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Sunday, 3 February 2019

 इटली मैं विश्व किकबॉक्सिंग महासंघ' संतोष कुमार अग्रवाल ने भाग लिया

इटली मैं विश्व किकबॉक्सिंग महासंघ' संतोष कुमार अग्रवाल ने भाग लिया

फरीदाबाद 3 फरवरी : इटली के मिलान शहर के कांफ्रेंस हॉल, शेराटन होटल में सम्पन्न 'विश्व किकबॉक्सिंग महासंघ' की "विशेष आम सभा" में फरीदाबाद के संतोष कुमार अग्रवाल ने भाग लिया।

वाको इंडिया किकबॉक्सिंग महासंघ के महासचिव तारकेश मिश्रा ने बताया की कल दिनांक 2 फरवरी को इटली के मिलान शहर में "वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ किकबॉक्सिंग आर्गेनाईजेशन" की "विशेष आम सभा" बुलाई गई थी, जिसमें भाग लेने के लिए भारत देश से 'वाको इंडिया किकबॉक्सिंग महासंघ' के राष्ट्रीय अध्यक्ष  संतोष कुमार अग्रवाल को आमंत्रित किया गया था। इस बैठक में भारत से एकमात्र प्रतिनिधि के तौर पर श्री संतोष कुमार अग्रवाल ने भारत देश का प्रतिनिधित्व किया। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संतोष कुमार अग्रवाल ने बताया की इस आम सभा में मुख्य रूप से वर्ल्ड प्रेजिडेंट का चुनाव होना था, इस आम सभा में मुख्य रूप से विभन्न देशों के 51 प्रतिनिधि / अध्यक्ष ने हिस्सा लिया।इस आम सभा में 'यूरोपियन किकबॉक्सिंग महासंघ' के अध्यक्ष श्री रॉय बेकर (आयरलैंड)  को अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. श्री अग्रवाल ने श्री रॉय बेकर के अध्यक्ष बनने पर उन्हें पूरे वाको इंडिया किकबॉक्सिंग परिवार की तरफ से बधाई दी है एवं आशा व्यक्त की है की उनके कुशल मार्गदर्शन में पूरे विश्व में किकबॉक्सिंग खेल का और अधिक समुचित विकास होगा।

श्री अग्रवाल ने यह भी बताया की इस दौरान भारत में किकबॉक्सिंग खेल के और अधिक विकास एवं प्रचारित, प्रसारित एवं तकनिकी दृष्टिकोण से और अधिक सशक्त बनाने के लिए उनकी विशेष बैठक वहां आये हुए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ हुई जिनमें प्रमुख हैं: रूस, मौरीसस, कज़ाख़स्तान, इस्टोनिया, जॉर्डन, तुर्की, उक्रैन एवं सर्बिआ आदि हैं. उन्होंने कई देशों के मुख्य प्रशिक्षकों को भी भारत आने का न्योता दिया.      

श्री संतोष कुमार अग्रवाल ने बताया की वर्तमान में किकबॉक्सिंग खेल 128 देशों में खेला जाता है और वहां पर इसका राष्ट्रीय संगठन भी है, अभी हाल ही में दिनांक 30 नवंबर 2018 को टोक्यो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी खेलों की शीर्ष संस्था "अंतराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति" की 'कार्यकारिणी बैठक' में किकबॉक्सिंग खेल की अंतरराष्ट्रीय संस्था 'वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ किकबॉक्सिंग ऑर्गनिज़ाशन्स' को मान्यता दे दी है, भारत में भी यह खेल काफी लोकप्रिय हो रहा है और लगभग सभी राज्यों में इसकी मान्यता प्राप्त इकाई काम कर रही है।

Sunday, 27 January 2019

भारतीय लड़कियों को इसमें बढ़ाने के लिए सलवार सूट में कर रहीं फाइट….

भारतीय लड़कियों को इसमें बढ़ाने के लिए सलवार सूट में कर रहीं फाइट….

नई दिल्ली : 28 जनवरी I डब्ल्यूडब्ल्यूई के एनएक्सटी प्रोग्राम के तहत सलवार-सूट में फाइट करने वाली पहली भारतीय महिला कविता देवी का इस खेल से जुड़ना एक अचरज ही रहा है। वह इससे पहले साउथ एशियन वेटलिफ्टिंग और वुशु नेशनल चैंपियन थीं। भारत में हुई डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर्स फाइट को वह देखने पहुंची थीं। वहां पर डब्ल्यूडब्ल्यूई की एक महिला रेसलर के ओपन चैलेंज पर यह सलवार-सूट में ही रिंग में उतर गईं। और उसे सिर से उठाकर रिंग में पटक दिया। उन्हें नहीं मालूम था कि डब्ल्यूडब्ल्यूई अधिकारी ट्राईआउट प्रोग्राम के तहत भारत से नए रेसलर्स की खोज भी कर रहे थे। इसके बाद उन्हें दुबई ट्राईआउट प्रोग्राम में आने का न्यौता दिया गया । और वहां डब्ल्यूडब्ल्यूई की ट्रेनिंग के लिए चुन लिया गया। खली से भी उन्होंने ट्रेनिंग प्राप्त की है। आपको बता दें कि कविता भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों फर्स्ट लेडी अवॉर्ड से सम्मानित हो चुकी हैं।

दो साल लगेंगे मुख्य रोस्टर में जाने को

कविता ने बताया कि डब्ल्यूडब्ल्यूई के मुख्य रोस्टर में जाने के लिए एनएक्सटी प्रोग्राम में दो साल की कड़ी ट्रेनिंग कराई जाती है। इसके तहत फाइट एवं चैंपियनशिप भी डब्ल्यूडब्ल्यूई की तरह ही आयोजित होती हैं। इस प्रोग्राम में रेसलर को मुख्य रोस्टर में लड़ने के तहत परिपक्व किया जाता है। इसलिए ही अभी वह एनएक्सटी प्रोग्राम का हिस्सा हैं। कविता बताती हैं कि इस ट्रेनिंग में कई बार दो साल से ज्यादा का वक्त भी लग सकता है और कम भी। चयनकर्ता जब पूरी तरह से निश्चित हो जाते हैं कि रेसलर मुख्य रोस्टर में लड़ने लायक है, तभी उसे इस प्रोग्राम से मुख्य रोस्टर में डाला जाता है।

सलवार-सूट को इसलिए बनाया ड्रेस

कविता का कहना है कि भारतीय लड़कियां इस खेल में आगे आएं। वह परंपरा और संस्कृति की वजह से पीछे न रह जाएं। इसके लिए ही उन्होंने सलवार-सूट को अपनी ड्रेस बनाया है। ताकि वह दिखा सकें कि सलवार-सूट में भी फाइट हो सकती है। इस खेल में करियर बनाया जा सकता है। जरूरी नहीं कि इस खेल के लिए छोटे-छोटे कपड़े पहने जाएं। इसके लिए ही एक बार फिर भारत में मुंबई में डब्ल्यूडब्ल्यूई ट्राईआउट कराने जा रहा है। जिसके लिए इस बार ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।

कठिन रहा है सफर

जींद माली गांव की रहने वाली कविता ने बताया कि उनका किसान परिवार था। खेल से सब कोसो दूर थे। वह पहली लड़की थीं। जिसने खेल को चुना। शुरू में उन्हें समाज के तानों के साथ परिवार की बेरूखी का भी सामना करना पड़ा। लेकिन उनकी मेहनत की वजह से ही उनको परिवार को धीरे-धीरे सहयोग मिलने लगा। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पांच भाई-बहन हैं। उनके बड़े भाई संजय ने उन्हें सबसे पहले सपोर्ट किया। सबसे पहले वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग उन्होंने ली। इसके लिए  जिम गईं। 2008 में इस वजह से ही सशस्त्र सीमा बल में कांस्टेबल की नौकरी भी मिली। शादी होने पर पति गौरव तौमर की सलाह पर वुशु की ट्रेनिंग ली। और उसमें भी दो साल सीनियर नेशनल चैंपियन रही। उन्होंने तब मेडल जीते जब वह एक बच्चे की मां भी थीं। पति के सपोर्ट से ही वह विभिन्न प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत सकीं। वह बताती हैं कि उनको विभाग की तरफ से सपोर्ट नहीं मिलने की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी। लेकिन वह खुश है कि वह डब्ल्यूडब्ल्यूई का हिस्सा हैं। अब उनका लक्ष्य डब्ल्यूडब्ल्यूई के मुख्य रोस्टर में जगह बनाने का है। 

Saturday, 19 January 2019

बीसीसीआई ने इंडिया ए और इंग्लैंड लायंस मैचों के लिए टीम की घोषणा की

बीसीसीआई ने इंडिया ए और इंग्लैंड लायंस मैचों के लिए टीम की घोषणा की

NEW DELHI 20  JANUARY : चयन समिति ने इंग्लैंड ए लायंस के खिलाफ खेले जाने वाले पांच एक दिवसीय मैचों और दो चार दिवसीय मैचों के लिए भारत ए टीम को चुना।

