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Wednesday, 11 March 2026

फरीदाबाद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं, जमाखोरी न करें : डीएफएससी कविता

फरीदाबाद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं, जमाखोरी न करें : डीएफएससी कविता



*- 45 गैस एजेंसियों पर पर्याप्त सप्लाई, स्थिति पूरी तरह सामान्य*

फरीदाबाद, 11 मार्च।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) फरीदाबाद कविता ने स्पष्ट किया है कि जिला फरीदाबाद में एलपीजी गैस की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है और आम नागरिकों को घबराने या अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जिले में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और सभी गैस एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध हैं।

डीएफएससी कविता ने बताया कि फरीदाबाद जिले में बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसीएल की कुल 45 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। फरीदाबाद में प्रतिदिन औसतन लगभग 20,000 एलपीजी सिलेंडरों की मांग रहती है और वर्तमान में इस मांग के अनुसार पूरी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मांग और सप्लाई में किसी प्रकार का कोई अंतर नहीं है। विभाग द्वारा दैनिक औसत सप्लाई को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि विभाग के इंस्पेक्टर लगातार फील्ड में तैनात हैं और गैस एजेंसियों पर सप्लाई एवं वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी प्रकार की जमाखोरी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएफएससी ने यह भी बताया कि जिले में सभी जरूरी सेवाओं व दिनचर्या सहित आपातकालीन सेवाओं के लिए गैस सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि अस्पतालों व अन्य आवश्यक संस्थानों को निर्बाध गैस उपलब्ध होती रहे।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होकर गैस सिलेंडर की जमाखोरी न करें, क्योंकि जिले में गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है।

Saturday, 28 February 2026

बेटियों का समय पर टीकाकरण कर सुरक्षित करें उनका भविष्य : विधायक सतीश फागना

बेटियों का समय पर टीकाकरण कर सुरक्षित करें उनका भविष्य : विधायक सतीश फागना



*- पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तुरंत मिलेगा टीकाकरण प्रमाण-पत्र : डॉ जयंत आहूजा*

*- 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन, डिजिटल पंजीकरण और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य*

*- एनआईटी फरीदाबाद विधायक सतीश फागना ने किया एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का उद्घाटन, बालिकाओं से टीकाकरण कराने की अपील*

फरीदाबाद, 28 फरवरी। 
जिला फरीदाबाद में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण का 90 दिवसीय विशेष अभियान आज बीके सिविल अस्पताल में प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम में एनआईटी फरीदाबाद विधायक सतीश फागना ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जयंत आहूजा और टीकाकरण अधिकारी डॉ रचना भी मौजूद रही। 

एनआईटी फरीदाबाद विधायक सतीश फागना ने कहा कि भारत सरकार के नेतृत्व में माननीय प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में बालिकाओं के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम करना है, जो एचपीवी संक्रमण के कारण विकसित हो सकती है। समय रहते लगाया गया यह टीका भविष्य में कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान विशेष रूप से किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है। निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी इसका पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने इसे “रोकथाम आधारित स्वास्थ्य मॉडल” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि बीमारी का इलाज करने से बेहतर है उसे पहले ही रोक लिया जाए। उन्होंने कहा कि यह टीका उपचार के लिए नहीं, बल्कि प्राथमिक रोकथाम (प्राइमरी प्रिवेंशन) के लिए है, क्योंकि “प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर” के सिद्धांत के अनुसार बीमारी की रोकथाम पर होने वाला खर्च, उपचार की तुलना में बहुत कम होता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जयंत आहूजा ने  जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाती है और लगभग 10 वर्षों तक प्रभावी रहती है। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन 90 से 100 प्रतिशत तक सुरक्षा कवरेज देती है तथा प्राथमिक रोकथाम (प्रिकॉशनरी वैक्सीनेशन) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। बालिका को अपने माता-पिता अथवा अभिभावक के साथ केंद्र पर उपस्थित होना होगा। आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र अथवा स्कूल प्रमाण पत्र के माध्यम से आयु सत्यापन किया जाएगा। इसके पश्चात पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा, जिसमें अभिभावक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी सत्यापन के बाद ही वैक्सीन दी जाएगी और तत्काल प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा। टीकाकरण के बाद प्रत्येक बालिका को आधे घंटे तक निगरानी में बैठाया जाता है, ताकि किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यह सिंगल डोज वैक्सीन है, जिसे सरकार द्वारा इसे पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। 

