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Saturday, 17 January 2026

मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026: दिल्ली में सजा बिहार की संस्कृति, स्वाद और विकास का भव्य संगम

मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026: दिल्ली में सजा बिहार की संस्कृति, स्वाद और विकास का भव्य संगम


मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026: दिल्ली में सजा बिहार की संस्कृति, स्वाद और विकास का भव्य संगम

- बिहार राज्यपाल और श्रम संसाधन मंत्री ने शुक्रवार को किया दिल्ली में चल रहे उत्सव का दौरा

* 15 से 18 जनवरी तक बिहार निवास लॉन्स में आयोजित की जा रही चार दिवसीय प्रदर्शनी

* AI आधारित कैलेंडर और ड्रोन स्टॉल बन रहे आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली।

बिहार सरकार द्वारा आयोजित मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026 का भव्य आयोजन 15 से 18 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली स्थित बिहार निवास लॉन्स, टिकेंद्रजीत मार्ग, चाणक्यपुरी में किया जा रहा है। यह चार दिवसीय प्रदर्शनी बिहार की समृद्ध कला, विशिष्ट व्यंजन और विकसित होते औद्योगिक परिदृश्य को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 14 जनवरी को किया गया, जिसमें वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस अधिकारी, संयुक्त सचिव एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल रहे।

प्रदर्शनी के दौरान माननीय श्री आरिफ मोहम्मद खां, बिहार के राज्यपाल और श्री संजय सिंह टाइगर, बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री ने बिहार निवास में चल रहे मकर संक्रांति उत्सव का दौरा किया। इस अवसर पर दोनों अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में प्रदर्शित बिहार की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और तकनीकी नवाचारों की सराहना की।

राज्यपाल माननीय श्री आरिफ मोहम्मद खां ने अपने संदेश में कहा कि “बिहार की सांस्कृतिक परंपरा सदैव समावेशी, जीवंत और प्रगतिशील रही है। इस प्रकार की प्रदर्शनी परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय को दर्शाती है और देश-दुनिया के सामने बिहार की सकारात्मक, विकसित होती छवि को मजबूती से स्थापित करती है।”

श्रम संसाधन मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि “मकर संक्रांति प्रदर्शनी बिहार की मेहनतकश संस्कृति, कारीगरों की प्रतिभा और युवाओं की नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तुत करने का सशक्त मंच है। इससे न केवल राज्य के उत्पादों को पहचान मिलती है, बल्कि रोजगार, कौशल और उद्यमिता को भी नई दिशा मिलती है।”

शाम को  उद्योग निदेशक श्री मुकुल गुप्ता ने भी बिहार निवास में आयोजित मकर संक्रांति प्रदर्शनी का दौरा किया और औद्योगिक एवं निवेश से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मकर संक्रांति प्रदर्शनी बिहार के औद्योगिक सामर्थ्य, एमएसएमई और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच है। दिल्ली जैसे नीति और निवेश केंद्र में इस प्रकार के आयोजन से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है और बिहार में उद्योग विस्तार की नई संभावनाएं सृजित होती हैं।”

जबकि उद्घाटन अवसर पर सचिव, उद्योग विभाग, बिहार सरकार एवं स्थानिक आयुक्त, बिहार भवन, नई दिल्ली श्री कुंदन कुमार ने कहा कि “मकर संक्रांति प्रदर्शनी केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की परंपरा, प्रतिभा और प्रगति का जीवंत प्रदर्शन है। राजधानी दिल्ली में यह मंच बिहार की सकारात्मक छवि को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश, उद्योग और नवाचार के नए अवसरों को भी सामने लाता है।”

प्रदर्शनी में बिहार की लोक एवं समकालीन कलाएं, मधुबनी, सिक्की, सुजनी जैसी पारंपरिक हस्तशिल्प शैलियां, स्थानीय उत्पाद और राज्य के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए जा रहे हैं। साथ ही बिहार के औद्योगिक विकास, निवेश नीतियों, एमएसएमई, स्टार्ट-अप्स और नवाचारों से जुड़े स्टॉल राज्य की आर्थिक प्रगति की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं।

प्रदर्शनी में बिहार सरकार द्वारा विकसित AI आधारित कैलेंडर दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसमें उपलब्ध QR कोड को स्कैन करते ही बिहार के पर्व-त्योहारों, सांस्कृतिक तिथियों, महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों और विशेष दिवसों से जुड़ी अद्यतन जानकारी डिजिटल माध्यम पर प्राप्त हो रही है। यह पहल परंपरा और तकनीक के समन्वय का प्रभावशाली उदाहरण है।