एक दिवसीय खेल 23 जनवरी से तिरुवनंतपुरम में खेले जाएंगे। पहला चार दिवसीय खेल 7 फरवरी से वायनाड में खेला जाएगा और दूसरा चार दिवसीय खेल 13 फरवरी से मैसूर में खेला जाएगा।

1, 2 और 3 वन-डे के लिए भारत ए टीम इस प्रकार है: अजिंक्य रहाणे (सी), अनमोल प्रीत सिंह, रितुराज गायकवाड़, श्रेयस अय्यर, हनुमा विहारी, अंकित बावने, इशान किशन (डब्ल्यूके), क्रुनाल पांड्या, एक्सर पटेल, मयंक पटेल मार्कंडे, जयंत यादव, सिद्दार्थ कौल, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, नवदीप सैनी

भारत 4 और 5 वें वन-डे के लिए इस प्रकार है: अंकित बावने (C), ऋतुराज गायकवाड़, अनमोलप्रीत सिंह, रिकी भुई, सिद्धेश लाड, हिम्मत सिंह, ऋषभ पंत (WK), दीपक हुड्डा, एक्सर पटेल, राहुल चाहर, जयंत यादव, नवदीप सैनी, अवेश खान, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर

 इंडिया ए स्क्वाड में फीचर करने वाले अंकित बावने को भी बीपी इलेवन टीम में शामिल किया गया है जो 20 जनवरी को अपना दूसरा वन डे वॉर्म-अप खेल खेलेंगे।

दो दिवसीय वॉर्म-अप खेल के लिए BP XI: इशान किशन (C & WK), अक्षत रेड्डी, ध्रुव शोरे, रिकी भुई, सिद्धेश लाड, रिंकू सिंह, प्रियम गर्ग, सौरभ कुमार, राहुल चाहर, जयंत यादव, अनिकेत चौधरी, अंकित राजपूत, राजेश मोहंती
द मिलेनियम स्कूल मैं भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने वाई.एस.सी.ई क्रिकेट एकेडमी का किया उद्घाटन

द मिलेनियम स्कूल मैं भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने वाई.एस.सी.ई क्रिकेट एकेडमी का किया उद्घाटन

 पलवल 19 जनवरी I द मिलेनियम स्कूल को बड़े उत्साह के साथ विंटर कार्निवाल ;मिलांश समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे विद्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया। इस समारोह में भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह की उपस्थिति ने चार चाँँद लगा दिए। युवराज सिंह ने मिलेनियम स्कूल में चल रही क्रिकेट एकेडमी का उद्घाटन किया। युवराज सिंह ने एकेडमी के छात्रों को क्रिकेट खेलने के टिप्स भी बताए। विद्यालय के निदेशक रणबीर सिंह सोलंकी व प्रधानाचार्या  कोमल ग्रोवर ने युवराज का स्वागत किया। युवराज सिंह ने सभी अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि-छोटे-छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रम उन्हें बेहद पसंद आए। उन्होंने कहा कि मिलेनियम स्कूल द्वारा शुरू की गई वाई.एस.सी.ई ;युवराज सिंह क्रिकेट एकेडमी  पलवल के बच्चे भारतीय क्रिकेट के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलें।

दीप प्रज्ज्वलित करके मिलांश समारोह का आरंभ किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने ’सरस्वती वंदना’ प्रस्तुत करके सभी का मन-मोह लिया। कक्षा प्रथम व द्वितीय के विद्यार्थियों ने वेस्र्टन डांस प्रस्तुत किया। छोटे-छोटे बच्चों का डांस देखकर सभी ने दाँतों तले उँगली दबा ली। कृष्ण प्रेम को दर्शाते हुए प्रस्तुत की गई ’रास लीला’ ने सारे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। विभिन्न प्रकार के नृत्यो ने समारोह में उपस्थित सभी का हृदय विभोर कर दिया। विद्यालय ने निदेशक श्री रणबीर सिंह सोलंकी ने विद्यालय के प्रागंण में लगी विभिन्न प्रकार की ’फन स्टाॅल’ व ’फूड स्टाल’ का रिब्बन काटकर शुभारंभ किया। अभिभावकों ने इन सब का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसमें ’बेबी शो’ व ’ सोलो डांस’ आदि प्रमुख रहे। प्रतियोगिताओं में विजयी होने वाले प्रतियोगियों को आकर्षक उपहार दिए गए। मंच पर विद्यालय की छात्राओं ने पंजाब राज्य की यादों को अपने ’गिद्दे’ से ताज़ा कर दिया।

विद्यालय के निदेशक ने सभी का धन्यवाद करते हुए मिलेनियम स्कूल की शिक्षा पद्धति के बारे में सबको जानकारी देते हुए कहाः- ’इस विद्यालय की शिक्षा पद्धति एक आधुनिक शिक्षा पद्धति है। जो शिक्षा के साथ बच्चों की खेल प्रतिभा को भी बढ़ावा देती है। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या कोमल ग्रोवर ने सभी अभिभावकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमारे विद्यालय के बच्चों का सर्वागींण विकास करना ही उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य है।’

Friday, 18 January 2019

सर्दी खासी जुकाम का होम्योपैथीक सर्वेष्ट इलाज

सर्दी खासी जुकाम का होम्योपैथीक सर्वेष्ट इलाज

फरीदाबाद 18 जनवरी : भरी हुई नाक तब होती है जब नाक और आसन्न ऊतकों और रक्त वाहिकाओं को अधिक तरल पदार्थ के साथ सूज हो जाता है, जिससे "घृणित" लग रहा हो। नाक की भीड़ या अनुनासिक निर्वहन या "बहुरंगी नाक" के साथ नहीं हो सकती है।


आमतौर पर नाक की भीड़ पुराने बच्चों और वयस्कों के लिए एक झुंझलाहट है। लेकिन नाक की भीड़ उन बच्चों के लिए गंभीर हो सकती है जिनकी नींद उनकी नाक की भीड़ या शिशुओं से परेशान होती है, जिनके परिणामस्वरूप एक कठिन समय पर भोजन हो सकता है।


कारण - नाक की भीड़ किसी भी चीज के कारण हो सकती है जो अनुनासिक ऊतकों को उत्तेजित या उत्तेजित करती है। संक्रमण - जैसे सर्दी, फ्लू या साइनसाइटिस - एलर्जी और विभिन्न परेशानी, जैसे कि तम्बाकू धूम्रपान, सब कुछ नाक का कारण हो सकता है कुछ लोगों को बिना किसी स्पष्ट कारण के लिए लंबे समय से चलने वाले नाक हैं - एक शर्त जिसे नॉनलार्लिक राइनाइटिस या वासोमोटर रिनिटिस (वीएमआर) कहा जाता है।


कम सामान्यतः, नाक की भीड़ कणिकाओं या एक ट्यूमर के कारण हो सकती है।


नाक की भीड़ के संभावित कारणों में शामिल हैं: तीव्र साइनसाइटिस, एलर्जी, क्रोनिक साइनसिस, सामान्य सर्दी, डिकॉग्स्टेस्टेंट नाक स्प्रे अति प्रयोग, विच्छेदन सेप्टम, मादक पदार्थों की लत, सूखी हवा, बढ़े हुए एनोनेओड्स, नाक में विदेशी शरीर, हार्मोनल परिवर्तन, फ्लू, दवाएं, जैसे कि उच्च रक्तचाप की दवाएं, नाक जंतु, गैर एलर्जी रैनिटिस, व्यवसायिक अस्थमा, गर्भावस्था, श्वसन संक्रमण संबंधी वायरस, तनाव, थायराइड विकार, तंबाकू का धुआं, बहुभुज के साथ ग्रैनुलोमेटोसिस

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NUX VOMICA 30-Nux Vomica नाक बाधा रात के समय में अपने चरम पर है जब राहत प्रदान करने में महान मदद के प्रभावी होम्योपैथिक उपाय नक्स वोमिका रात के घंटों में बेहद भरे हुए नाक वाले रोगियों को आराम प्रदान करने में बहुत फायदेमंद है। रोगियों को इस होम्योपैथिक उपाय की आवश्यकता होती है, रात के समय तीव्र नाक भराई होती है। व्यक्ति यह भी वर्णन कर सकता है कि दिन के दौरान, रात में नाक निर्वहन होता है, इसे अवरुद्ध कर दिया जाता है। इसके अलावा मरीज़ एक तरफ नाक की बाधा और अन्य पर मुक्ति के मुक्त महसूस कर सकते हैं। खुली हवा में जाकर नाक अवरोध को भी बिगड़ता है।

