सकता है। यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और उससे बात करने वालों के सभी सवालों का उनकी ही भाषा में जवाब दे सकता है। बिहार पैवेलियन में एआई के ऐसे संसाधन भी मौजूद हैं जो बिना बिना मानव बल के कचरा साफ़ करने, बड़े-बड़े नालों की सफाई में सक्षम है।    

*लोकतंत्र का आधुनिकीकरण*

बिहार पैवेलियन में मौजूद बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार यानी चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में मतगणना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। उन्होंने मतगणना में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि मतगणना को निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार है। इसमें एआई के जरिये मतगणना स्थल के अंदर की सभी जानकारी मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोग देख सकते हैं। इतना ही नहीं, मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए भी अब एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जा सकता है।

Thursday, 19 February 2026

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर


*नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर निगम सख्त - धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर* 

 **सभी जॉइंट कमिश्नर को निर्देश 7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद,* 
 *ओल्ड नगर निगम क्षेत्र में अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई के निर्देश*

 *गोबर निस्तारण का प्रबंध न होने पर लगेगा जुर्माना**  

फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त ( कमिश्नर) धीरेंद्र खड़गटा के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है कि नगर निगम क्षेत्र, विशेषकर अनधिकृत कॉलोनियों में कुछ लोग डेयरियां चला रहे हैं तथा पशुओं का गोबर खुले स्थानों, सड़कों, नालियों एवं सीवर लाइनों में फेंक रहे हैं, जिससे सीवर लाइनों की स्वच्छता क्षमता प्रभावित हो रही है।
 इसके कारण सीवर ओवरफ्लो की समस्या शहर में बन रही है,इसके अतिरिक्त दुर्गंध, बीमारियों का फैलाव एवं जन स्वास्थ्य के लिए भी ये हानिकारक बनती जा रही है।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मेयर कैंप ऑफिस में मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी  
कि अध्यक्षता में फरीदाबाद 89 एरिया के अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक के बाद अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा साथ ही सीवर लाइनों में गोबर के कारण मीथेन गैस बनने से सीवर सफाई कर्मचारियों के जीवन पर भी खतरा बना रहता है।
इन समस्याओं की रोकथाम के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा कैटल डंग मैनेजमेंट पॉलिसी लागू की गई है,जिसके अंतर्गत पशु गोबर का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य किया गया है। 
तो उसके विरुद्ध हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा और भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। 

निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने सभी जॉइंट कमिश्नर को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और निर्देश दिए हैं कि शहर में चल रही ऐसी  डेरीयों का 7 दिन में सर्वे कराया जाए अवैध और बिना परमिशन के चलने वाली डेरियों पर  सीलिंग की कार्रवाई की जाए। साथ-साथ यदि गोबर निस्तारण इत्यादि का उचित प्रबंध न मिले तो जुर्माना किया जाए। इस मौके पर उन्होंने ओल्ड जोन में अवैध कब्जों की शिकायतों को भी तुरंत प्रभाव से दूर करने और कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

Tuesday, 10 February 2026

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में एआई कॉन्क्लेव 2026 आयोजित

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में एआई कॉन्क्लेव 2026 आयोजित


राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में एआई की क्रांतिकारी भूमिका-प्रोफेसर दिनेश कुमार 



गुरुग्राम। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उच्च शिक्षा को और अधिक नवाचारी और रोजगारपरक बनाएगा। एआई बहुत शक्तिशाली होता जा रहा है। राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में भी एआई की क्रांतिकारी भूमिका है। वह मंगलवार को गुरुग्राम स्थित विश्वविद्यालय के ट्रांजिट कैंपस में एआई कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे। इस कॉनक्लेव में इंडस्ट्री से कई एआई एक्सपर्ट ने हिस्सा लिया। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अतिरिक्त गुरुग्राम और पलवल के विभिन्न स्कूलों के 150 से भी अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हुए। विद्यार्थियों के एआई आधारित स्मार्ट प्रोजेक्ट इस कॉन्क्लेव में मुख्य आकर्षण रहे। 
यह कार्यक्रम भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय पहल “एआई फॉर आत्मनिर्भर भारत: एचईआई प्री-समीट एंगेजमेंट्स” का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन सेल एवं एएआईसीटीई द्वारा किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य एआई जागरूकता, बुनियादी कौशल, जिम्मेदार उपयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है। साथ ही छात्रों एवं शोधकर्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उभरते अकादमिक एवं करियर मार्गों के लिए तैयार करना है।
मुख्य अतिथि के रूप में कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि एआई के कारण भविष्य में रोल और स्किल सेट तेजी से बदलने वाले हैं। एआई के सदुपयोग से बड़ा बदलाव आने जा रहा है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि डिजाइनिंग से लेकर फैब्रिकेशन तक भारत आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। 
कंप्यूटर साइंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की चेयरपर्सन प्रोफेसर ऊषा बत्रा ने शोध एवं अकादमिक लेखन में एआई की भूमिका पर गहन व्याख्यान दिया। न्यूरोवेंत्रा टेक्नोलॉजीज के सह संस्थापक एवं निदेशक वेंकटेश भारती ने वास्तविक जीवन में प्रभाव डालने वाले एल्गोरिदम की बारीकियां समझाईं। ओरेकल एआई क्लाउड सॉल्यूशंस की एसोसिएट डायरेक्टर ज्योति कटारिया ने जेनरेटिव एआई सर्विसेज की दुनिया के विविध आयामों पर व्याख्यान दिया। वहीं विप्रो के टेक्निकल लीड प्रणव कुमार ने डेटा से निर्णय तक की पूरी यात्रा पर प्रकाश डाला। 
इस अवसर पर ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही, इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज, प्रोफेसर जॉय कुरियाकोज़े, डॉ. मोनिका जांगड़ा, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. शिव कुमार। अनु चौधरी, माधुरी, नीरज कुमार, एवं सोनल गर्ग उपस्थित थे।

