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Wednesday 11 October 2023

सुस्त जीवनशैली और खराब खानपान के कारण युवा पीढ़ी बन रही अर्थराइटिस का शिकार : डॉ. अनुराग अग्रवाल

सुस्त जीवनशैली और खराब खानपान के कारण युवा पीढ़ी बन रही अर्थराइटिस का शिकार : डॉ. अनुराग अग्रवाल




जोड़ों से संबंधित समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 12 अक्टूबर को 'वर्ल्ड अर्थराइटिस डे' मनाया जाता है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. अनुराग अग्रवाल, डायरेक्टर एवं एचओडी, आर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद ने बताया कि एक हफ्ते में ओपीडी में तक़रीबन 125-150 मरीज जोड़ों की समस्या लेकर आते हैं जिनमें 25-35 वर्ष की आयु के 30-35 प्रतिशत युवा लोग होते हैं। एक महीने में ऐसे मरीजों की संख्या लगभग 200 पहुंच जाती है। चिकित्सीय जाँच करने पर 200 में से 70 फीसदी महिला और 30 फीसदी पुरुष हैं। आमतौर पर अर्थराइटिस की समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में देखने को मिलती है लेकिन आजकल की सुस्त जीवनशैली और खराब-खानपान के कारण कम उम्र के लोगों में भी जोड़ों में दर्द की समस्या देखने को मिल रही है। डेस्क जॉब के चलते फिजिकल एक्टिविटी न होने एवं तले-भुने मसालेदार खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन के कारण कम उम्र में वजन में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। हमारे शरीर के वज़न का कई गुना वजन सीधा हमारे घुटनों के जोड़ों पर पड़ता है। वज़न के तेजी से बढ़ने और समय रहते पर्याप्त ध्यान न देने के कारण घुटनों से संबंधित समस्या अधिक बढ़ जाती है और परिणाम स्वरुप घुटनों के प्रत्यारोपण की भी नौबत आ जाती है। वहीँ धूम्रपान एवं शराब के सेवन के प्रति युवा लोगों में रुझान तेजी से बढ़ा है जिससे उनके जोड़ों पर नकारात्मक असर पड़ता है। 

सलाह:
अर्थराइटिस से बचाव के लिए जोड़ों से संबंधित व्यायाम करना बहुत जरूरी है। अगर जोड़ों के चारों ओर का मसल्स मजबूत होगा तो जोड़ों में दबाव कम होगा जिससे अर्थराइटिस होने की संभावना भी कम हो जाती है। वॉकिंग करें क्योंकि यह शारीरिक गतिशीलता के लिए बहुत अच्छी होती है। जमीन पर आलती-पालथी मारकर न बैठें। जोड़ों के रोग से बचाव के लिए शरीर के बढ़ते वजन को नियंत्रित करें और जंक फ़ूड यानि तले-भुने एवं भारी मसालेदार खाद्य पदार्थों की बजाय घर में बना संतुलित आहार लें। धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें। अर्थराइटिस मरीज डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित व्यायाम करें। अगर आपको अर्थराइटिस की समस्या है तो हड्डी रोग विशेषज्ञ से मिलें और ठीक से जांच कराने के बाद सही इलाज कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई घरेलू उपाय न करें क्योंकि इससे आपकी तकलीफ ज्यादा बढ़ सकती है। जोड़ों में दर्द के लिए खुद से पैन किलर दर्द निवारक का सेवन न करें क्योंकि दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन करने से किडनी, लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।