सैम्बुक्स एनआईजी 30-सॅंबुबुस नाक रुकावट के लिए एक और शीर्ष होम्योपैथिक दवा है जो अत्यंत नाक नाक छिद्रों के साथ है। रुकावट के कारण सांस लेने में बहुत मुश्किल है और यह व्यक्ति को बैठने के लिए मजबूर करता है। अधिकतर रात में, घुटन और साँस लेने में कठिनाई के कारण व्यक्ति को नींद से बैठना पड़ता है। नाक अवरोध के लिए शिशुओं को दिया जाने पर सैंबुबुस भी बहुत प्रभावशाली होता है। रुकावट घुटन और मुँह में सांस लेने की ओर जाता है और शिशु को मां की फूड लेने के दौरान बुरी स्थिति का सामना करना पड़ता है

आर्सेनिक्स एल्बम 30-आर्सेनिकम एल्बम का निर्धारण तब किया जाता है जब नाक के अवरोध नाक एलर्जी के कारण होते हैं। यह मुख्य रूप से निर्धारित होता है जब नाक अवरोध के साथ जल नाक निर्वहन जल रहा है। वहाँ नाक से प्रचुर मात्रा में पानी और उत्तेजक निर्वहन है। तीव्र प्यास है और मरीज को खुली हवा में भी बुरा लगता है।

ग्लेज़ैमियम 30-गिल्सिमियम निर्धारित किया जाता है जब नाक रुकावट में बंद महसूस होने के साथ सुस्त सिरदर्द होता है, और एक धाराप्रवाह नाक निर्वहन होता है।

सिनापिस एनआईजीआरए 30 - सिनापीस नीग्रै एलर्जी के कारण नाक की भीड़ के लिए एक और उपाय है। यह तब निर्धारित होता है जब वैकल्पिक नहर एलर्जी की प्रतिक्रिया के कारण अवरुद्ध होते हैं। नाक और आंखों से भी मुक्ति होती है।

कैलकिया कार्ब 30- नाक पॉलीप के कारण कैल्केरा कार्ब नाक रुकावट के लिए बहुत प्रभावी है कार्ब नाक कणों के लिए एक और उत्कृष्ट होम्योपैथिक दवा है। यह ज्यादातर बाएं पक्षीय नाक कणों के लिए संकेत दिया जाता है। बाएं तरफ नलिका अवरुद्ध लगता है नाक से भ्रूण पीला डिस्पैच के साथ इसमें शामिल किया जा सकता है नाक में दुख और विकृत सनसनी भी महसूस होती है। नाक में आक्रामक गंध भी चिह्नित है नाक की जड़ में बहुत अधिक सूजन होती है। क्लेक्वेरा कार्ब का निर्धारण तब किया जाता है जब लोग आसानी से ले जाते हैं। मौसम में बदलाव नाक की शिकायतों से जुड़ा होता है। कैल्केरा कार्ब वसा, पिलपिला व्यक्तियों के लिए अधिक उपयुक्त है, जिनके अंडे की लालसा है।

लैम्ना लघु 30 - पॉलिप्स के कारण नाक अवरोध को हटाने के लिए लेम्ना माइनर शीर्ष होम्योपैथिक उपाय है। इसका उपयोग करने वाले लक्षण श्वास लेने में कठिनाई के साथ नाक कब्ज और गंध की हानि होते हैं। पोस्टेरियर टपकता भी नाक रुकावट के साथ आते हैं। कुछ व्यक्ति नाक डिस्चार्ज का अनुभव करते हैं, जबकि अन्य में, नाक गुहा शुष्क रहता है। अवरुद्ध नाक में आक्रामक गंध है लेम्ना माइनर पॉलीप के लिए सबसे प्रभावी होम्योपैथिक उपाय है जो गीली मौसम में बिगड़ता है। पॉलीप के मामलों में, लेम्ना माइनर नाक अवरोध को कम कर देता है, श्वसन की समस्या से राहत देता है, और गंध की शक्ति फिर से आती है।

संगीन्रिया नाइट्रिकम 3 एक्स - सोंगुनेरिया नाइट्रिकम, पॉलीप के कारण नाक की भीड़ के लिए भी प्रभावी है और यह नाक को नाक के नाक के साथ अवरुद्ध होने पर भी एक प्रभावी होम्योपैथिक दवा है। डिस्चार्ज प्रकृति में बहुत जलते हैं और व्यक्ति को छींकने का भी अनुभव होता है।

काली बीआईटीमाइकियम 30-काली बिच्रिमिक्यू सिनाइसिस के कारण नाक की भीड़ के लिए एक उत्कृष्ट उपाय है, जहां डिस्चार्ज गले में वापस चला जाता है।

Thursday, 17 January 2019

मानव रचना के छात्र पहुंचे माइक्रोसॉफ्ट इमैजिन कप के सेमी-फाइनल में

मानव रचना के छात्र पहुंचे माइक्रोसॉफ्ट इमैजिन कप के सेमी-फाइनल में

फरीदाबाद 17 जनवरी: मानव रचना के छात्र एक बार फिर विदेश में भारत का झंडा लहराना के लिए तैयार हैं। बी.टेक सीएसई के छात्रों ने माइक्रोसॉफ्ट इमैजिन कप-2019 के सेमी फिनाल राउंड में जगह बनाई है। अब छात्र 12 फरवरी को सिडनी में होने वाले ग्रांड फिनाले में हिस्सा लेंगे। छात्रों की ओर से एक ऐसा  स्मार्ट मास्क बनाया गया है जो प्रदूषण से बचाएगा साथ ही अस्थमा पेशेंट्स के लिए इन्हेलर का भी काम करेगा।  इस मास्क का नाम ‘कायली’ है।

मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज के बी.टेक सीएसई (छठे सेमेस्टर) के छात्रों वासू कौशिक, आकाश भड़ाना और भरत सुंदल ने यह मास्क अपने मेंटर उमेश दत्ता की देखरेख में पूरा किया है।

आपको बता दें, सेमी फाइनल में एशिया के 12 देशों का चयन हुआ है, जिसमें सिर्फ भारत ऐसा देश है जिसके तीन प्रोजेक्ट शामिल हैं और इनमें से एक प्रोजेक्ट मानव रचना के छात्रों का है। माइक्रोसॉफ्ट इमैजिन कप को जीतने वाले को एक लाख यूएस डॉलर का ईनाम दिया जाएगा।

Thursday, 10 January 2019

 फरीदाबाद की रिया ने 3 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीते

फरीदाबाद की रिया ने 3 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीते

फरीदाबाद 11 जनवरी ।  फरीदाबाद की छोरी ने 3 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल झटक कर नेशनल गेम्स में दिलवाया हरियाणा को अव्वल स्थान। स्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा की टीम को फरीदाबाद की छोरी रिया ने तीरंदाजी में ना केवल अव्वल स्थान दिलवाया है, बल्कि रिया तेवतिया नामक एक छोरी ने 3 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल इन राष्ट्र खेलों में झटका है। रिया इससे पहले भी एशियन गेम में अपना जलवा दिखा चुकी है।


 रिया तेवतिया, विजेता खिलाड़ी : गोल्ड और सिल्वर मेडल बल्लभगढ़ के डीएवी स्कूल में कक्षा ग्यारहवीं में पढ़ने वाली रिया तेवतिया के हैं जो उसने 3 जनवरी से 9 जनवरी तक स्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित नेशनल गेम्स के तीरंदाजी में झटके हैं। तीरंदाजी में रिया के जलवेेे रहे हैं। एशिया स्तर पर भी आयोजित तीरंदाजी प्रतियोगिता में रिया ने कई मेडल हासिल किए थे। रिया की मानेे तो इन नेशनल गेम्स में उसने 3 गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल हासिल किया है। रिया की माने तो हरियाणाा की टीम को ओवरऑल ट्रॉफी भी मिली है और टीम को विजेता घोषित किया गया है।

 दीपक अहलावत, जिला तीरंदाज कोच व रिया के कोच :  रिया के कोच और खेल विभाग के जिला तीरंदाज दीपक अहलावत की माने तो रिया के तीन गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल के कारण ही हरियाणा की टीम को ओवरऑल ट्रॉफी मिली है। उनकी मानें तो दिल्ली के यमुना स्पोर्ट्स कंपलेक्स में 3 जनवरी से 9 जनवरी तक यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। दीपक की मानें तो इससे पहले भी दिया कई मेडल हासिल कर चुकी है।

Monday, 7 January 2019

राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 3 करोड़ 94 लाख 84 हजार रुपये की लागत से बनने वाली दो सडक़ों का विधिवत शिलान्यास किया

राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 3 करोड़ 94 लाख 84 हजार रुपये की लागत से बनने वाली दो सडक़ों का विधिवत शिलान्यास किया

