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Monday, 17 January 2022

सिंधु ने चालिहा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई

सिंधु ने चालिहा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई

नई दिल्ली : बीते साल दिसंबर में स्पेन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले भारत के लक्ष्य सेन ने अपने ही देश के एचएस प्रणय पर जीत के साथ भारतीय बैडमिंटन के शीर्ष सितारों में से एक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया, जबकि शीर्ष वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु ने शुक्रवार को अश्मिता चालिहा पर एक शानदार जीत के साथ योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन 2022 के सेमीफाइनल में अपना स्थान सुरक्षित किया।

 
योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन 2022, एचएसबीसी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट का हिस्सा है और इस साल इसका आयोजन केडी जाधव इंडोर स्टेडियम में हो रहा है।
 
 एकल क्वार्टर फाइनल में सेन ने एक गेम से पिछड़ने के बाद पुरुष प्रणय को ठीक एक घंटे में 14-21, 21-9, 21-14 के अंतर से हराया। दिन के दो ऐसे मुकाबलों, जिनमें भारतीय ही आमने-सामने थे, में सिंधु ने महिला एकल वर्ग में चालिहा को 21-7, 21-18 से हराया, जबकि आकर्षी कश्यप ने मालविका बनसोड को 21-12, 21-15 से हराया। बनसोड ने पूर्व विश्व नम्बर-1 साइना नेहवाल को पहले राउंड में हराकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था।
 
 सेन बनाम प्रणय निश्चित रूप से दिन का सबसे बड़े मैचों मे से एक था। और दोनों खिलाड़ियों ने खेल के स्तर, प्रयास और आक्रामकता के मामले में देखने वालों को निराश नहीं किया। युवा खिलाड़ी सेन ने अपने ट्रेडमार्क आक्रमणकारी प्रवृत्ति के साथ शुरुआत की और बहुत जल्द ही शुरुआती बढ़त ले ली।
 
 लेकिन प्रणय ने धीरे-धीरे अपने खेल का स्तर उठाया। उनके डाउन द लाइन स्मैश ने सेन के गेम प्लान को नुकसान पहुंचाया और तीसरे सीड सेन गलतियां करने लगे। एक समय स्कोर 13-13 था और इस समय तक दोनों के बीच अंतर पैदा करने वाली कोई बात नहीं थी। बाद में हालांकि प्रणय ने अगले नौ में से आठ अंक लेकर गेम अपने नाम किया।
 
अगर सेन इस स्तर पर कोई दबाव महसूस कर रहे थे, तो उन्होंने दूसरे गेम की शुरुआत में अपने दृष्टिकोण में यह नहीं दिखाया और 3-0 की बढ़त बना ली। प्रणय दूसरी तरफ लगातार गलतियां कर रहे थे। एक समय सेन ने 4-12 की बढ़त ले ली थी और इससे प्रणय उबर नहीं सके।
 
 प्रणय ने हालांकि निर्णायक मुकाबले की शुरुआत 6-1 की बढ़त के साथ की। यह अगला प्वाइंट था, जिसने शायद मैच की दिशा बदल दी। सेन ने अपने प्रतिद्वंद्वी से स्मैश की झड़ी के बीच खुद को बचाते हुए क्रॉस कोर्ट ड्राइव के साथ अंक हासिल किया।
 
 सेन ने ड्रिबल पर शटल को नेट से थोड़ा दूर रखकर और प्रणय के शरीर पर बहुत अधिक आक्रमण करके अगले 11 में से 9 अंक जीते।
 
प्रणय ने हालांकि स्कोर को 12-12 से बराबर करने में सफलता हासिल की लेकिन वह आगे गति को बनाए नहीं रख सके क्योंकि सेन ने रैलियों के दौरान अधिक धैर्य दिखाया और उन्होंने इसका अधिकतम लाभ उठाया।
 
 मैच के बारे में सेन ने कहा, "पहले गेम में हम दोनों वास्तव में तेजी से खेल रहे थे और आक्रामकता भी थी। दूसरे गेम के बाद हमने और अधिक रैली करना शुरू किया और मैं काफी सहज महसूस कर रहा था।”
 
लक्ष्य का सामना अब कल मलेशिया के एनजी त्जे योंग से होगा।
 
 दिन के दूसरे बड़े मैच में, चालिहा के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए सिंधु काफी जल्दी में दिखाई दे रही थीं। पहले तो उन्होंने शुरुआती गेम को 21-7 से जीत लिया। लेकिन अगर वह यह सोच रही थीं कि दूसरे गेम में भी उन्हें आसाम जीत मिल जाएगी तो वह गलत थीं क्योंकि चालिहा बिना लड़ाई के आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार नहीं थी।
 