इलाज:  
घुटने व कूल्हे के जोड़ों के क्षतिग्रस्त होने पर जब दवाओं व फिजियोथेरेपी से उपचार असंभव हो जाता है तो दर्द से निजात पाने के लिए कुल्हा प्रत्यारोपण या घुटना प्रत्यारोपण ही सर्वोत्तम विकल्प होता है। पूर्ण जोड़ प्रत्यारोपण या आंशिक जोड़ प्रत्यारोपण आधुनिक युग की सर्वाधिक सफल शल्यक्रिया है। टोटल नी रिप्लेसमेंट ऑपरेशन अर्थराइटिस के पुराने रोगियों के लिए वरदान जैसा है। इस ऑपरेशन की सफलता का प्रतिशत बहुत अधिक है। आज रोबोटिक तकनीक घुटनों की प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए सटीकता का एक नया आयाम प्रदान कर रही है। इससे मरीज को शीघ्र आराम मिलता है। रोबोटिक तकनीक से किये गए घुटने की प्रत्यारोपण सर्जरी में उच्च तथा उत्तम सटीकता के कारण रोगी को परंपरागत सर्जरी की तुलना में अधिक तेजी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है, अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल जाती है तथा सर्जरी के बाद मरीज को जोड़ में  कृत्रिमता का अहसास बहुत कम होता है। इस सर्जरी के बाद काफी हद तक घुटने की प्राकृतिकता वापस आ जाती है। इस तकनीक से घुटनों की परंपरागत सर्जरी की तुलना में मरीज को अधिकाधिक गतिशीलता प्राप्त होती है। सर्जन केवल क्षतिग्रस्त हिस्से पर ही काम करते हैं जिसके कारण हड्डियों तथा मांसपेशियों को कम हानि पहुँचती है, रक्तस्राव भी कम होता है। सही एलाइनमेंट होने से परंपरागत घुटने की सर्जरी की तुलना में ज्वाइंट इंप्लांट की उम्र भी बढ़ जाती है। रोबोटिक असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट सर्जरी आधुनिक तकनीक तथा सर्जन की कुशलता की जुगलबंदी का एक बेहतरीन उदाहरण है।

Friday 15 September 2023

FICCI होमलैंड सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2023 में आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग के भविष्य पर हुई चर्चा

FICCI होमलैंड सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2023 में आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग के भविष्य पर हुई चर्चा


नई दिल्ली, 15 सितंबर, 2023: फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने शुक्रवार को दिल्ली स्थित फिक्की हाउस में विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन(VIF) के सहयोग से फिक्की होमलैंड सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2023 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने गहन चर्चा व आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग रणनीतियों में अत्याधुनिक प्रगति की खोज के लिए एक अमूल्य मंच प्रदान किया।
कॉन्फ्रेंस का मुख्य आकर्षण प्रतिष्ठित FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड्स की प्रस्तुति थी। ये पुरस्कार होमलैंड सिक्योरिटी और पुलिसिंग के क्षेत्र में राज्य पुलिस विभागों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) के उल्लेखनीय योगदान के लिए दिए गए।  ये पुरस्कार हमारे देश की सुरक्षा में इन संगठनों के समर्पण और इनोवेशन को मान्यता दिलाने के लिए दिए गए। 

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पूर्व महानिदेशक एवं उत्तर प्रदेश और असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि भारत में बढ़ते डिजिटलीकरण से साइबर जोखिम बढ़ गया है। उन्होंने विशेषकर आंतरिक सुरक्षा अनुप्रयोगों में एआई से जुड़ी संभावनाओं और जोखिमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी अपनाने में देरी के बावजूद, भारत कानून प्रवर्तन क्षमताओं को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। श्री सिंह ने प्रौद्योगिकी से उत्पन्न खतरों से आगे रहने के लिए सशस्त्र बलों और कानून प्रवर्तन को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।


श्रीमती मंजरी जरुहर, FICCI कमेटी ऑन प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री सलाहकार और पूर्व विशेष महानिदेशक सीआईएसएफ, भारत सरकार ने  'स्माइल' और 'मुस्कान 'पहल में राज्य पुलिस विभागों के प्रयासों की सराहना की, जिसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने G-20 कार्यक्रम के प्रभावी प्रबंधन के लिए दिल्ली पुलिस की भी सराहना की। सुश्री जरुहर ने पुलिस के निरंतर इनोवेशन और अपराध प्रबंधन प्रयासों के साथ-साथ एनसीबी और सीआरएफ की पहल की भी प्रशंसा की, जो भारत में कानून प्रवर्तन के समग्र सुधार में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड्स के बारे में बात करते हुए कहा कि पिछले 7 वर्षों में जूरी द्वारा 1100 से अधिक नामांकन किए हैं। 208 ऐसी पहल हैं जिन्होंने एलईए को उच्च स्तर की विशेषज्ञता और दक्षता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।  

विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के निदेशक और भारत सरकार के पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. अरविंद गुप्ता ने कहा कि प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण कारक बन गए हैं। उन्होंने गेम-चेंजर के रूप में प्रौद्योगिकी की भूमिका को दर्शाते हुए विकास के परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने नकारात्मक ताकतों से एक कदम आगे बढ़ते हुए पुलिस बलों को मजबूत करने के प्रयासों के संयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।