पलवल 8 जनवरी। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व मुख्यममंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला ने रविवार को लगभग 03 करोड़ 94 लाख 84 हजार रुपये की लागत से बनने वाली दो सडक़ों का विधिवत शिलान्यास किया, जिनमें लगभग 2 करोड़ 27 लाख 18 हजार रुपये की लागत से गांव सोलडा से करोल तक की सडक़ तथा सोलड़ा से जेवर (ढाणी) तक लगभग 1 करोड़ 67 लाख 65 हजार रुपये की लागत से बनाई जाने वाली सडक़ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सडक़ों के बनने से आस-पास के कई गांवों के लोगों का आवागमन सुगम व सरल होगा।

केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने गांव सोलड़ा के राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पलवल क्षेत्र के यमुनापार गांवों के लिए 66 के.वी. बिजली के सब स्टेशन का कार्य प्रगति पर है। इन सडक़ों के बन जाने से आमजन को आने-जाने में सुगमता होगी। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक की वार्षिक ईलाज करवाने की सुविधा दी जा रही है। पलवल क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एक मील का पत्थर साबित होगी, जिससे युवाओं को रोजगार के साथ-साथ हाथ का हुनर प्रदान करने कर कार्य करेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष का गठबंधन नहीं महाठगबंधन है।

श्री मंगला ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में पलवल क्षेत्र में विकास कार्य की भरमार कर दी है। पलवल के विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। सडक़ों का चौडीकरण व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान रूप से बिना किसी भेदभाव के चहुंमुखी विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। 

कार्यक्रम में गांव सोलड़ा के सरपंच मोहर सिंह ने मुख्य अतिथि तथा विशिष्टï अतिथियों का फूलमाला पहनाकर व पगड़ी बांधकर भव्य स्वागत किया। ग्राम पंचायत सोलड़ा ने केंद्रीय राज्यमंत्री को मांगपत्र सौंपा, जिसमें यमुना नदी पार के खंड बड़ौली के अंतर्गत आने वाले ग्यारह गांवों को खंड पलवल में शामिल करवाने, गांव सोलड़ा के मवेशी अस्पताल को नया बनवाने, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की चारदिवारी बनवाने, गांव की फिरनी को पक्का करवाने जैसे विकास कार्य शामिल हैं।

इस अवसर पर पलवल मार्किट कमेटी के चेयरमैन रणवीर सिंह मनोज, पलवल निगरानी समिति के चेयरमेन मुकेश सिंगला, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठï अभियंता अरूण कुमार, ठाकुर उदयपाल, हुकम सिंह रावत, सतपाल, दानी सिंह, प्रेमराज नंबरदार, सत्यदेश शर्मा, असावटा के सरपंच योगेश, यशपाल, धर्मचंद, रामी, अधिवक्ता अविनाश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।
भजन संध्या में भजन गायक नवदीप बीकानेरी ने बांधा समां

भजन संध्या में भजन गायक नवदीप बीकानेरी ने बांधा समां

दिल्ली 7 जनवरी। मारवाड़ी समाज की और से रविवार को चांदनी चौक फतेहपुरी स्थित लक्ष्मी नारायण धर्मशाला में बाबा भैरव नाथ विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थान के मशहूर भजन गायक नवदीप बीकानेरी ने बाबा भैरवनाथ का प्रसिद्ध भजन 'भैंरुनाथ का घुँघरियाँ बाजे रे' पेश किया। देर शाम तक चले आयोजन में नवदीप बीकानेरी ने एक से बढ़कर एक भजन पेश कर समां बांध दिया। संध्या में दिल्ली के अलावा पूरे एनसीआर से मारवाड़ी समाज के लोग पहुंचे। 

इस मौके पर लाहौरी गेट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमित ईशर पहुंचे। उन्होंने भजन संध्या को लेकर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इस भागदौड़ भरे जीवन में आध्यात्म और भजनों के सुनने से नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से सामाजिक भाईचारा भी बढ़ता है। इस मौके भजन गायक राकेश ओझा, कान्हा बीकानेरी, संदीप मालिया ने भी बेहतरीन भजन पेश किए। इस मौके पर आयोजक मारवाड़ी समाज की बाबा भैरव नाथ भक्त मंडल-दिल्ली के सदस्यों ने बताया कि बाबा के सानिध्य में प्रतिवर्ष भजन संध्या का आयोजन कराया जाता है। जिसमें राजस्थानी ही नहीं बल्कि सभी प्रदेशों के लोगों को आमंत्रित किया जाता है। 

Wednesday, 12 December 2018

क्षेत्रीय जनता को सुव्यवस्थित, सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना मेरा कर्तव्य - महेश गिरी

क्षेत्रीय जनता को सुव्यवस्थित, सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना मेरा कर्तव्य - महेश गिरी

नई दिल्ली 13 दिसम्बर । पूर्वी दिल्ली सांसद एवं राष्ट्रीय मंत्री भाजपा महेश गिरी द्वारा आज से कृष्णा नगर विधानसभा से गिरी चैपाल का आयोजन प्रारंभ कर दिया गया। चैपाल में क्षेत्र के सेकड़ो की संख्या में स्थानीय नागरिक, आर.डब्लू.ए. पदाधिकारी तथा अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी तथा क्षेत्र की समस्याओं से सांसद को अवगत कराया।

’गिरी चैपाल’ में मुख्य रूप से सभी महत्त्वपूर्ण विभाग जैसे पी.डब्लू.डी., बी.एस.ई.एस., नगर निगम, डी.डी.ए., यातायात पुलिस, दिल्ली पुलिस, डी.यू.एस.आई.बी., दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली परिवहन निगम, एवं दिल्ली सिचांई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग आदि संबंधित अघिकारी मौजूद थे। 

गिरी चौपाल में सांसद महेश गिरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पूर्व क्षेत्र में अब तक 45 गिरी चौपाल का आयोजन किया जा चुका है। जनता की मांग पर आज से पुनः क्षेत्रीय जनता को सुव्यवस्थित, सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने हेतु पुनः 'गिरी चौपाल’ का आयोजन प्रत्येक विधानसभा में क्रमानुसार प्रारम्भ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर को कोंडली विधानसभा मे गिरी चौपल का आयोजन होगा। सांसद ने कहा कि ‘गिरी चौपाल’ का लक्ष्य  है जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का प्रत्यक्ष निराकरण। 

चैपाल में आये सभी लोगो ने अपनी अपनी समस्याओं की सांसद के सम्मुख रखा। सांसद गिरी ने तत्काल की चौपाल में उपस्थित अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिये।  

गिरी चैपाल में सर्वश्री रामकिशोर शर्मा भाजपा शाहदरा जिला अध्यक्ष, निगम पार्षद दीपक मल्होत्रा, संदीप कपूर, नीमा भगत तथा अन्य पदाधिकारी  जय गोपाल वर्मा, हरविंदर सिंह, कमल बुद्धिराजा, रणवीर कुमार (हैप्पी), राम जेटली, पवन कुंद्रा, अमित शर्मा, इंदरमल गुप्ता, विनय गुप्ता, महेन्द्र भटेजा,सुशील श्रीवास्तव, विनोद कुमार, वीरेंद्र अग्रवाल, राजेश साहनी, सौम्या गुप्ता, तथा अन्य भाजपा कार्यकर्ता तथा स्थानीय आर.डब्लू.ए. के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूली पाठ्यक्रम घटाकर आधा करने का प्रस्तावः प्रकाश जावड़ेकर

स्कूली पाठ्यक्रम घटाकर आधा करने का प्रस्तावः प्रकाश जावड़ेकर

NEW DELHI  ( 13 दिसम्बर ) केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचाने और प्रतिभा पोषण तथा प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। श्री जावड़ेकर आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाल भवन में एक रंगारंग कार्यक्रम में ‘कला उत्सव’ का उद्घाटन कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी 8वीं कक्षा से आगे पढ़ाई की बोझ से इतना दबे हुए है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को दिखाने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रतिभा विकास करने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से स्कूली पाठ्यक्रम को घटाकर आधा करने का प्रस्ताव है।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि हमारे स्कूलों के 26 करोड़ तथा कॉलेजों के 4 करोड़ विद्यार्थी हमारी संपत्ति और भविष्य हैं। उन्होंने कार्यक्रम में देश की अनेकता में एकता दिखाते हुए प्रस्तुत नृत्य और गायन कार्यक्रम की सराहना की।

इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान तथा प्रशिक्षण परिषद के निदेशक प्रो. ऋषिकेश सेनापति ने कहा कि यह कला उत्सव का चौथा संस्करण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली बच्चों की कला प्रतिभा दिखाने की अनूठी राष्ट्रीय प्रतियोगिता है।

गायन, वाद्य संगीत, नृत्य तथा पेंटिंग में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कर्नाटक को छोड़कर सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के 370 से अधिक बच्चे भाग ले रहे हैं। इसमें केन्द्रीय विद्यालय संगठन तथा नवोदय विद्यालय समिति की टीमें भी भाग ले रही हैं।