इसके अतिरिक्त ड्रोन एवं आधुनिक तकनीक आधारित स्टॉल भी विशेष आकर्षण बने हुए हैं, जहाँ कृषि, सर्वेक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के उपयोग का प्रदर्शन किया जा रहा है। मकर संक्रांति के सांस्कृतिक उल्लास और पतंगों की रंगीन छटा के बीच आयोजित यह प्रदर्शनी बिहार की पहचान-संस्कृति के साथ विकास- को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है।
मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026: लिट्टी-चोखा के स्वाद और मिलेट आधारित स्वास्थ्य प्रोडेक्ट ने जीता दिल्ली का दिल

मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026: लिट्टी-चोखा के स्वाद और मिलेट आधारित स्वास्थ्य प्रोडेक्ट ने जीता दिल्ली का दिल


मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026: लिट्टी-चोखा के स्वाद और मिलेट आधारित स्वास्थ्य प्रोडेक्ट ने जीता दिल्ली का दिल

- ⁠मिस्टर लिट्‌टीवाला और मिलेटपैथी के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
- ⁠गायिका और तबला वादक की उत्कृष्ट संगत और लयबद्ध प्रस्तुति ने दर्शकों का खींचा विशेष ध्यान

नई दिल्ली।

बिहार सरकार द्वारा आयोजित मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026 का भव्य आयोजन 15 से 18 जनवरी तक नई दिल्ली स्थित बिहार निवास लॉन्स, चाणक्यपुरी में किया जा रहा है। चार दिवसीय इस प्रदर्शनी में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक स्वाद, आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित उद्यमों का आकर्षक संगम देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली में बिहार की लोकसंस्कृति, खानपान और विकास की झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शनी स्थल पर पहुँच रहे हैं।

शनिवार को आहारिका के बैनर तले मिस्टर लिट्‌टीवाला का स्टॉल प्रदर्शनी में स्वाद का प्रमुख केंद्र बना रहा। बिहार के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू और स्वाद ने लोगों को आकर्षित किया हुआ है। यहाँ लिट्टी-चोखा, अनरसा, लॉन्ग लता, ठेकुआ और समोसा चाट को दर्शक खूब सराहा रहे हैं। दिन भर स्टॉल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, जो बिहार के पारंपरिक स्वादों के प्रति बढ़ते लगाव को दर्शाती है। देवेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली जैसे महानगर में बिहार के पारंपरिक व्यंजनों को जिस तरह से पसंद किया जा रहा है, वह राज्य की सांस्कृतिक पहचान और खाद्य विरासत के लिए अत्यंत सकारात्मक संकेत है। लोगों ने न केवल स्वाद लिया, बल्कि इन व्यंजनों से जुड़ी परंपराओं और त्योहारों के महत्व के बारे में भी जानकारी हासिल की।

वहीं, प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण मिलेट आधारित उत्पादों की प्रस्तुति है, जहाँ स्वास्थ्य, पोषण और पारंपरिक ज्ञान का अनूठा समावेश देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मिलेटपैथी नामक नवाचार आधारित पहल ने लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचा है। स्टॉल पर मौजूद सुमन कुमार बताया कि मिलेटपैथी एक होम्योपैथी और ट्रीटमेंट आधारित कॉन्सेप्ट है, जो मोटे अनाज (मिलेट्स) के पोषण गुणों को स्वास्थ्य उपचार और जीवनशैली सुधार से जोड़ता है। इस स्टॉल पर मिलेट फ्लोर, मिलेट कुकीज़, मिलेट स्नैक्स, मिलेट नूडल्स, वर्मिसेली, पास्ता, रवा, फ्लेक्स, डेज़र्ट्स और कच्चे मिलेट जैसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स प्रदर्शित किए गए हैं, जिन्हें देखने और समझने के लिए लोगों की लगातार भीड़ उमड़ रही है। 

मिलेटपैथी के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि पारंपरिक अनाज न केवल पोषण का स्रोत हैं, बल्कि संतुलित आहार और वैकल्पिक उपचार पद्धतियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग, युवा और महिलाएँ विशेष रूप से इस स्टॉल में रुचि लेती नजर आईं।

*गायिका और तबला वादक की उत्कृष्ट संगत और लयबद्ध प्रस्तुति ने दर्शकों का खींचा विशेष ध्यान* 

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत स्वरांगन बैंड की मनमोहक प्रस्तुति से बिहार की लोकसंस्कृति जीवंत हो उठी। गायिका प्रीति प्रकाश की मधुर आवाज़ और तबला वादक भोला वर्मा की सधी हुई ताल ने समां बाँध दिया। बिहार की लोकसंस्कृति और मकर संक्रांति की परंपराओं को दर्शाती इन प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।