टीकाकरण अधिकारी डॉ रचना ने बताया कि भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर ओरल कैंसर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर के कारण प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में महिलाओं की मृत्यु होती है, इसलिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। विश्व के लगभग 160 देशों में यह टीकाकरण अभियान पहले ही लागू किया जा चुका है। भारत में इसे व्यापक स्तर पर लागू कर बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह 90 दिनों का सघन अभियान निर्धारित केंद्रों— जैसे जिला अस्पताल (डीसीएच), शहरी स्वास्थ्य केंद्र (यूएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)—पर संचालित किया जा रहा है। फरीदाबाद जिले के सभी प्रमुख केंद्रों पर कोल्ड चेन सिस्टम, आईएलआर डीप फ्रीजर, तापमान लॉगर्स एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि वैक्सीन सुरक्षित तापमान पर संरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि 90 दिनों के विशेष अभियान के पश्चात इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की योजना है।

उन्हीने कहा कि यह अभियान पूर्णतः निःशुल्क और राष्ट्रव्यापी है, तथा पात्र भारतीय बालिकाएं इसका लाभ उठा सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को समय पर टीकाकरण के लिए अवश्य लाएं, ताकि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके और स्वस्थ भारत के निर्माण में सहयोग मिल सके।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।

Saturday, 21 February 2026

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार



*- एआई के क्षेत्र में बिहार के नवाचार देखकर दुनिया दंग*

*केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी की सराहना*

*नई दिल्ली, 21 फरवरी।*

देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हुए बिहार ने टेक्नोलाजी की दुनिया में भी बेहद मजबूती के साथ अपना कदम रखा है। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार पैवेलियन न सिर्फ देश के विकसित राज्यों के, बल्कि दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका  है। यहाँ एआई के इस्तेमाल की जो झलक पेश की गई है, उसे देखकर दुनिया दंग है। 

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन दिवस पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया।

अपने भ्रमण के दौरान माननीय मंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की। इन नवाचारों में सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान तथा नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार द्वारा प्रस्तुत डिजिटल पहलों से यह स्पष्ट है कि राज्य सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए महेश ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। महेश बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं और उनका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा बिहार में ही हुई है। उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने विगत मंगलवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। उन्होंने कहा कि एआई के जरिये बिहार मुख्यत: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ चुका है। 

*बिहार के किसान करेंगे अब “स्मार्ट खेती”*

महेश बताते हैं कि कृषि के लिए बिहार अब “स्मार्ट खेती” की तरफ अग्रसर है। एआई किसानों के लिए एक डिजिटल सलाहकार के रूप में उभर रहा है।  सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे। किसान ई-मित्र जैसे एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल की बीमारियों को पहचान कर उनका समाधान बता रहा है। इतना ही नहीं, एआई आधारित मॉडल मौसम की सटीक भविष्यवाणी करते हैं और किसानों को बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर बेहतर कमाई में मदद करेंगे। 

*एआई से होगी बीमारियों की पहचान और इलाज*

इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में "हर घर तक इलाज" के लिए एआई अस्पताल की दूरी और सुविधाओं की कमी को खत्म कर रहा है। अब बीमारियों का त्वरित इलाज के लिए उपकरण जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन का कुछ क्षणों में ही विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इसी तरह, एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है।

*एआई से बढ़ेगी छात्रों में सीखने की क्षमता*

एक अन्य प्रतिभागी दीपक बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई हर छात्र की सीखने की क्षमता के हिसाब से बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा। उन्हें इंटर्नशिप देकर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा।  


*बहुभाषी रोबोट देगा किसी भी भाषा में आपके सवालों का जवाब*
  
बिहार पैवेलियन में बहुभाषी रोबोट सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस रोबोट के जरीय रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों या होटलों में रेसेप्सनिस्ट का काम लिया जा सकता है। यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और उससे बात करने वालों के सभी सवालों का उनकी ही भाषा में जवाब दे सकता है। बिहार पैवेलियन में एआई के ऐसे संसाधन भी मौजूद हैं जो बिना बिना मानव बल के कचरा साफ़ करने, बड़े-बड़े नालों की सफाई में सक्षम है।    

*लोकतंत्र का आधुनिकीकरण*

बिहार पैवेलियन में मौजूद बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार यानी चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में मतगणना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। उन्होंने मतगणना में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि मतगणना को निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार है। इसमें एआई के जरिये मतगणना स्थल के अंदर की सभी जानकारी मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोग देख सकते हैं। इतना ही नहीं, मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए भी अब एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जा सकता है।

Thursday, 19 February 2026

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर

7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद, : धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर


*नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर निगम सख्त - धीरेंद्र खड़गटा निगम कमिश्नर* 

 **सभी जॉइंट कमिश्नर को निर्देश 7 दिन में सर्वे कराकर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेरियों को कराएं बंद,* 
 *ओल्ड नगर निगम क्षेत्र में अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई के निर्देश*

