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Saturday, 21 February 2026

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार



*- एआई के क्षेत्र में बिहार के नवाचार देखकर दुनिया दंग*

*केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी की सराहना*

*नई दिल्ली, 21 फरवरी।*

देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हुए बिहार ने टेक्नोलाजी की दुनिया में भी बेहद मजबूती के साथ अपना कदम रखा है। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार पैवेलियन न सिर्फ देश के विकसित राज्यों के, बल्कि दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका  है। यहाँ एआई के इस्तेमाल की जो झलक पेश की गई है, उसे देखकर दुनिया दंग है। 

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन दिवस पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया।

अपने भ्रमण के दौरान माननीय मंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की। इन नवाचारों में सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान तथा नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार द्वारा प्रस्तुत डिजिटल पहलों से यह स्पष्ट है कि राज्य सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए महेश ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। महेश बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं और उनका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा बिहार में ही हुई है। उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने विगत मंगलवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। उन्होंने कहा कि एआई के जरिये बिहार मुख्यत: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ चुका है। 

*बिहार के किसान करेंगे अब “स्मार्ट खेती”*

महेश बताते हैं कि कृषि के लिए बिहार अब “स्मार्ट खेती” की तरफ अग्रसर है। एआई किसानों के लिए एक डिजिटल सलाहकार के रूप में उभर रहा है।  सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे। किसान ई-मित्र जैसे एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल की बीमारियों को पहचान कर उनका समाधान बता रहा है। इतना ही नहीं, एआई आधारित मॉडल मौसम की सटीक भविष्यवाणी करते हैं और किसानों को बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर बेहतर कमाई में मदद करेंगे। 

*एआई से होगी बीमारियों की पहचान और इलाज*

इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में "हर घर तक इलाज" के लिए एआई अस्पताल की दूरी और सुविधाओं की कमी को खत्म कर रहा है। अब बीमारियों का त्वरित इलाज के लिए उपकरण जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन का कुछ क्षणों में ही विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इसी तरह, एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है।

*एआई से बढ़ेगी छात्रों में सीखने की क्षमता*

एक अन्य प्रतिभागी दीपक बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई हर छात्र की सीखने की क्षमता के हिसाब से बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा। उन्हें इंटर्नशिप देकर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा।  


*बहुभाषी रोबोट देगा किसी भी भाषा में आपके सवालों का जवाब*
  
बिहार पैवेलियन में बहुभाषी रोबोट सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस रोबोट के जरीय रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों या होटलों में रेसेप्सनिस्ट का काम लिया जा सकता है। यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और उससे बात करने वालों के सभी सवालों का उनकी ही भाषा में जवाब दे सकता है। बिहार पैवेलियन में एआई के ऐसे संसाधन भी मौजूद हैं जो बिना बिना मानव बल के कचरा साफ़ करने, बड़े-बड़े नालों की सफाई में सक्षम है।    

*लोकतंत्र का आधुनिकीकरण*

बिहार पैवेलियन में मौजूद बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार यानी चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में मतगणना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। उन्होंने मतगणना में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि मतगणना को निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार है। इसमें एआई के जरिये मतगणना स्थल के अंदर की सभी जानकारी मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोग देख सकते हैं। इतना ही नहीं, मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए भी अब एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जा सकता है।

Thursday, 19 February 2026

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर


*नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर निगम सख्त - धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर* 

 **सभी जॉइंट कमिश्नर को निर्देश 7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद,* 
 *ओल्ड नगर निगम क्षेत्र में अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई के निर्देश*