 चालिहा को लंबे समय से देश में अगली पीढ़ी के शटलरों के बीच एक विशेष प्रतिभा माना जाता है और असम की इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने कुछ शानदार आक्रमण कौशल का प्रदर्शन करते हुए अपनी बेहद मशहूर भारतीय प्रतिद्वंद्वी को दबाव में डाल दिया।
 
हालांकि, सिंधु ने अपने अनुभव के दम पर दूसरे गेम में 15-15 से स्कोर बराबर किया। सिंधु ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को कोर्ट पर हर ओर दौड़ाया औऱ इस दौरान चालिहा ने शटल को गेम में बनाए रखने के लिए जंप और डाईव की मदद से अपना पूरा प्रयास झोंका लेकिन वह अंततः मुकाबले को तीसरे गेम में नहीं ले जा सकीं।
 
 सिंधु का सामना अब थाईलैंड की सुपनिदा कटेथोंग से होगा, जिन्हें तेज बुखार के कारण सिंगापुर की जिया मिन येओ के मैच से हटने के बाद क्वार्टर फाइनल में वाकओवर मिला था।
 
इससे पहले, कश्यप ने टूर्नामेंट में बनसोड का शानदार सफर समाप्त किया। साइना नेहवाल को पहले दौर में परेशान करने वाली बनसोड शुरू से ही नर्वस दिखीं और उनकी प्रतिद्वंद्वी ने अपने अच्छे खेल से यह सुनिश्चित किया कि वह कभी भी सहज ना हो पाएं।
 
कश्यप ने सामान्य से अधिक आक्रामक होकर चीजों को मिश्रित किया और बनसोड को बहुत सारी बेजां गलतियां करने के लिए मजबूर किया। दूसरे गेम के अंत में बनसोड लंबी रैलियों में प्रतिद्वंद्वी को उलझाने का प्रयास करती दिख रहीं थीं लेकिन तब तक वह 10-18 से पीछे हो चुकी थी और तब तक उनकी वापसी को लेकर बहुत देर हो चुकी थी।
 
कश्यप का सामना अब दूसरी वरीयता प्राप्त बुसानन ओंगबामरुंगफान से होगा, जिन्होंने दूसरे क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के लॉरेन लैम को 21-12, 21-8 से हराया।
 
पुरुष एकल वर्ग में विश्व चैंपियन लोह कीन यू ने रूस के सर्गेई सिरंत को 21-16, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
 
 पुरुष युगल में, शीर्ष वरीयता प्राप्त मोहम्मद अहसान और हेंड्रा सेतियावान ने नॉर्वे के टोर्जस फ़्लैटन और वेगार्ड रिखीम पर 21-12, 21-14 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दूसरी वरीयता प्राप्त भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भी सिंगापुर के ही योंग काई टेरी और लोह कीन हेन को 21-18, 21-18 से हराकर अंतिम- दौर में चरण में प्रवेश किया।
 
 भारतीय जोड़ी अब आठवीं वरीयता प्राप्त फैबियन डेलरू और विलियम विलेगर के फ्रांसीसी संयोजन से भिड़ेगी, जिन्होंने एक अन्य क्वार्टर फाइनल मुकाबले में आयरलैंड के जोशुआ मैगी और पॉल रेनॉल्ड्स को 21-9, 23-21 के अंतर से हराया।
 

Tuesday, 31 August 2021

 प्रीति दहिया और तीन अन्य युवा महिलाओं ने भारत की झोली में डाले स्वर्ण पदक

प्रीति दहिया और तीन अन्य युवा महिलाओं ने भारत की झोली में डाले स्वर्ण पदक

नई दिल्ली, 31 अगस्त, 2021 : प्रीति दहिया और तीन अन्य युवा महिला मुक्केबाज 2021 एएसबीसी एशियाई युवा और जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के अंतिम दिन चैम्पियन बनकर उभरीं। इनकी स्वर्णिम सफलता की बदौलत भारत ने दुबई में आयोजित की गई इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में 14 स्वर्ण सहित कुल 39 पदक अपनी झोली में डाले।


