पृथला उप मंडल प्रस्ताव पर जनगणना के बाद होगा निर्णय प्राकृतिक आपदा मुआवजा वितरण में तेजी और एमसीएफ कार्यालय हेतु नई निविदा प्रक्रिया शुरू
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने विभिन्न जनहित विषयों पर सदन में सरकार का पक्ष विस्तारपूर्वक और तथ्यात्मक रूप से रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह नायब सैनी की सरकार है जो सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ प्रदेश को आगे बढ़ा रही है और हर निर्णय जनहित को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।
पृथला विधायक रघुवीर तेवतिया द्वारा पृथला गांव को उप मंडल बनाए जाने संबंधी प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस विषय पर कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। 30 सितंबर 2025 को इस संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था। जिन चार गांवों का उल्लेख किया गया है उनमें से किसी को भी उप मंडल बनाने की कोई योजना फिलहाल प्रस्तावित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय जनगणना की प्रक्रिया संचालित हो रही है जो आगामी दो वर्षों में पूर्ण होगी। जनगणना के आंकड़ों और प्रशासनिक औचित्य के आधार पर यदि आवश्यकता महसूस की गई तो सरकार इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी क्षेत्र की उपेक्षा नहीं करती बल्कि ठोस आंकड़ों और संतुलित विकास की नीति के आधार पर निर्णय लेती है।
मंत्री ने कहा कि नायब सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में सवा वर्ष के भीतर आधारभूत संरचना सड़क नेटवर्क शहरी सुविधाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। यह प्रगति हरियाणा को नई दिशा देने वाली सिद्ध हो रही है। सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं बल्कि योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना है ताकि नागरिकों को वास्तविक लाभ मिल सके।
प्राकृतिक आपदा से जुड़े कांग्रेस विधायक के प्रश्न पर मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की पुनः जांच कराई गई है। जिन पात्र नागरिकों को तकनीकी कारणों या बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं के चलते मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हो पाई है उनके समाधान के लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पिछले सप्ताह सभी संबंधित पटवारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रभावित व्यक्तियों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचें और लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करें। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति राहत से वंचित न रहे और सहायता राशि पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।
वल्लभगढ़ क्षेत्र में एमसीएफ कार्यालय से जुड़े प्रश्न पर मंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव हाई पावर परचेज कमेटी के समक्ष आया था। निविदा दर अपेक्षाकृत अधिक पाए जाने और अनुबंध की शर्तें उपयुक्त न होने के कारण प्रस्ताव को पुनः निविदा प्रक्रिया के लिए वापस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नायब सैनी सरकार वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं करती। जनधन की रक्षा और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। नई निविदा के माध्यम से कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
अपने संबोधन में मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह सरकार संवेदनशील भी है और निर्णायक भी। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करता रहेगा तथा नागरिकों के जीवन स्तर में निरंतर सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करेगा।

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