Saturday, 7 February 2026

2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका” : जे.पी. नड्डा

2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका” : जे.पी. नड्डा



*- 2,150 विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्रियाँ*

फरीदाबाद, 7 फरवरी। 
भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवहन कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मानव रचना शिक्षण संस्थान में दीक्षान्त समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर सभी डिग्रीधारकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके परिश्रम, अनुशासन और निरंतर मेहनत का परिणाम बताया। मानव रचना विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच स्नातक एवं परास्नातक के 2150 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में उपायुक्त आयुष सिन्हा, फरीदाबाद एसडीएम अमित कुमार, विश्व विद्यालय की चीफ पैटर्न सत्या भल्ला, कुलाधिपति डॉ प्रशांत भल्ला और उपाध्यक्ष डॉ अमित भल्ला भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थी शैक्षणिक ज्ञान नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों से युक्त व्यक्तित्व के निर्माण पर बल दिया जाता है। आज आप ऐसे समय में समाज में प्रवेश कर रहे हैं जब देश अमृत काल के दूसरे चरण में है और आने वाले 25 वर्ष आपकी भूमिका से तय होंगे। यह अवसर जितना बड़ा है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है, क्योंकि 2047 तक हमें मिलकर एक विकसित भारत का निर्माण करना है। इस यात्रा में स्वास्थ्य, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और नवाचार की अहम भूमिका होगी और मुझे विश्वास है कि आज की युवा पीढ़ी इस दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाएगी।”

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र और राष्ट्रीय विकास की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है। संस्थागत प्रसव 78 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गए हैं, जबकि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट वैश्विक औसत की तुलना में लगभग तीन गुना तेज़ रही है। तपेदिक और मलेरिया जैसी बीमारियों में भी भारत की प्रगति वैश्विक प्रवृत्तियों से बेहतर रही है। लोगों पर पड़ने वाला स्वास्थ्य खर्च 62 प्रतिशत से घटकर 39.4 प्रतिशत रह गया है, जिससे आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और किफायती बनी हैं। इसी अवधि में देश में स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा अवसंरचना का भी विस्तार हुआ है, जहां एम्स की संख्या 6 से बढ़कर 23, आईआईटी 33 और आईआईएम 20 से अधिक हो गए हैं। ये संस्थान उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित कर रहे हैं। लेकिन परिवर्तन स्वयं नहीं आएगा, इसका नेतृत्व आपको करना होगा।
250 करोड़ की योजना से एनआईटी विधान सभा में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की जाएगी सुनिश्चित: कृष्ण पाल गुर्जर

250 करोड़ की योजना से एनआईटी विधान सभा में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की जाएगी सुनिश्चित: कृष्ण पाल गुर्जर


*केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने एनआईटी विधानसभा के विभिन्न वार्डों में किया लगभग 13 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास*

*- 2700 करोड़ की लागत से होने वाले हाई टेंशन तारों को भूमिगत करने के कार्य की शुरुआत एनआईटी विधानसभा से होगी: केंद्रीय राज्यमंत्री*