कला उत्सव राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2015 में स्कूली बच्चों की कला प्रतिभा के प्रोत्साहन के उद्देश्य से प्रारंभ की गई थी।

Monday, 10 December 2018

कुबोता और एस्कॉर्ट्स ने विश्व में अग्रणी स्थान हासिल करने के लिए हाथ मिलाया

कुबोता और एस्कॉर्ट्स ने विश्व में अग्रणी स्थान हासिल करने के लिए हाथ मिलाया

फरीदाबाद 11 दिसंबर।  एस्कॉर्ट्स लि. और कुबोता कॉर्पोरेशन का लक्ष्य मज़बूत घरेलू एवं निर्यात बाज़ार में हिस्सेदारी प्राप्त करना है, जिसके लिए दोनों कंपनियां तकनीकी सहयोग और उच्च-क्षमता वाले यूटिलिटी ट्रैक्टर रेंज के लिए वैश्विक संयुक्त उपक्रम बनाएंगे

दोनों कंपनियां साथ मिलकर भारत और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार के लिए नए उत्पाद विकसित करेंगी
नई साझा निर्माण व्यवस्था के लिए संयुक्त उपक्रम बनाया जाएगा, जिसकी शुरुआती क्षमता 50 हज़ार ट्रैक्टरों की होगी। यह ट्रैक्टर दोनों कंपनियों द्वारा घरेलू बाज़ार में अपने निजी चैनल नेटवर्क के माध्यम से बेचे जाएंगे
इस भागीदारी के तहत, चुनिंदा बाज़ारों में आपसी सहमति के अनुसार कुबोता अपने ग्लोबल डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के जरिये एस्कॉर्ट्स के ट्रैक्टर्स एक्सपोर्ट करेगी
एस्कॉर्ट्स और केबीटी भारत में स्वतंत्र रूप से अपने डिस्ट्रिब्यूशन चैनल को विकसित करना जारी रखेंगे, साथ ही दोनों कंपनियां साझा विकास और भविष्य में कुछ ग्रीनफील्ड अवसरों के लिए अपने तकनीकी प्लेटफॉर्म्स एक दूसरे को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराएंगी

नई दिल्ली, 10 दिसंबर, 2018: भारत के अग्रणी इंजीनियरिंग समूह एस्कॉर्ट्स लि और जापान की सबसे बड़ी एवं विश्व की अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी कुबोता कॉर्पोरेशन ने अपने वैश्विक संयुक्त उपक्रम की घोषणा की है। यह ज्वाइंट वेंचर घरेलू एवं निर्यात बाज़ारों के लिए उच्च क्षमता तकनीक वाले ट्रैक्टरों का निर्माण करेगा। इस भागीदारी के तहत कुबोता की अग्रणी जापानी तकनीक और एस्कॉर्ट्स की उत्कृष्ट इंजीनियरिंग क्षमताओं को उपयोग करते हुए एक बढ़ते बाज़ार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों कंपनियां मिलकर पूरे विश्व में अग्रणी स्थान हासिल करने के लिए उच्च क्षमता वाले गुणवत्तापूर्ण यूटिलिटी ट्रैक्टर बनाएंगी। 

कुबोता और एस्कॉर्ट्स के बीच हुए क्रमशः 60:40 निर्माण संयुक्त उपक्रम में रु. 300 करोड़ का शुरुआती निवेश किया जाएगा। इससे दोनों भागीदारों को विश्वभर में अपनी मौजूदा एवं भविष्य की क्षमताओं को इस सेग्मेंट में बेहतर बनाने हेतु सहायता मिलेगी। इस संयुक्त उपक्रम का उद्देश्य घरेलू एवं निर्यात बाज़ारों में, मध्यम से लंबी अवधि के दौरान अग्रणी स्थान हासिल करना है। 

इस अवसर पर बोलते हुए निखिल नंदा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, एस्कॉर्ट्स लि. ने कहा, “एस्कॉर्ट्स योजनाबद्ध तरीके से तकनीकी एवं निर्माण साझेदारियों के जरिये एक वैश्विक संगठन के रूप में विकसित हो रहा है। कुबोता के साथ हमारे वैश्विक संयुक्त उपक्रम का लक्ष्य घरेलू एवं निर्यात बाज़ारों में तकनीक आधारित साझा विकास हासिल करना है। हमारी मौजूदा शक्तियों, डिस्ट्रिब्यूशन और इंजीनियरिंग मानकों के साथ हम कारोबारी अवसरों वाले अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में जाएंगे और विश्व में अग्रणी स्थान हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

मासातोशी किमाता, प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर, कुबोता कॉर्पोरेशन, जापान ने कहा, “एस्कॉर्ट्स ग्रुप के साथ भागीदारी की घोषणा करते हुए हम उत्साहित हैं। एस्कॉर्ट्स के पास एक मज़बूत तकनीकी विरासत और कृषि उपकरण समाधानों का एक विविध उत्पाद पोर्टफोलियो है। वहीं कुबोता के पास एक प्रमाणित वैश्विक तकनीक है और हम साथ मिलकर भारत सहित अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर ध्यान देंगे, जिन्हें अत्यधिक मशीनीकृत कृषि कार्यों की बढ़ती मांग के लिए उच्च क्षमता वाले आधुनिक ट्रैक्टरों की ज़रूरत है। अपने देशों में अग्रणी स्थिति रखने वाले कुबोता और एस्कॉर्ट्स साथ मिलकर अपनी-अपनी शक्तियों, तकनीक एवं निर्माण उत्कृष्टता को संगठित करते हुए एक ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।” 

इस संयुक्त उपक्रम के लिए समझौता-पत्र पर एस्कॉर्ट्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल नंदा और कुबोता कॉर्पोरेशन, जापान के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर मासातोशी किमाता ने हस्ताक्षर किये। 

एस्कॉर्ट्स लिमिटेड के बारे में संपादक के लिए नोट
एस्कॉर्ट्स समूह देश के अग्रणी इंजीनियरिंग समूहों में से एक है जो कि कृषि मशीनों, मैटेरियल हैंडलिंग, निर्माण उपकरणों, रेलवे उपकरण जैसे उच्च विकास क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित करता है। समूह ने अपने उत्पादों और प्रक्रिया नवीनीकरण के द्वारा अपने संचालन के पिछले सात दशकों में 50 लाख ग्राहकों से भी अधिक का विश्वास जीता है। एस्कॉर्ट्स कृषि मशीनीकरण, रेलवे तकनीक के आधुनिकिकरण में क्रांति की अगुवाई करते हुए और भारतीय निर्माण क्षेत्र के स्वरूप के बदलाव में शामिल होकर ग्रामीण और शहरी भारत में रहने वाले लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए प्रयत्नशील है।

कुबोता कॉर्पोरेशन के बारे में संपादक को नोट
कुबोता ग्रुप एक ग्लोबल मेन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जो कृषि, जल और रहिवासी पर्यावरण उत्पादों में विशेषज्ञता रखती है। इस ग्रुप का नेटवर्क विश्वभर के 100 देशों में मौजूद है। कुबोता के रिसर्च एवं डेवलपमेंट में वास्तविक प्रक्रियाओं को महत्व दिया जाता है। एक कृषि एवं जल विशेषज्ञ के रूप में हम भोजन, पानी और पर्यावरण के भविष्य को चुनौती देते हुए उसे हासिल करते हैं और अपने ग्राहकों की ज़रूरत पूरी करते हैं। सक्रिय प्रबंधन, सुविधाजनक उत्पादों और निरंतर सहायता के साथ कुबोता ग्रुप वैश्विक कृषि एवं जल संबंधी उद्योगों में पूरे विश्व में अग्रणी है। 

राजस्थान मैं कांग्रेस की सबसे बड़ी बढत

राजस्थान मैं कांग्रेस की सबसे बड़ी बढत

राजस्थान 11 दिसंबर।  राजस्थान विधानसभा चुनाव के परिमाण के रुझान सभी 199 सीटो पर आ गए है जिसमें कांग्रेस सरकार बनती नजर आ रही है प्रदेश मैं 200 विधानसभा सीटो मैं 199 सीटो पर वोटिंग हुई है और 2274 उम्मेदवार चुनावी मैदान मैं है 

 राजस्थान विधानसभा चुनाव के रुझानों में कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा छू लिया है और कांग्रेस की सरकार बनती नजर आ रही है रुझानों में सुराख शुरुआत से आगे चल रही है कांग्रे सभी 199 सीटों में से 114 पर आगे चल रही है जबकि बीजेपी 81 सीट पर आगे चल रही है कांग्रेस के कार्यलय पर ख़ुशी की लहर I 


Sunday, 9 December 2018

किकबॉक्सिंग में फरीदाबाद जिले के खिलाडियों ने राष्टीय प्रतियोगिता में जीते दो स्वर्ण पदक