 *गोबर निस्तारण का प्रबंध न होने पर लगेगा जुर्माना**  

फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त ( कमिश्नर) धीरेंद्र खड़गटा के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है कि नगर निगम क्षेत्र, विशेषकर अनधिकृत कॉलोनियों में कुछ लोग डेयरियां चला रहे हैं तथा पशुओं का गोबर खुले स्थानों, सड़कों, नालियों एवं सीवर लाइनों में फेंक रहे हैं, जिससे सीवर लाइनों की स्वच्छता क्षमता प्रभावित हो रही है।
 इसके कारण सीवर ओवरफ्लो की समस्या शहर में बन रही है,इसके अतिरिक्त दुर्गंध, बीमारियों का फैलाव एवं जन स्वास्थ्य के लिए भी ये हानिकारक बनती जा रही है।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मेयर कैंप ऑफिस में मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी  
कि अध्यक्षता में फरीदाबाद 89 एरिया के अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक के बाद अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा साथ ही सीवर लाइनों में गोबर के कारण मीथेन गैस बनने से सीवर सफाई कर्मचारियों के जीवन पर भी खतरा बना रहता है।
इन समस्याओं की रोकथाम के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा कैटल डंग मैनेजमेंट पॉलिसी लागू की गई है,जिसके अंतर्गत पशु गोबर का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य किया गया है। 
तो उसके विरुद्ध हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा और भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। 

निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने सभी जॉइंट कमिश्नर को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और निर्देश दिए हैं कि शहर में चल रही ऐसी  डेरीयों का 7 दिन में सर्वे कराया जाए अवैध और बिना परमिशन के चलने वाली डेरियों पर  सीलिंग की कार्रवाई की जाए। साथ-साथ यदि गोबर निस्तारण इत्यादि का उचित प्रबंध न मिले तो जुर्माना किया जाए। इस मौके पर उन्होंने ओल्ड जोन में अवैध कब्जों की शिकायतों को भी तुरंत प्रभाव से दूर करने और कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

Tuesday, 10 February 2026

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में एआई कॉन्क्लेव 2026 आयोजित

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में एआई कॉन्क्लेव 2026 आयोजित


राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में एआई की क्रांतिकारी भूमिका-प्रोफेसर दिनेश कुमार 



गुरुग्राम। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उच्च शिक्षा को और अधिक नवाचारी और रोजगारपरक बनाएगा। एआई बहुत शक्तिशाली होता जा रहा है। राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में भी एआई की क्रांतिकारी भूमिका है। वह मंगलवार को गुरुग्राम स्थित विश्वविद्यालय के ट्रांजिट कैंपस में एआई कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे। इस कॉनक्लेव में इंडस्ट्री से कई एआई एक्सपर्ट ने हिस्सा लिया। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अतिरिक्त गुरुग्राम और पलवल के विभिन्न स्कूलों के 150 से भी अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हुए। विद्यार्थियों के एआई आधारित स्मार्ट प्रोजेक्ट इस कॉन्क्लेव में मुख्य आकर्षण रहे। 
यह कार्यक्रम भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय पहल “एआई फॉर आत्मनिर्भर भारत: एचईआई प्री-समीट एंगेजमेंट्स” का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन सेल एवं एएआईसीटीई द्वारा किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य एआई जागरूकता, बुनियादी कौशल, जिम्मेदार उपयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है। साथ ही छात्रों एवं शोधकर्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उभरते अकादमिक एवं करियर मार्गों के लिए तैयार करना है।
मुख्य अतिथि के रूप में कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि एआई के कारण भविष्य में रोल और स्किल सेट तेजी से बदलने वाले हैं। एआई के सदुपयोग से बड़ा बदलाव आने जा रहा है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि डिजाइनिंग से लेकर फैब्रिकेशन तक भारत आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। 
कंप्यूटर साइंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की चेयरपर्सन प्रोफेसर ऊषा बत्रा ने शोध एवं अकादमिक लेखन में एआई की भूमिका पर गहन व्याख्यान दिया। न्यूरोवेंत्रा टेक्नोलॉजीज के सह संस्थापक एवं निदेशक वेंकटेश भारती ने वास्तविक जीवन में प्रभाव डालने वाले एल्गोरिदम की बारीकियां समझाईं। ओरेकल एआई क्लाउड सॉल्यूशंस की एसोसिएट डायरेक्टर ज्योति कटारिया ने जेनरेटिव एआई सर्विसेज की दुनिया के विविध आयामों पर व्याख्यान दिया। वहीं विप्रो के टेक्निकल लीड प्रणव कुमार ने डेटा से निर्णय तक की पूरी यात्रा पर प्रकाश डाला। 
इस अवसर पर ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही, इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज, प्रोफेसर जॉय कुरियाकोज़े, डॉ. मोनिका जांगड़ा, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. शिव कुमार। अनु चौधरी, माधुरी, नीरज कुमार, एवं सोनल गर्ग उपस्थित थे।