*फरीदाबाद, 07 फरवरी 2026* फरीदाबाद के एनआईटी-86 विधानसभा क्षेत्र की डबुआ सब्जी मंडी में तथा जवाहर कॉलोनी में आज शनिवार को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने वार्ड नंबर 6,7, 9 एवं 10 में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस विकास कार्यों में डबुआ कॉलोनी की सब्जी मंडी में नवनिर्मित शेड का निर्माण का उद्घाटन, डबुआ अनाज मंडी में शेड निर्माण कार्य का शिलान्यास, FCI गोदाम शेड रोड से डबुआ कॉलोनी सड़क के नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास कार्य, जनता कॉलोनी रोड से डबुआ मंडी सड़क के नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास कार्य, डबुआ मंडी की पार्किंग, चारदीवारी एवं जल निकासी सुधारीकरण कार्य का शिलान्यास तथा वार्ड नंबर 6,7 और 9 में सड़क निर्माण, सीवर एवं जल निकासी सुधारीकरण आदि विकास कार्य शामिल रहे, जिनपर लगभग 13 करोड़ रुपए धनराशि का खर्च आएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इस दिशा में यह सभी विकास कार्य एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर फरीदाबाद के विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। इसी कड़ी में फरीदाबाद को बिजली की तारों के जाल से मुक्ति दिलाने के लिए 2700 करोड़ रुपये की लागत से सभी हाई टेंशन तारों को अंडरग्राउंड करने का कार्य एनआईटी विधानसभा से ही शुरू किया जाएगा। इससे न केवल शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि बिजली के खंभे हटने से सड़कों और कॉलोनी की गलियों का चौड़ीकरण भी संभव हो सकेगा। साथ ही, पेड़ों की अकारण छंटाई नहीं करनी पड़ेगी, जिससे हरित क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। पिछले 11 वर्षों में फरीदाबाद में सड़कों और हाईवे कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसी के साथ ही आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के तहत जल्द ही बल्लभगढ़ से पलवल तक रैपिड मेट्रो का कार्य भी इसी वर्ष के अंत में शुरू कार्य दिया जाएगा जिसके माध्यम से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जेवर हवाई अड्डे से जोड़ा जाएगा। 

केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विशेष ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एनआईटी क्षेत्र ऐसा क्षेत्र हैं जहाँ पीने के मीठे पानी की उपलब्धता को लेकर लंबे समय से चुनौतियाँ बनी हुई हैं। इस गंभीर समस्या का संज्ञान प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने स्वयं लिया है और इस क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये के विशेष बजट को स्वीकृति दी है। जिसका कार्य जारी है और जल्द ही संपूर्ण एनआईटी विधानसभा की जनता को यमुना से सीधी पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा।
 
श्री गुर्जर ने बताया कि इस बजट के माध्यम से नई पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी, पुराने जल स्रोतों का नवीनीकरण किया जाएगा और आधुनिक तकनीकों की मदद से जल वितरण व्यवस्था को प्रभावशाली बनाया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक एनआईटी क्षेत्र में जल संकट की समस्या समाप्त कर दी जाएगी।

एनआईटी-86 के विधायक सतीश फागना ने भी कार्यक्रम में उपस्थित जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र, प्रदेश सरकार और नगर निगम की ट्रिपल इंजन सरकार फरीदाबाद के चौतरफा विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले 2 सालों में एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में कोई भी गली या सड़क ऐसी नहीं होगी जो पक्की न बनी हो या जिसमें सीवर या पेयजल पाइपलाइन न बिछी हुई हो।

विधायक ने कहा कि पहले जहां बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता था, इस बार के मानसून में वह जल्दी निकल गया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर निगम पार्षद गायत्री देवी, निगम पार्षद जयवीर खटाना, निगम पार्षद संगीता भाटिया, निगम पार्षद भगवान सिंह, निगम पार्षद संदीप भड़ाना, जवाहर कॉलोनी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान नीरज भाटिया सहित अधिकारीगण, अन्य गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।

Monday, 2 February 2026

हिमाचल नाबार्ड मेले में अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पाद कर रहा प्रदर्शित

हिमाचल नाबार्ड मेले में अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पाद कर रहा प्रदर्शित


*39 वाँ सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026*

*फरीदाबाद, 02 फरवरी।*39वें अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर सूरजकुंड शिल्प मेले में नाबार्ड द्वारा शिल्पकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों और हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस वर्ष नाबार्ड को स्टाल नंबर 700 से 730 तक आवंटित किए गए हैं, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिन पर देश व प्रदेश के पर्यटक खरीददारी कर रहे है। 
  स्टाल नंबर 708 पर हिमाचल से आए शिल्पकार मनोज कुमार अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। मनोज कुमार ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से सूरजकुंड मेले में लगातार स्टाल लगाते आ रहे हैं और मेले के माध्यम से अपने उत्पादों को देश व विदशों के ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास पहाड़ी हल्दी, काला जीरा, पहाड़ी लहुशन जैसे प्राकृतिक और औषधीय उत्पाद उपलब्ध हैं, जो बीपी और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहाड़ी हल्दी को पूरी तरह तैयार होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगता है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पाद बाजार दर की तुलना में बेहतर गुणवत्ता के साथ सस्ते उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
  मनोज कुमार ने बताया कि सूरजकुंड मेला न केवल शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि ग्रामीण और पारंपरिक कारीगरों की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रहा है।

पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै, सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो क्या देख्या गीतों पर झूमे दर्शक

पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै, सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो क्या देख्या गीतों पर झूमे दर्शक



*-- प्रसिद्ध लोकगायक  ने मेले के थीम सॉन्ग से लेकर पर्यटन पर आधारित गीतों से बांधा समां, शिल्पकारों को बताया मेले का असली नायक*
*----गायक आजाद मंडोरी के गीतों पर विदेशी कलाकार ने किया मंच सांझा*

*सूरजकुंड (फरीदाबाद), 02 फरवरी।*
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में आयोजित 39वें इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल में सोमवार को मुख्य चौपाल पर हरियाणा के प्रसिद्ध लोकगायक आज़ाद मंडोरी ने अपनी सुमधुर हरियाणवी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। लोक संगीत के रंग में रंगी मुख्य चौपाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।
लोकगायक आज़ाद मंडोरी ने सूरजकुंड मेले पर आधारित थीम सॉन्ग “सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो के देख्या” की प्रस्तुति दी। जैसे ही गीत के बोल गूंजे, दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक शानदार गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
कार्यक्रम के दौरान जब आज़ाद मंडोरी ने “पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै” गीत की शुरुआत की, तो पूरे पंडाल में उत्साह का माहौल बन गया। दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और हरियाणवी लोकसंस्कृति से जुड़े गीतों पर झूमते नजर आए।
लोकगायक ने अपने गीतों के माध्यम से यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पर्यटन, कला और संस्कृति को निरंतर बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सूरजकुंड मेले के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए थीम सॉन्ग के लिए हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने अपने संबोधन और गीतों के जरिए शिल्पकारों को इस मेले का असली नायक बताते हुए कहा कि सूरजकुंड मेला शिल्पकारों की मेहनत और हुनर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त मंच है। यहां आने वाले पर्यटकों को हर स्टॉल पर शिल्पकारों की लगन और कला की झलक साफ दिखाई देती है।
उल्लेखनीय है कि 15 फरवरी तक चलने वाले इस 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले का उद्घाटन तीन दिन पूर्व महामहिम उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी उपस्थिति में किया था। यह मेला न केवल भारतीय बल्कि विदेशी शिल्प और संस्कृति को भी एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कृष्ण मुरारी म्हारी वेदना नै मेट भजन गीत की प्रस्तुति दी।
मुख्य चौपाल पर उत्तरप्रदेश के कलाकारों ने मुख्य कलाकार कृष्ण शर्मा की पार्टी ने मोर कुटी नृत्य पर शानदार प्रस्तुति देकर भगवान श्री कृष्ण की महिमा का बखान किया। इसके अलावा गुरकरिना फासो,कुमरोज,घाना आदि पश्चिमी अफ्रीकी देशों के कलाकारों ने अपनी कलाओं व संस्कृति पर आधारित गीतों की प्रस्तुतियां दी।

Sunday, 1 February 2026

फरीदाबाद में स्वच्छता पर सख्ती: मुख्यमंत्री हरियाणा के अतिरिक्त प्रधान सचिव के निरीक्षण के बाद बड़ी कार्रवाई,चार कर्मचारी निलंबित

फरीदाबाद में स्वच्छता पर सख्ती: मुख्यमंत्री हरियाणा के अतिरिक्त प्रधान सचिव के निरीक्षण के बाद बड़ी कार्रवाई,चार कर्मचारी निलंबित


*- लापरवाही पर नगर निगम के 4 कर्मचारी सस्पेंड*


फरीदाबाद, 1 फरवरी। मुख्यमंत्री हरियाणा के अतिरिक्त प्रधान सचिव साकेत कुमार ने आज फरीदाबाद शहर का दौरा कर मुख्य सड़कों, ड्रेनेज सिस्टम तथा साफ-सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, उपायुक्त आयुष सिन्हा तथा संयुक्त आयुक्त जितेंद्र जोशी भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था, जल निकासी की स्थिति तथा स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहनता से अवलोकन किया। अतिरिक्त प्रधान सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