किकबॉक्सिंग में फरीदाबाद जिले के खिलाडियों ने राष्टीय प्रतियोगिता में जीते दो स्वर्ण पदक

फरीदाबाद  9 दिसंबर ।   'वाको राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग महासंघ' की ओर से 02 से 05 दिसम्बर को खुदीराम अनुशीलन केन्द्र इंडोर स्टेडियम, कोलकाता, पश्चिम बंगाल मे चार दिवसीय "सीनियर राष्ट्रीय स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता" आयोजित की गई। 

'फरीदाबाद जिला किकबॉक्सिंग संघ' के संस्थापक महासचिव श्री संतोष कुमार अग्रवाल ने बताया की 'फरीदाबाद जिले की ओर से 07 खिलाड़ियों ने भाग लिया और हरियाणा राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए मैडल पर पंच लगाए जिनमे से सुयश पराशर एवं नितेश मुखिया का स्वर्ण पदक, सूरज का रजत, यश नरूला का कास्य पदक, आकाश नागर कास्य पदक, अरुण कास्य पदक, तरुण नागर ने भी कास्य पदक हासिल किया. हुए इन सभी खिलाडियो का शनिवार को फरीदाबाद स्टेशन पहुंचने पर बाबी नरूला एवं समस्त नीमका ग्राम वासियों ने खुशी  जाहिर कि और उनका फरीदाबाद में लोटने पर भव्य स्वागत किया.

किकबॉक्सिंग कोच पुलकित भरद्वाज का कहना हे की खिलाडियो ने अपने गाँव का ही नहीं बल्कि फरीदाबाद जिले और हरियाणा राज्य को भी बड़ी उपलबधी प्राप्त कराइ है। ये सभी खिलाडी सेक्टर-77 नीमका अकादमी फरीदाबाद के प्रशिक्षक पुलकित भरद्वाज की निगरानी में ट्रेनिंग लेते है।

हरियाणा किकबॉक्सिंग संघ के संस्थापक महासचिव श्री संतोष कुमार अग्रवाल ने बताया की हरियाणा प्रदेश की 13 सदस्यीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण पदक, एक रजत पदक एवं पांच कांस्य पदक जीतकर फरीदाबाद के साथ साथ पुरे हरियाणा को गौरवान्वित किया है. 

1. साहिल भरद्वाज - स्वर्ण पदक - रोहतक 
2. कुसुम - स्वर्ण पदक - झज्झर  
3. सुयश पराशर - स्वर्ण पदक - फरीदाबाद 
4. नितेश मुखिया - स्वर्ण पदक - फरीदाबाद 
5. सूरज कुमार - रजत - फरीदाबाद 
6. यश नरूला - कास्य पदक - फरीदाबाद 
7. आकाश नागर - कास्य पदक - फरीदाबाद 
8. अरुण कुमार - कास्य पदक - फरीदाबाद 
9. तरुण नागर - कांस्य पदक - फरीदाबाद 
10. अजय कुमार - कांस्य पदक - झज्झर 
11. जसवंत सिंह - रेफ़री
12. कुलदीप कुमार - रेफ़री 
13. पुलकित भारद्वाज - कोच 

खिलाडियों की इस जीत पर हरियाणा किकबॉक्सिंग संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्री आनंद मोहन शरण आई. ऐ. एस., संरक्षक श्री सतीश पराशर, फरीदाबाद जिला किकबॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष श्री राज कुमार अग्रवाल संयुक्त सचिव श्री अनिल गुप्ता एवं श्री पवन कुमार नागपाल, सदस्यों में श्री अशोक चौधरी, श्रीपाल शर्मा, श्री नरेश चावला, श्री वीरभान शर्मा, श्री तरुण गुप्ता, श्री आनंद मेहता, श्री विकास अग्रवाल, श्री अजय अदलखा, श्री राजेश गोस्वामी, श्री अरुण बजाज ने बधाई दी है. 
केरल में नैशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में पुष्पांजलि राणा, शौर्य सरीन और अर्पित गोयल समेत दिल्ली के निशानेबाज़ों का जलवा

केरल में नैशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में पुष्पांजलि राणा, शौर्य सरीन और अर्पित गोयल समेत दिल्ली के निशानेबाज़ों का जलवा

केरल 9 दिसंबर । केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में चल रही नैशनल शूटिंग चैंपियनशिप में सीआरपीएफ की पुष्पांजलि राणा ने सिल्वर मेडल जीता है। दिल्ली की पुष्पांजलि ने सीआरपीएफ की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 25 मीटर पिस्टल ईवेंट में 577 स्कोर किया और फाइनल में जगह बनाई। 15 नवम्बर को शुरू हुई राष्ट्रीय निशानेबाज़ी प्रतियोगिता का 7 दिसम्बर को समापन हुआ। जिसमें देशभर से छह हजार से ज़्यादा निशानेबाज़ों ने हिस्सा लिया। 

25 मीटर पिस्टल के फाइनल मुकाबले में आठ शीर्ष निशानेबाज़ होते हैं। जिनमें एशियन गेम्स पदक विजेता राही सरनोबत, कॉमनवेल्थ पदक विजेता मनु भाकर, हिना सिद्धू भी शामिल थीं। फाइनल में कड़ा मुकाबला हुआ और महाराष्ट्र की राही सरनोबत ने 36 हिट्स मारकर गोल्ड मेडल जीता, पुष्पांजलि को 30 हिट्स मिले और मध्यप्रदेश की चिंकी यादव 20 हिट्स के साथ तीसरे स्थान पर रही। पुष्पांजलि अब अंतरराष्ट्रीय सेलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेंगी और नैशनल गेम्स के लिए भी उन्होंने जगह बना ली है। 

25 मीटर पिस्टल वुमन इवेंट के जूनियर मुकाबला हरियाणा की मनु भाकर के नाम रहा। मशहूर निशानेबाज़ जसपाल राणा की बेटी देवांशी राणा ने ओएनजीसी का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता और उत्तराखंड की नेहा ने कांस्य पदक जीता। 

दिल्ली के जूनियर निशानेबाज़ों का भी खूब जलवा दिखा। शौर्य सरीन ने 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट के जूनियर और सीनियर मुकाबलों में भाग लेते हुए 544 स्कोर किया, एक गोल्ड मेडल, तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। 
फरीद अली, शौर्य सरीन एयर अर्पित गोयल की टीम ने 50 मीटर पिस्टल का सिल्वर मेडल जीता। जबकि शौर्य सरीन, अनमोल अरोड़ा और हर्ष गुप्ता की टीम सिविलियन मुकाबले में दूसरे और ओपन मुकाबले में तीसरे स्थान पर रही। 

25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल इवेंट में फरीद अली, अर्पित गोयल और प्रशांत लकड़ा की टीम ने सिल्वर मेडल जीतकर दिल्ली का नाम रोशन किया। 
50 मीटर फ्री राइफल प्रोन वेटरन इवेंट में दिल्ली के डॉ मनजीत सिंह कंवर ने गोल्ड मेडल जीता। जबकि 10 मीटर पिस्टल वेटरन इवेंट में दिल्ली की निर्मल यादव ने स्वर्ण पदक जीता। 

पचास मीटर राइफल प्रोन इवेंट में दिल्ली के तरुण यादव ने अलग अलग कैटगरी में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता। नरेश कुमार शर्मा ने 50 मीटर राइफल पैरा इवेंट में गढ़ जीता। तो 10 मीटर पिस्टल पैरा इवेंट में पूजा अग्रवाल ने कांस्य पदक अपने नाम किया। 
दिल्ली के कई निशानेबाज़ अंतरराष्ट्रीय सेलेक्शन ट्रायल्स के लिये भी क़वालीफाई कर चुके हैं। जो 20 दिसम्बर से दिल्ली की डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में होंगे।

Friday, 30 November 2018

लखन सिंगला को मिली राहुल गांधी के स्वागत की जिम्मेदारी

लखन सिंगला को मिली राहुल गांधी के स्वागत की जिम्मेदारी

फरीदाबाद, 30 नवंबर: सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लोगों से कांग्रेस प्रत्याशी हनुमान मील के पक्ष में मतदान करने और राहुल गांधी की हनुमानगढ़ रैली में शामिल होने की करी अपील
 हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं राजस्थान चुनाव में गंगानगर जिले की सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी लखन कुमार सिंगला को आलाकमान से तोहफा मिला है। सिंगला को एक दिसंबर को सूरतगढ़ पधार रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का स्वागत की जिम्मेदारी मिली है। इसी दिन राहुल गांधी हनुमानगढ़ में बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। सिंगला को यह जिम्मेदारी पंजाब सरकार में मंत्री एवं गंगानगर जिले के चुनाव पर्यवेक्षक बिजेंद्र सिंगला ने दी है। सिंगला ने सूरतगढ़ उम्मीदवार एवं राहुल गांधी की रैली के पक्ष में अधिक से अधिक लोगों का मन बनाने के लिए दिन रात एक कर रखा है।

