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Saturday, 21 February 2026

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार



*- एआई के क्षेत्र में बिहार के नवाचार देखकर दुनिया दंग*

*केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी की सराहना*

*नई दिल्ली, 21 फरवरी।*

देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हुए बिहार ने टेक्नोलाजी की दुनिया में भी बेहद मजबूती के साथ अपना कदम रखा है। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार पैवेलियन न सिर्फ देश के विकसित राज्यों के, बल्कि दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका  है। यहाँ एआई के इस्तेमाल की जो झलक पेश की गई है, उसे देखकर दुनिया दंग है। 

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन दिवस पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया।

अपने भ्रमण के दौरान माननीय मंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की। इन नवाचारों में सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान तथा नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार द्वारा प्रस्तुत डिजिटल पहलों से यह स्पष्ट है कि राज्य सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए महेश ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। महेश बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं और उनका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा बिहार में ही हुई है। उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने विगत मंगलवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। उन्होंने कहा कि एआई के जरिये बिहार मुख्यत: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ चुका है। 

*बिहार के किसान करेंगे अब “स्मार्ट खेती”*

महेश बताते हैं कि कृषि के लिए बिहार अब “स्मार्ट खेती” की तरफ अग्रसर है। एआई किसानों के लिए एक डिजिटल सलाहकार के रूप में उभर रहा है।  सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे। किसान ई-मित्र जैसे एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल की बीमारियों को पहचान कर उनका समाधान बता रहा है। इतना ही नहीं, एआई आधारित मॉडल मौसम की सटीक भविष्यवाणी करते हैं और किसानों को बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर बेहतर कमाई में मदद करेंगे। 

*एआई से होगी बीमारियों की पहचान और इलाज*

इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में "हर घर तक इलाज" के लिए एआई अस्पताल की दूरी और सुविधाओं की कमी को खत्म कर रहा है। अब बीमारियों का त्वरित इलाज के लिए उपकरण जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन का कुछ क्षणों में ही विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इसी तरह, एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है।

*एआई से बढ़ेगी छात्रों में सीखने की क्षमता*

एक अन्य प्रतिभागी दीपक बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई हर छात्र की सीखने की क्षमता के हिसाब से बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा। उन्हें इंटर्नशिप देकर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा।  


*बहुभाषी रोबोट देगा किसी भी भाषा में आपके सवालों का जवाब*
  
बिहार पैवेलियन में बहुभाषी रोबोट सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस रोबोट के जरीय रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों या होटलों में रेसेप्सनिस्ट का काम लिया जा सकता है। यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और उससे बात करने वालों के सभी सवालों का उनकी ही भाषा में जवाब दे सकता है। बिहार पैवेलियन में एआई के ऐसे संसाधन भी मौजूद हैं जो बिना बिना मानव बल के कचरा साफ़ करने, बड़े-बड़े नालों की सफाई में सक्षम है।    

*लोकतंत्र का आधुनिकीकरण*

बिहार पैवेलियन में मौजूद बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार यानी चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में मतगणना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। उन्होंने मतगणना में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि मतगणना को निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार है। इसमें एआई के जरिये मतगणना स्थल के अंदर की सभी जानकारी मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोग देख सकते हैं। इतना ही नहीं, मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए भी अब एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जा सकता है।

Thursday, 19 February 2026

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर


*नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर निगम सख्त - धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर* 

 **सभी जॉइंट कमिश्नर को निर्देश 7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद,* 
 *ओल्ड नगर निगम क्षेत्र में अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई के निर्देश*

 *गोबर निस्तारण का प्रबंध न होने पर लगेगा जुर्माना**  

फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त ( कमिश्नर) धीरेंद्र खड़गटा के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है कि नगर निगम क्षेत्र, विशेषकर अनधिकृत कॉलोनियों में कुछ लोग डेयरियां चला रहे हैं तथा पशुओं का गोबर खुले स्थानों, सड़कों, नालियों एवं सीवर लाइनों में फेंक रहे हैं, जिससे सीवर लाइनों की स्वच्छता क्षमता प्रभावित हो रही है।
 इसके कारण सीवर ओवरफ्लो की समस्या शहर में बन रही है,इसके अतिरिक्त दुर्गंध, बीमारियों का फैलाव एवं जन स्वास्थ्य के लिए भी ये हानिकारक बनती जा रही है।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मेयर कैंप ऑफिस में मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी  
कि अध्यक्षता में फरीदाबाद 89 एरिया के अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक के बाद अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा साथ ही सीवर लाइनों में गोबर के कारण मीथेन गैस बनने से सीवर सफाई कर्मचारियों के जीवन पर भी खतरा बना रहता है।
इन समस्याओं की रोकथाम के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा कैटल डंग मैनेजमेंट पॉलिसी लागू की गई है,जिसके अंतर्गत पशु गोबर का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य किया गया है। 
तो उसके विरुद्ध हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा और भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। 

निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने सभी जॉइंट कमिश्नर को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और निर्देश दिए हैं कि शहर में चल रही ऐसी  डेरीयों का 7 दिन में सर्वे कराया जाए अवैध और बिना परमिशन के चलने वाली डेरियों पर  सीलिंग की कार्रवाई की जाए। साथ-साथ यदि गोबर निस्तारण इत्यादि का उचित प्रबंध न मिले तो जुर्माना किया जाए। इस मौके पर उन्होंने ओल्ड जोन में अवैध कब्जों की शिकायतों को भी तुरंत प्रभाव से दूर करने और कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

Saturday, 7 February 2026

2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका” : जे.पी. नड्डा

2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका” : जे.पी. नड्डा



*- 2,150 विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्रियाँ*

फरीदाबाद, 7 फरवरी। 
भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवहन कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मानव रचना शिक्षण संस्थान में दीक्षान्त समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर सभी डिग्रीधारकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके परिश्रम, अनुशासन और निरंतर मेहनत का परिणाम बताया। मानव रचना विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच स्नातक एवं परास्नातक के 2150 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में उपायुक्त आयुष सिन्हा, फरीदाबाद एसडीएम अमित कुमार, विश्व विद्यालय की चीफ पैटर्न सत्या भल्ला, कुलाधिपति डॉ प्रशांत भल्ला और उपाध्यक्ष डॉ अमित भल्ला भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थी शैक्षणिक ज्ञान नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों से युक्त व्यक्तित्व के निर्माण पर बल दिया जाता है। आज आप ऐसे समय में समाज में प्रवेश कर रहे हैं जब देश अमृत काल के दूसरे चरण में है और आने वाले 25 वर्ष आपकी भूमिका से तय होंगे। यह अवसर जितना बड़ा है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है, क्योंकि 2047 तक हमें मिलकर एक विकसित भारत का निर्माण करना है। इस यात्रा में स्वास्थ्य, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और नवाचार की अहम भूमिका होगी और मुझे विश्वास है कि आज की युवा पीढ़ी इस दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाएगी।”

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र और राष्ट्रीय विकास की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है। संस्थागत प्रसव 78 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गए हैं, जबकि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट वैश्विक औसत की तुलना में लगभग तीन गुना तेज़ रही है। तपेदिक और मलेरिया जैसी बीमारियों में भी भारत की प्रगति वैश्विक प्रवृत्तियों से बेहतर रही है। लोगों पर पड़ने वाला स्वास्थ्य खर्च 62 प्रतिशत से घटकर 39.4 प्रतिशत रह गया है, जिससे आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और किफायती बनी हैं। इसी अवधि में देश में स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा अवसंरचना का भी विस्तार हुआ है, जहां एम्स की संख्या 6 से बढ़कर 23, आईआईटी 33 और आईआईएम 20 से अधिक हो गए हैं। ये संस्थान उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित कर रहे हैं। लेकिन परिवर्तन स्वयं नहीं आएगा, इसका नेतृत्व आपको करना होगा।
250 करोड़ की योजना से एनआईटी विधान सभा में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की जाएगी सुनिश्चित: कृष्ण पाल गुर्जर

250 करोड़ की योजना से एनआईटी विधान सभा में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की जाएगी सुनिश्चित: कृष्ण पाल गुर्जर


*केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने एनआईटी विधानसभा के विभिन्न वार्डों में किया लगभग 13 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास*

*- 2700 करोड़ की लागत से होने वाले हाई टेंशन तारों को भूमिगत करने के कार्य की शुरुआत एनआईटी विधानसभा से होगी: केंद्रीय राज्यमंत्री*