निरीक्षण महारानी अवंती बाई लोधी चौक से प्रारंभ होकर एनआईटी-2 व एनआईटी-3 के आंतरिक क्षेत्रों, प्याली चौक से हार्डवेयर चौक, मेट्रो रोड, शहीद भगत सिंह मार्ग, फरीदाबाद-गुड़गांव रोड, बड़खल गांव क्षेत्र होते हुए अंखिर चौक से सूरजकुंड तक किया गया। 

निरीक्षण में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर, जाम नालियां, सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट्स से कचरे का न उठाया जाना, सड़क किनारे गंदगी, गोबर व जैविक कचरे का जमाव, जलभराव, रात्रि यांत्रिक सफाई न होना तथा हरित पट्टियों के रखरखाव में भारी लापरवाही पाई गई। इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए आयुक्त एवं सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने तत्काल सफाई व्यवस्था बहाल करने, 48 घंटे के भीतर कचरा उठान सुनिश्चित करने, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा दोषी ठेकेदारों पर अनुबंध शर्तों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। 

*फरीदाबाद में सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, चार कर्मचारी निलंबित*

निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर लापरवाहियों के मद्देनज़र नगर निगम फरीदाबाद के चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेशों के अनुसार सहायक सफाई निरीक्षक (एएसआई) सुशील, सफाई दरोगा गुरचरण, सफाई दरोगा रंगलाल तथा सफाई कर्मचारी वीरेंद्र सिंह को उनके कार्यक्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था की घोर अनदेखी और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है। ये कर्मचारी क्रमशः वार्ड नंबर 20, बड़खल गांव, एनआईटी-3 क्षेत्र तथा लखानी हजारी प्वाइंट क्षेत्र में तैनात थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी निरीक्षण के दौरान दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Saturday, 31 January 2026

भारत पर्व 2026 का भव्य समापन: उपराष्ट्रपति की मौजूदगी और बिहार की मखाना झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

भारत पर्व 2026 का भव्य समापन: उपराष्ट्रपति की मौजूदगी और बिहार की मखाना झांकी बनी आकर्षण का केंद्र



नई दिल्ली,: पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित भारत पर्व 2026 का समापन समारोह 31 जनवरी 2026 को सायं 5:30 बजे नई दिल्ली स्थित लाल किले के सामने लॉन और ज्ञानपथ पर भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर माननीय उप राष्ट्रपति  श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर समारोह की शोभा बढ़ाई।

पर्यटन मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष 26 से 31 जनवरी तक आयोजित भारत पर्व, भारत की सांस्कृतिक, रचनात्मक और बहुरंगी विरासत का जीवंत मंच है। भारत पर्व 2026 में गणतंत्र दिवस की भव्य झांकियां, सशस्त्र बलों के बैंड की मनमोहक प्रस्तुतियां, उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देश की एकता और विविधता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।

इस वर्ष भारत पर्व को जनता से जबरदस्त प्यार मिला है। प्रतिदिन आगंतुकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक जनउत्सव का रूप दे दिया। दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुले इस आयोजन में अखिल भारतीय फूड कोर्ट, हस्तशिल्प एवं हथकरघा बाजार, केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के पवेलियन, स्टूडियो किचन सत्र, नुक्कड़ नाटक और DIY कार्यशालाओं ने विशेष आकर्षण पैदा किया।

भारत पर्व 2026 में बिहार पर्यटन के स्टॉल ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। बिहार के स्टॉल में राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। बोधगया, नालंदा, राजगीर और वैशाली जैसे विश्वविख्यात पर्यटन स्थलों के साथ-साथ मधुबनी, मंजूषा और टिकुली जैसी लोककलाओं ने देश-विदेश से आए पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। बच्चों को वीआर टेक्नोलाॅजी से बिहार पर्यटन स्थलों की  सैर करना खासा पसंद आया।

बिहार सरकार की मखाना झांकी इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र रही। “बिहार का सुपरफूड” कहे जाने वाले मखाना की खेती, उसके पोषण मूल्य, रोजगार सृजन और वैश्विक बाजार में इसकी बढ़ती मांग को झांकी के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। मिथिला क्षेत्र से जुड़े मखाना उत्पादन की परंपरा, किसानों की मेहनत और बिहार की आर्थिक प्रगति में इसके योगदान को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत कर आगंतुकों ने खूब सराहा।

समापन समारोह के अवसर पर उपराष्ट्रपति ने भारत पर्व जैसे आयोजनों को भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत रखने वाला मंच बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देश की विविधता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों के पवेलियनों और विशेष रूप से पर्यटन स्टॉलों की सराहना करते हुए कहा कि ये भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम हैं।