FICCI होमलैंड सिक्योरिटी के सह-चेयरमैन और Vehere के निदेशक श्री प्रवीण जयसवाल ने FICCIहोमलैंड सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के सफलतापूर्वक आयोजन पर संतोष व्यक्त किया और राष्ट्र की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मामलो पर आवश्यक संवाद की सुविधा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के लिए, जो एक ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में अग्रणी है, साइबर असुरक्षा को कम करने और साइबर रक्षा संसाधनों को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी क्षमताओं को विकसित करना बहुत महत्वपूर्ण है। भारतीय उद्योग इस मोर्चे पर सरकारी एजेंसियों और LEAs के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार है।

भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक डॉ. गुलशन राय ने होमलैंड सिक्योरिटी में आईटी क्षेत्र के उदय से आए परिवर्तन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई ने कुशल योजना की विशेषता वाला एक अनूठा परिदृश्य पेश किया है, जिससे पता चलता है कि ऐसी तकनीक तक पहुंच से संभावित रूप से 26/11 के हमलों जैसी घटनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।


उद्घाटन सत्र के बाद, सम्मेलन में चार आकर्षक और जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किये गये:

सत्र 1: आंतरिक सुरक्षा के लिए एआई, एमएल और डेटा एनालिटिक्स

सत्र 2: प्रभावी कानून प्रवर्तन के लिए साइबर अपराध प्रबंधन

सत्र 3: आंतरिक सुरक्षा के लिए उभरती प्रौद्योगिकियां

सत्र 4: स्मार्ट पुलिसिंग में सर्वोत्तम अभ्यास

FICCI होमलैंड सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2023 वास्तव में एक बौद्धिक रूप से प्रेरक और सूचनात्मक कार्यक्रम था, जो विचारों के आदान-प्रदान और हमारे देश की सुरक्षा के सामने आने वाली जटिल चुनौतियों के लिए नवीन समाधानों की खोज के लिए एक मंच प्रदान करता है। फिक्की उन सभी प्रतिभागियों और हितधारकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता है जिन्होंने इस सम्मेलन को सफल बनाने में योगदान दिया।

Friday 8 September 2023

गांव डबुआ के जर्जर तालाब के पुन निर्माण का कार्य का काम शुरू -विधायक नीरज शर्मा।

गांव डबुआ के जर्जर तालाब के पुन निर्माण का कार्य का काम शुरू -विधायक नीरज शर्मा।


फरीदाबाद : एनआईटी विधायक श्री नीरज शर्मा आज दिनांक 08 सितम्ंबर 2023 को एनआईटी विधानसभा के गांव डबुआ के जर्जर तालाब के जीणोद्धार के कार्य शुभारंभ किया गया। इस मौके पर विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि एनआईटी विधानसभा के 12 जर्जर पडे तालाबो का जीणोद्धार होना है जिसमें गांव बजरी तालाब नम्बंर-31, गांव बजरी तालाब नम्बंर-30-32, गांव गौछि तालाब नम्बंर-149, गांव डबुआ तालाब नम्बंर-65, गाजीपुर तालाब नम्बंर-31/32, गांव झाडसैतली तालाब नम्बंर-117,163,  गांव गौछि तालाब नम्बंर-146,148, गांव नंगला गुजरान तालाब नम्बंर-48 शामिल है। एनआईटी विधानसभा के तालाबो की डीपीआर बनकर काफी समय से लम्बित पडी थी लेकिन कार्य नही हो पा रही था, इस मामले को लेकर विधानसभा सत्र मार्च 2021 में प्रश्न संख्या 346 लगाया था जिसपर सरकार ने जवाब दिया था कि जल्द से जल्द तालाबो का जीणोद्धार का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसी कढी में आज गांव डबुआ के जर्जर तालाब के जीणोद्धार का कार्य शुरू किया गया है जिसका जीणोद्धार लगभग 80 लाख की लागत से किया जाएगा। इसके साथ ही गांव बाजरी के तालाब नम्बंर-31 का भी वर्क आर्डर जारी हो गया है जिसका कार्य लगभग 29 लाख 50 हजार की लगत से होगा। इस मौके पर एसडीओ अमित चौधरी, दीन दयाल नंबरदार, करमचंद शर्मा, पंकज शर्मा,अशोक त्यागी, मुकेश त्यागी, पुष्पेंद्र त्यागी, बिजेंद्र त्यागी, बिजेंद्र, नंदकिशोर त्यागी शुभम टेंट हाउस आदि गड़मान्य साथी उपस्थित रहे।