*फरीदाबाद, 07 फरवरी 2026* फरीदाबाद के एनआईटी-86 विधानसभा क्षेत्र की डबुआ सब्जी मंडी में तथा जवाहर कॉलोनी में आज शनिवार को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने वार्ड नंबर 6,7, 9 एवं 10 में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस विकास कार्यों में डबुआ कॉलोनी की सब्जी मंडी में नवनिर्मित शेड का निर्माण का उद्घाटन, डबुआ अनाज मंडी में शेड निर्माण कार्य का शिलान्यास, FCI गोदाम शेड रोड से डबुआ कॉलोनी सड़क के नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास कार्य, जनता कॉलोनी रोड से डबुआ मंडी सड़क के नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास कार्य, डबुआ मंडी की पार्किंग, चारदीवारी एवं जल निकासी सुधारीकरण कार्य का शिलान्यास तथा वार्ड नंबर 6,7 और 9 में सड़क निर्माण, सीवर एवं जल निकासी सुधारीकरण आदि विकास कार्य शामिल रहे, जिनपर लगभग 13 करोड़ रुपए धनराशि का खर्च आएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इस दिशा में यह सभी विकास कार्य एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर फरीदाबाद के विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। इसी कड़ी में फरीदाबाद को बिजली की तारों के जाल से मुक्ति दिलाने के लिए 2700 करोड़ रुपये की लागत से सभी हाई टेंशन तारों को अंडरग्राउंड करने का कार्य एनआईटी विधानसभा से ही शुरू किया जाएगा। इससे न केवल शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि बिजली के खंभे हटने से सड़कों और कॉलोनी की गलियों का चौड़ीकरण भी संभव हो सकेगा। साथ ही, पेड़ों की अकारण छंटाई नहीं करनी पड़ेगी, जिससे हरित क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। पिछले 11 वर्षों में फरीदाबाद में सड़कों और हाईवे कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसी के साथ ही आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के तहत जल्द ही बल्लभगढ़ से पलवल तक रैपिड मेट्रो का कार्य भी इसी वर्ष के अंत में शुरू कार्य दिया जाएगा जिसके माध्यम से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जेवर हवाई अड्डे से जोड़ा जाएगा। 

केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विशेष ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एनआईटी क्षेत्र ऐसा क्षेत्र हैं जहाँ पीने के मीठे पानी की उपलब्धता को लेकर लंबे समय से चुनौतियाँ बनी हुई हैं। इस गंभीर समस्या का संज्ञान प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने स्वयं लिया है और इस क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये के विशेष बजट को स्वीकृति दी है। जिसका कार्य जारी है और जल्द ही संपूर्ण एनआईटी विधानसभा की जनता को यमुना से सीधी पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा।
 
श्री गुर्जर ने बताया कि इस बजट के माध्यम से नई पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी, पुराने जल स्रोतों का नवीनीकरण किया जाएगा और आधुनिक तकनीकों की मदद से जल वितरण व्यवस्था को प्रभावशाली बनाया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक एनआईटी क्षेत्र में जल संकट की समस्या समाप्त कर दी जाएगी।

एनआईटी-86 के विधायक सतीश फागना ने भी कार्यक्रम में उपस्थित जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र, प्रदेश सरकार और नगर निगम की ट्रिपल इंजन सरकार फरीदाबाद के चौतरफा विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले 2 सालों में एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में कोई भी गली या सड़क ऐसी नहीं होगी जो पक्की न बनी हो या जिसमें सीवर या पेयजल पाइपलाइन न बिछी हुई हो।

विधायक ने कहा कि पहले जहां बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता था, इस बार के मानसून में वह जल्दी निकल गया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर निगम पार्षद गायत्री देवी, निगम पार्षद जयवीर खटाना, निगम पार्षद संगीता भाटिया, निगम पार्षद भगवान सिंह, निगम पार्षद संदीप भड़ाना, जवाहर कॉलोनी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान नीरज भाटिया सहित अधिकारीगण, अन्य गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।

Monday, 2 February 2026

हिमाचल नाबार्ड मेले में अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पाद कर रहा प्रदर्शित

हिमाचल नाबार्ड मेले में अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पाद कर रहा प्रदर्शित


*39 वाँ सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026*

*फरीदाबाद, 02 फरवरी।*39वें अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर सूरजकुंड शिल्प मेले में नाबार्ड द्वारा शिल्पकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों और हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस वर्ष नाबार्ड को स्टाल नंबर 700 से 730 तक आवंटित किए गए हैं, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिन पर देश व प्रदेश के पर्यटक खरीददारी कर रहे है। 
  स्टाल नंबर 708 पर हिमाचल से आए शिल्पकार मनोज कुमार अपने पारंपरिक और औषधीय उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। मनोज कुमार ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से सूरजकुंड मेले में लगातार स्टाल लगाते आ रहे हैं और मेले के माध्यम से अपने उत्पादों को देश व विदशों के ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास पहाड़ी हल्दी, काला जीरा, पहाड़ी लहुशन जैसे प्राकृतिक और औषधीय उत्पाद उपलब्ध हैं, जो बीपी और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहाड़ी हल्दी को पूरी तरह तैयार होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगता है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पाद बाजार दर की तुलना में बेहतर गुणवत्ता के साथ सस्ते उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
  मनोज कुमार ने बताया कि सूरजकुंड मेला न केवल शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि ग्रामीण और पारंपरिक कारीगरों की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रहा है।