Saturday, 28 February 2026

बेटियों का समय पर टीकाकरण कर सुरक्षित करें उनका भविष्य : विधायक सतीश फागना




*- पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तुरंत मिलेगा टीकाकरण प्रमाण-पत्र : डॉ जयंत आहूजा*

*- 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन, डिजिटल पंजीकरण और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य*

*- एनआईटी फरीदाबाद विधायक सतीश फागना ने किया एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का उद्घाटन, बालिकाओं से टीकाकरण कराने की अपील*

फरीदाबाद, 28 फरवरी। 
जिला फरीदाबाद में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण का 90 दिवसीय विशेष अभियान आज बीके सिविल अस्पताल में प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम में एनआईटी फरीदाबाद विधायक सतीश फागना ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जयंत आहूजा और टीकाकरण अधिकारी डॉ रचना भी मौजूद रही। 

एनआईटी फरीदाबाद विधायक सतीश फागना ने कहा कि भारत सरकार के नेतृत्व में माननीय प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में बालिकाओं के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम करना है, जो एचपीवी संक्रमण के कारण विकसित हो सकती है। समय रहते लगाया गया यह टीका भविष्य में कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान विशेष रूप से किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है। निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी इसका पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने इसे “रोकथाम आधारित स्वास्थ्य मॉडल” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि बीमारी का इलाज करने से बेहतर है उसे पहले ही रोक लिया जाए। उन्होंने कहा कि यह टीका उपचार के लिए नहीं, बल्कि प्राथमिक रोकथाम (प्राइमरी प्रिवेंशन) के लिए है, क्योंकि “प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर” के सिद्धांत के अनुसार बीमारी की रोकथाम पर होने वाला खर्च, उपचार की तुलना में बहुत कम होता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जयंत आहूजा ने  जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाती है और लगभग 10 वर्षों तक प्रभावी रहती है। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन 90 से 100 प्रतिशत तक सुरक्षा कवरेज देती है तथा प्राथमिक रोकथाम (प्रिकॉशनरी वैक्सीनेशन) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। बालिका को अपने माता-पिता अथवा अभिभावक के साथ केंद्र पर उपस्थित होना होगा। आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र अथवा स्कूल प्रमाण पत्र के माध्यम से आयु सत्यापन किया जाएगा। इसके पश्चात पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा, जिसमें अभिभावक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी सत्यापन के बाद ही वैक्सीन दी जाएगी और तत्काल प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा। टीकाकरण के बाद प्रत्येक बालिका को आधे घंटे तक निगरानी में बैठाया जाता है, ताकि किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यह सिंगल डोज वैक्सीन है, जिसे सरकार द्वारा इसे पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। 

टीकाकरण अधिकारी डॉ रचना ने बताया कि भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर ओरल कैंसर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर के कारण प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में महिलाओं की मृत्यु होती है, इसलिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। विश्व के लगभग 160 देशों में यह टीकाकरण अभियान पहले ही लागू किया जा चुका है। भारत में इसे व्यापक स्तर पर लागू कर बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह 90 दिनों का सघन अभियान निर्धारित केंद्रों— जैसे जिला अस्पताल (डीसीएच), शहरी स्वास्थ्य केंद्र (यूएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)—पर संचालित किया जा रहा है। फरीदाबाद जिले के सभी प्रमुख केंद्रों पर कोल्ड चेन सिस्टम, आईएलआर डीप फ्रीजर, तापमान लॉगर्स एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि वैक्सीन सुरक्षित तापमान पर संरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि 90 दिनों के विशेष अभियान के पश्चात इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की योजना है।

उन्हीने कहा कि यह अभियान पूर्णतः निःशुल्क और राष्ट्रव्यापी है, तथा पात्र भारतीय बालिकाएं इसका लाभ उठा सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को समय पर टीकाकरण के लिए अवश्य लाएं, ताकि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके और स्वस्थ भारत के निर्माण में सहयोग मिल सके।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
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