Monday, 2 February 2026

हिमाचल नाबार्ड मेले में अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पाद कर रहा प्रदर्शित

हिमाचल नाबार्ड मेले में अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पाद कर रहा प्रदर्शित


*39 वाँ सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026*

*फरीदाबाद, 02 फरवरी।*39वें अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर सूरजकुंड शिल्प मेले में नाबार्ड द्वारा शिल्पकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों और हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस वर्ष नाबार्ड को स्टाल नंबर 700 से 730 तक आवंटित किए गए हैं, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिन पर देश व प्रदेश के पर्यटक खरीददारी कर रहे है। 
  स्टाल नंबर 708 पर हिमाचल से आए शिल्पकार मनोज कुमार अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। मनोज कुमार ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से सूरजकुंड मेले में लगातार स्टाल लगाते आ रहे हैं और मेले के माध्यम से अपने उत्पादों को देश व विदशों के ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास पहाड़ी हल्दी, काला जीरा, पहाड़ी लहुशन जैसे प्राकृतिक और औषधीय उत्पाद उपलब्ध हैं, जो बीपी और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहाड़ी हल्दी को पूरी तरह तैयार होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगता है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पाद बाजार दर की तुलना में बेहतर गुणवत्ता के साथ सस्ते उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
  मनोज कुमार ने बताया कि सूरजकुंड मेला न केवल शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि ग्रामीण और पारंपरिक कारीगरों की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रहा है।

पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै, सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो क्या देख्या गीतों पर झूमे दर्शक

पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै, सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो क्या देख्या गीतों पर झूमे दर्शक



*-- प्रसिद्ध लोकगायक  ने मेले के थीम सॉन्ग से लेकर पर्यटन पर आधारित गीतों से बांधा समां, शिल्पकारों को बताया मेले का असली नायक*
*----गायक आजाद मंडोरी के गीतों पर विदेशी कलाकार ने किया मंच सांझा*

*सूरजकुंड (फरीदाबाद), 02 फरवरी।*
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में आयोजित 39वें इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल में सोमवार को मुख्य चौपाल पर हरियाणा के प्रसिद्ध लोकगायक आज़ाद मंडोरी ने अपनी सुमधुर हरियाणवी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। लोक संगीत के रंग में रंगी मुख्य चौपाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।
लोकगायक आज़ाद मंडोरी ने सूरजकुंड मेले पर आधारित थीम सॉन्ग “सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो के देख्या” की प्रस्तुति दी। जैसे ही गीत के बोल गूंजे, दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक शानदार गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
कार्यक्रम के दौरान जब आज़ाद मंडोरी ने “पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै” गीत की शुरुआत की, तो पूरे पंडाल में उत्साह का माहौल बन गया। दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और हरियाणवी लोकसंस्कृति से जुड़े गीतों पर झूमते नजर आए।
लोकगायक ने अपने गीतों के माध्यम से यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पर्यटन, कला और संस्कृति को निरंतर बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सूरजकुंड मेले के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए थीम सॉन्ग के लिए हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने अपने संबोधन और गीतों के जरिए शिल्पकारों को इस मेले का असली नायक बताते हुए कहा कि सूरजकुंड मेला शिल्पकारों की मेहनत और हुनर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त मंच है। यहां आने वाले पर्यटकों को हर स्टॉल पर शिल्पकारों की लगन और कला की झलक साफ दिखाई देती है।
उल्लेखनीय है कि 15 फरवरी तक चलने वाले इस 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले का उद्घाटन तीन दिन पूर्व महामहिम उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी उपस्थिति में किया था। यह मेला न केवल भारतीय बल्कि विदेशी शिल्प और संस्कृति को भी एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कृष्ण मुरारी म्हारी वेदना नै मेट भजन गीत की प्रस्तुति दी।
मुख्य चौपाल पर उत्तरप्रदेश के कलाकारों ने मुख्य कलाकार कृष्ण शर्मा की पार्टी ने मोर कुटी नृत्य पर शानदार प्रस्तुति देकर भगवान श्री कृष्ण की महिमा का बखान किया। इसके अलावा गुरकरिना फासो,कुमरोज,घाना आदि पश्चिमी अफ्रीकी देशों के कलाकारों ने अपनी कलाओं व संस्कृति पर आधारित गीतों की प्रस्तुतियां दी।