 *गोबर निस्तारण का प्रबंध न होने पर लगेगा जुर्माना**  

फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त ( कमिश्नर) धीरेंद्र खड़गटा के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा नगर निगम क्षेत्र में पशु अपशिष्ट (गोबर) के निस्तारण को लेकर एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है कि नगर निगम क्षेत्र, विशेषकर अनधिकृत कॉलोनियों में कुछ लोग डेयरियां चला रहे हैं तथा पशुओं का गोबर खुले स्थानों, सड़कों, नालियों एवं सीवर लाइनों में फेंक रहे हैं, जिससे सीवर लाइनों की स्वच्छता क्षमता प्रभावित हो रही है।
 इसके कारण सीवर ओवरफ्लो की समस्या शहर में बन रही है,इसके अतिरिक्त दुर्गंध, बीमारियों का फैलाव एवं जन स्वास्थ्य के लिए भी ये हानिकारक बनती जा रही है।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मेयर कैंप ऑफिस में मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी  
कि अध्यक्षता में फरीदाबाद 89 एरिया के अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक के बाद अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा साथ ही सीवर लाइनों में गोबर के कारण मीथेन गैस बनने से सीवर सफाई कर्मचारियों के जीवन पर भी खतरा बना रहता है।
इन समस्याओं की रोकथाम के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा कैटल डंग मैनेजमेंट पॉलिसी लागू की गई है,जिसके अंतर्गत पशु गोबर का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य किया गया है। 
तो उसके विरुद्ध हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा और भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। 

निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने सभी जॉइंट कमिश्नर को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और निर्देश दिए हैं कि शहर में चल रही ऐसी  डेरीयों का 7 दिन में सर्वे कराया जाए अवैध और बिना परमिशन के चलने वाली डेरियों पर  सीलिंग की कार्रवाई की जाए। साथ-साथ यदि गोबर निस्तारण इत्यादि का उचित प्रबंध न मिले तो जुर्माना किया जाए। इस मौके पर उन्होंने ओल्ड जोन में अवैध कब्जों की शिकायतों को भी तुरंत प्रभाव से दूर करने और कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

Saturday, 7 February 2026

2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका” : जे.पी. नड्डा

2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका” : जे.पी. नड्डा



*- 2,150 विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्रियाँ*

फरीदाबाद, 7 फरवरी। 
भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवहन कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मानव रचना शिक्षण संस्थान में दीक्षान्त समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर सभी डिग्रीधारकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके परिश्रम, अनुशासन और निरंतर मेहनत का परिणाम बताया। मानव रचना विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच स्नातक एवं परास्नातक के 2150 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में उपायुक्त आयुष सिन्हा, फरीदाबाद एसडीएम अमित कुमार, विश्व विद्यालय की चीफ पैटर्न सत्या भल्ला, कुलाधिपति डॉ प्रशांत भल्ला और उपाध्यक्ष डॉ अमित भल्ला भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थी शैक्षणिक ज्ञान नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों से युक्त व्यक्तित्व के निर्माण पर बल दिया जाता है। आज आप ऐसे समय में समाज में प्रवेश कर रहे हैं जब देश अमृत काल के दूसरे चरण में है और आने वाले 25 वर्ष आपकी भूमिका से तय होंगे। यह अवसर जितना बड़ा है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है, क्योंकि 2047 तक हमें मिलकर एक विकसित भारत का निर्माण करना है। इस यात्रा में स्वास्थ्य, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और नवाचार की अहम भूमिका होगी और मुझे विश्वास है कि आज की युवा पीढ़ी इस दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाएगी।”

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र और राष्ट्रीय विकास की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है। संस्थागत प्रसव 78 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गए हैं, जबकि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट वैश्विक औसत की तुलना में लगभग तीन गुना तेज़ रही है। तपेदिक और मलेरिया जैसी बीमारियों में भी भारत की प्रगति वैश्विक प्रवृत्तियों से बेहतर रही है। लोगों पर पड़ने वाला स्वास्थ्य खर्च 62 प्रतिशत से घटकर 39.4 प्रतिशत रह गया है, जिससे आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और किफायती बनी हैं। इसी अवधि में देश में स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा अवसंरचना का भी विस्तार हुआ है, जहां एम्स की संख्या 6 से बढ़कर 23, आईआईटी 33 और आईआईएम 20 से अधिक हो गए हैं। ये संस्थान उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित कर रहे हैं। लेकिन परिवर्तन स्वयं नहीं आएगा, इसका नेतृत्व आपको करना होगा।