लखन कुमार सिंगला कई दिन से राजस्थान के गंगानगर जिले के सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसी उम्मीदवार हनुमान मील के चुनाव प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। जहां उन्होंने प्रचार को एक नई धार दी है। आज भी उन्होंने उम्मीदवार हनुमान मील के साथ कई इलाकों में सघन चुनाव प्रचार करने के साथ साथ लोगों को एक दिसंबर को हनुमान गढ़ में होने वाली कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली में आने का निमंत्रण दिया। रैली से पहले राहुल गांधी सूरतगढ़ पधारेंगे जहां सिंगला को उनके स्वागत की जिम्मेदारी मिली है।

सिंगला ने सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से कहा कि देश में झूठ का माहौल फैलाया गया था, जो अब छंट गया है। लोग राहुल गांधी की ओर आशा से देख रहे हैं। लोगों को समझ आ गया है कि देश के कमेरे, युवा, किसान का भविष्य राहुल गांधी और कांग्रेस के हाथों में ही सुरक्षित है।

इस दौरान उनके साथ पंजाब की कांग्रेस सरकार में मंत्री एवं गंगानगर जिले के चुनाव पर्यवेक्षक बिजेंद्र सिंगला, गंगानगर से पूर्व कांग्रेसी सांसद शंकर लाल पन्नू, पंजाब से कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह, बिल्लू गोयल सहित राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी, ग्रीवेंस कमेटी के पूर्व सदस्य संदीप वर्मा, व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष दीपक भाटिया, राजपूत समाज के अध्यक्ष राजेश भाटी, व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित सिडाना, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य परमजीत सिंह रंधावा, लालचंद भाम्भू, व्यापार मंडल के जाइंट सेके्रटरी आकाश बंसल, सूरतगढ़ से पार्षद सुशील धानुका आदि प्रमुख व्यक्ति भी शामिल रहे।

Sunday, 25 November 2018

रमणीक प्रभाकर को इन्डो नैपाल एकता अवार्ड 2018 से सम्मानित किया

रमणीक प्रभाकर को इन्डो नैपाल एकता अवार्ड 2018 से सम्मानित किया

फरीदाबाद 25 नवंबर ।  इंडो नैपाल समरसता मंच द्वारा रमणीक प्रभाकर को इन्डो नैपाल एकता(2018) अवार्ड, सोने का तगमा,शॉल व पग़ड़ी बाँध कर  से सम्मानित किया गया कार्यक्रम का आयोजन  ISIL ऑडिटोरियम, भगवान दास रोड़, नई दिल्ली में किया गया । 

इस कार्यक्रम में लगभग 500 लोगो ने हिस्सा लिया जिसमे 50 प्रतिभागियों को इन्डो नैपाल एकता अवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया जो भारत के अलग अलग राज्यो से आए थे । इसमे अलग अलग देशो नेपाल, भूटान, श्रीलंका, व इत्यादि  से भी लोग आए हुए थे । 

 अंतराष्ट्रीय समरसता मंच एक गैर राजनेतिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक संस्था है जो सर्व धर्म समभाव की विचारधारा के अनुसार विश्व बंधुत्व की भावना से मानव सेवा हितार्थ सांस्कृतिक समन्वय एवं शोध कार्यो द्वारा मानवीय एकता व समरसता के लिए विभिन्न क्षेत्रो में कार्यरत व्यक्तियो का एक ऐसा समूह है जो स्व प्रेरणा एवं स्वम अनुशासन के माध्यम से जनहित के कार्यो के लिए सदस्य के रूप में कार्य करते है । मंच का कार्य अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सामाजिक व्यवस्था के अनुसार भारत नैपाल की वैदिक कालीन सांस्कृतिक का पूर्ण उत्थान हो, भारत पुनः वैदिक कालीन जगत गुरु के आसन पर पदस्थापित हो एवं संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में वीटो पावर के साथ स्थाई सदस्यता दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्र सदस्यो का मित्रवत सहयोग की आशा से चलाया जा रहा प्रेरित अभियान है । 

 मंच पर मुख्य रूप से उपस्थित प्रधान महावीर टोरडी, सांसद अमर सिंह, एडवोकेट ए. पी. सिंह, श्री लोकेन्द्र बहादुर चन्द, पूर्व प्रधानमंत्री नेपाल, मुख्य अतिथि टोप बहादुर रायमाझी, पूर्व उप प्रधानमंत्री नेपाल, सचिव कुलदीप शर्मा, एडवोकेट सर्वोच्य न्यायालय नेपाल द्वारा रमणीक प्रभाकर को इन्डो नैपाल एकता अवार्ड(2018) से सम्मानित किया गया ।

इसके अलावा कई राज्यो के गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया ।

Friday, 16 November 2018

देश के 91 प्रमुख जलाशयों का जलस्‍तर तीन प्रतिशत घटा

देश के 91 प्रमुख जलाशयों का जलस्‍तर तीन प्रतिशत घटा

NEW DELHI : 16 नवंबर, 2018 को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के 91 प्रमुख जलाशयों में 103.735  बीसीएम (अरब घन मीटर) जल संग्रह हुआ। यह इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 64  प्रतिशत है। 08  नवंबर, 2018 को समाप्‍त सप्ताह में जल संग्रहण 67 प्रतिशत था। 15 नवंबर को समाप्‍त सप्‍ताह में यह संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि के कुल संग्रहण का 99 प्रतिशत तथा पिछले दस वर्षों के औसत जल संग्रहण का 97  प्रतिशत था।

इन 91 जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता 161.993 बीसीएम है, जो समग्र रूप से देश की अनुमानित कुल जल संग्रहण क्षमता 257.812 बीसीएम का लगभग 63 प्रतिशत है। इन 91 जलाशयों में से 37जलाशय ऐसे हैं जो 60 मेगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ पनबिजली लाभ देते हैं।

क्षेत्रवार संग्रहण स्थिति : -

उत्तरी क्षेत्र

उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान आते हैं। इस क्षेत्र में 18.01 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्यूसी) की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 14.99 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 83 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 70  प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 72 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण बेहतर है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी बेहतर है।

पूर्वी क्षेत्र

पूर्वी क्षेत्र में झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल एवं त्रिपुरा आते हैं। इस क्षेत्र में 18.83 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 15 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 12.97  बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 69 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 77 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 73 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण कम है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी कम है।

पश्चिमी क्षेत्र

पश्चिमी क्षेत्र में गुजरात तथा महाराष्ट्र आते हैं। इस क्षेत्र में 31.26 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 27 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 15.92बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 51 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 67 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 64 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण कम है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी कम है।

मध्य क्षेत्र

मध्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ आते हैं। इस क्षेत्र में 42.30 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 12 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 29.82 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 70 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 59 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 67 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण बेहतर है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी बेहतर है।

दक्षिणी क्षेत्र

दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एपी एवं टीजी (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं), कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु आते हैं। इस क्षेत्र में 51.59 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 31 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 30.03 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 58 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 62 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 63 प्रतिशत था। इस तरह चालू वर्ष में संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए संग्रहण से कम है और यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के दौरान रहे औसत संग्रहण से भी कम है।

पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्यों में जल संग्रहण बेहतर है उनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्‍थान, उत्तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक,केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्यों में जल संग्रहण कम है उनमें झारखंड, ओडिशा पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, गुजरात और महाराष्‍ट्र,एपी एवं टीजी (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं), आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं।

Monday, 29 October 2018

प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने मैं नहीं हम एप जारी करने और सेल्‍फ 4 सोसायटी पर आई.टी. पेशेवरों के साथ संवाद का मूल पाठ

प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने मैं नहीं हम एप जारी करने और सेल्‍फ 4 सोसायटी पर आई.टी. पेशेवरों के साथ संवाद का मूल पाठ

NEW DELHI , 29 अक्टूबर। मंत्री परिषद के मेरे सभी साथी, भारत के औद्योगिक जीवन को गति देने वाले, आईटी प्रोफेशन को बल देने वाले सभी अनुभवी महानुभाव, और आईटी के क्षेत्र से जुड़ी हुई हमारी युवा पीढ़ी, गांव में CSC के सेंटर में बैठे हुए बहुत आशाओं के साथ सपनों संजो करके जी रहे हमारे स्कूल, कॉलेज के students, आईआईटी समेत अनेक institutions के विद्यार्थी, मेरे लिए प्रसन्नता का विषय है कि जो मुझे सबसे प्रिय काम है ऐसे अवसर पर आज आपके बीच आने का मौका मिला है।

हमारे मंत्री श्री रविशंकर जी, सरकार के काम का ब्योरा दे रहे थे, लेकिन मैं इस काम के लिए आपके बीच नहीं आया हूं। कोई भी इंसान अपने करियर में कितना भी आगे चला जाए, वैभव कितना ही प्राप्त कर ले, पद-प्रतिष्ठा कितनी ही प्राप्त कर लें। एक प्रकार से जीवन में जो सपने देखें हो वो सारे सपनें अपनी आंखों के सामने उसे अपने स्व-प्रयत्न से साकार की, उसके बावजूद भी उसके मन में संतोष के लिए तड़प, भीतर संतोष कैसे मिले? और हमने अनुभव किया है कि सब प्राप्ति के बाद व किसी और के लिए कुछ करता है, कुछ जीने का प्रयास करता है, उस समय उसका satisfaction level बहुत बढ़ जाता है।

मैं अभी प्रारंभ की फिल्म में श्रीमान अज़ीम प्रेम जी को सुन रहा था। 2003-04 में जब मैं गुजरात का मुख्य मंत्री था और वो कार्यकाल में मुझसे मिलने आते थे तो अपने business के संबंध में, सरकार के साथ किसी काम के संबंध में वो बात करते थे। लेकिन उसके बाद मैंने देखा पिछले 10-15 साल से जब भी मिलना हुआ है एक बार भी वे अपना, कंपनी का, अपने corporate work का उसके काम की कभी चर्चा नहीं करते। चर्चा करते हैं तो जिस मिशन को लेकर इन दिनों काम कर रहे हैं वो education का, उसी की चर्चा करते हैं और इतना involve हो करके करते हैं जितना कि वो अपनी कंपनी के लिए नहीं करते। तो मैं अनुभव करता हूं कि उस उम्र में, उम्र के इस पढ़ाव पर जीवन में इतनी बड़ी कंपनी बनाई, इतनी बड़ी सफलता की, यात्रा की, लेकिन संतोष मिल रहा है, 

अभी जो काम कर रहे हैं उससे। इसका मतलब यह हुआ कि व्यक्ति के जीवन में, ऐसा नहीं है कि हम जिस प्रोफेशन में है, अगर मान लीजिए की डॉक्टर है तो किसी की सेवा नहीं करता है... करता है, एक scientist है लेबोरेटरी के अंदर अपनी जिंदगी खपा देता है और कोई ऐसी चीज खोज करके लाता है जो पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों की जिंदगी को बदलने वाली है। इसका मतलब नहीं यह नहीं की है वो समाज के लिए काम नहीं करता है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुद के लिए जीता था या खुद के नाम के लिए कर रहा था, जी नहीं। वो कर रहा था लोगों के लिए, लेकिन अपने हाथों से अपने आंखों के सामने, अपनी मौजूदगी में जो करता है, उसका संतोष अलग होता है। और आज वो संतोष आखिरकार की जो मूल प्रेरणा होती है हर इंसान, कुछ आप भी अपने आप देख लीजिए, अपने खुद के जीवन से देख लीजिए, स्वांत: सुखाय, कुछ  लोग यह करते है कि मुझे संतोष मिलता है, मुझे भीतर से आनंद मिलता है, मुझे ऊर्जा मिलती है।

हम रामायण में सुन रहे हैं कि गिलहरी भी रामसेतु के निर्माण में राम के साथ जुड़ गई थी। लेकिन एक गिलहरी ने तो प्रेरणा पा करके उस पवित्र कार्य में जुड़ना अच्छा माना, लेकिन दूसरा भी एक दृष्टिकोण हो सकता है कि राम जी को अगर सफल होना है, ईश्वर भले ही हो उसको भी गिलहरी की जरूरत पड़ती है, जब गिलहरी जुड़ जाती है तो सफलता प्राप्त होती है। सरकार कितने ही initiative लेती हो, सरकार कितना ही बजट खर्च करती हो लेकिन जब तक जन-जन का उसमें हिस्सा नहीं हो, भागीदारी नहीं होगी तो हम जो परिणाम चाहते हैं, इंतजार नहीं कर सकता हिन्दुस्तान। दुनिया भी हिन्दुस्तान को अब इंतजार करते हुए देखना नहीं चाहती है। दुनिया भी हिन्दुस्तान को, हिन्दुस्तान लीड करे इस अपेक्षा से देख रही है। 

अगर यह दुनिया की अपेक्षा है तो हमें भी हमारे देश को उसी रूप से करना होगा। अगर वो करना है तो हिन्दुस्तान के सामान्य मानव की जिंदगी में बदलाव कैसे आये। मेरे पास जो कौशल है, सामर्थ्य है, जो शक्ति हो, जो अनुभव है उसका कुछ उपयोग मैं किसी के लिए कर सकता हूं क्या ? एक बात निश्चित है कि किसी ऐसे स्थान है, जहां पर कोई भी गरीब आए, कोई भूखा आए, तो खाना मिल जाता है। वहां जो देने वाले लोग हैं वे भी बड़े समर्पित भाव से देते हैं। खाने वाला जो जाता है वहां, एक स्थिति ऐसी आ जाती है, एक institutional arrangement है, व्यवस्था है, मैं जाऊंगा, मुझे मिल जाएगा। जाने वाले को भी उसके प्रति विशेष attention नहीं होता है कि देने वाले कौन है। देने वाले के मन में भी कुछ conscious नहीं होता है कि आया कौन था। क्यों? क्योंकि उसकी एक आदत बन जाती है, कोई आता है 

वो खाना खिलाता है, वो चल देता है। लेकिन एक गरीब किसी गरीब परिवार के दरवाजे पर खड़ा है, भूखा है, और एक गरीब अपनी आधी रोटी बांट करके दे देता है। दोनों को जीवन भर याद रहता है। उसमें संतोष मिलता है। व्यवस्था के तहत होने वाली चीजों की बजाय स्व प्रेरणा से होने वाली चीजें कितना बड़ा परिवर्तन करती है यह हम सबने देखा है। हम कभी हवाई जहाज से जा रहे हैं बगल में कोई बुजुर्ग बैठे हैं, पानी पीना है, बोटल है लेकिन खुल नहीं रही है, हमारा ध्यान जाता है, हम तुरंत उसको खोल देते हैं, हमें संतोष मिलता है। यानि किसी के लिए जीने का आनंद कुछ और होता है।

मैंने एक परंपरा विकसित करने का प्रयास किया है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब मैं मुख्यमंत्री था तब भी किया करता था, किसी university के convocation में जाता हूं, तो मुझे बुलाने वालों से मैं आग्रह करता हूं कि आप उस university के नजदीक में कहीं सरकारी स्कूल हो, झुग्गी-झोपड़ी के गरीब बच्चे पढ़ते हो, आठवीं, नौंवी, दसवीं के, तो वो मेरे 50 special guest होंगे और उस convocation में उनको जगह दीजिए, उनको बैठाइये, उनको निमंत्रित कीजिए और वो आते है

Sunday, 28 October 2018

इधर लोगों की प्रदूषण से सांस फूली, उधर बोर्ड बोला मशीन है खराब

इधर लोगों की प्रदूषण से सांस फूली, उधर बोर्ड बोला मशीन है खराब

फरीदाबाद, 29 अक्टूबर I शहर में प्रदूषण की मात्रा अधिक हुई तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मशीन में गड़बड़ी बता दी। बोर्ड का कहना है कि मशीन में गड़बड़ी होने के कारण पीएम 2.5 का स्तर काफी अधिक दिखा रहा था। लेकिन अब मशीन को सही कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मशीन में कुछ दिक्कतें होने से पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा हुआ बताया जा रहा था। मशीन की कमियों को दूर करा दिया गया है, जिससे उ मीद है कि आने वाले दिनों में जिले में प्रदूषण का सही स्तर पता चल सकेगा।

प्रदूषण के मामले में फरीदाबाद देशभर के टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है। शुक्रवार को पीएम 2.5 का स्तर 381 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया था। फरीदाबाद में सेक्टर 16 ए स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के ऊपर एक मशीन लगी हुई है, जिससे प्रदूषण के स्तर का पता चलता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर विजय चौधरी ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी दो दिन पहले फरीदाबाद आए थे। 

उन्होंने कहा कि मशीन पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक बता रही है, जबकि इतना अधिक प्रदूषण विजुअल नहीं हो रहा है। इसलिए उन्होंने मशीन को चैक कराने के आदेश दिए। क्योंकि मशीन का संचालन प्राइवेट कंपनी करती है, इसलिए हमने कंपनी के अधिकारियों को बुलाया। उन्होंने मशीन को अपडेट किया है। उ मीद है कि अब प्रदूषण का स्तर कम होगा और पीएम 2.5 का सही स्तर हमें पता चल पाएगा। विजय चौधरी ने बताया कि शनिवार रात से रविवार दोपहर तक मशीन बंद रही थी। रविवार को दोपहर लगभग 12 बजे से शाम 4 बजे तक पीएम 2.5 का औसत स्तर 93 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया है।