 भारत इससे पहले खेले गए जूनियर इवेंट में आठ स्वर्ण, पांच रजत और छह कांस्य पदक सहित कुल 19 पदक पहले ही जीत चुका था। युवा मुक्केबाजों ने प्रतिष्ठित कॉन्टिनेंटल इवेंट में भारत की तालिका में 20 और पदक (छह स्वर्ण, नौ रजत और पांच कांस्य) जोड़े। खास बात यह रही कि पहली बार इस इवेंट के माध्यम से जूनियर और युवा दोनों आयु वर्ग के मुकाबले साथ-साथ खेले गए।



 बिश्वमित्र चोंगथम (51 किग्रा) ने एशियाई चैंपियनशिप में युवा पुरुष वर्ग में पिछले सात वर्षों में भारत का पहला स्वर्ण जीता और विशाल (80 किग्रा) ने पदक तालिका में एक और सोने का तमगा जोड़ा। इसी तरह नेहा (54 किग्रा) ने युवा महिला वर्ग में देश को स्वर्ण पदक दिलाया। उनका मुकाबला सोमवार की देर रात खेला गया। वह 3-2 से विभाजित निर्णय से कजाकिस्तान की ऐशागुल येलुबायेवा के खिलाफ जीत हासिल करने में सफल रही।



 बाद में, प्रीति दहिया ने 2021 युवा विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता कजाकिस्तान की ज़ुल्दिज़ शायाखमेतोवा के खिलाफ 60 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में इसी तरह की जीत के साथ एक और स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाला। इसके बाद स्नेहा कुमारी (66 किग्रा) और खुशी (75 किग्रा) ने भी अपने-अपने फाइनल में जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीता। स्नेहा ने रेफरी स्टॉपिंग द कॉन्टेस्ट (आरएससी) के माध्यम से स्थानीय दावेदार रहमा अलमुर्शिदी पर जीत दर्ज की जबकि  खुशी ने कजाकिस्तान की डाना दीडे को हराया।



 बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, “यह हमारे जूनियर और युवा मुक्केबाजों के लिए एक शानदार प्रदर्शन रहा है। 39 पदक जीतना एक सराहनीय उपलब्धि है और यह केवल भारत में हमारे पास मौजूद मुक्केबाजी प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। एक महासंघ के रूप में, हम देश भर से अधिक से अधिक युवाओं की पहचान करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि उन्हें विशिष्ट स्तर पर भविष्य के चैंपियन के रूप में तैयार करने के लिए सर्वोत्तम कोचिंग और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जा सके। मुझे यकीन है कि इतने बड़े टूर्नामेंट में प्राप्त मूल्यवान अनुभव इन मुक्केबाजों को अपने लिए एक मजबूत रास्ता तय करने में मदद करेगा। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) की ओर से, मैं एक बार फिर सभी विजेताओं और कोचों और सहयोगी स्टाफ को इस सफल अभियान के लिए बधाई देता हूं, और उन्हें भविष्य के टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देता हूं।“


इस बीच अंतिम दिन अन्य युवा मुक्केबाज विश्वनाथ सुरेश (48 किग्रा), निवेदिता कार्की (48 किग्रा), तमन्ना (50 किग्रा), सिमरन वर्मा (52 किग्रा), प्रीति (57 किग्रा), खुशी (63 किग्रा), वंशज (64 किग्रा), जयदीप रावत (71 किग्रा) और तनीशबीर कौर संधू (81 किग्रा) ने देश के लिए रजत पदक जीते।


इससे पहले एक महिला सहित पांच मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर युवा वर्ग में कांस्य पदक जीता था। पुरुषों में, दक्ष सिंह (67 किग्रा), दीपक (75 किग्रा), अभिमन्यु लौरा (92 किग्रा) और अमन सिंह बिष्ट (92+ किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया, जबकि लशु यादव (70 किग्रा) ने महिला वर्ग में कांस्य पदक जीता।


 युवा वर्ग में 20 पदकों के साथ, भारत ने 2019 में मंगोलिया के उलानबटार में हासिल किए गए पांच स्वर्ण सहित 12 पदकों के अपने पिछले संस्करण के पदकों की संख्या को भी बेहतर बनाया।



 युवा वर्ग में स्वर्ण पदक विजेताओं को 6,000 अमेरिकी डॉलर जबकि रजत और कांस्य पदक विजेताओं क्रमशः 3,000 अमेरिकी डॉलर और 1,500 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार दिया गया। हालांकि, जूनियर स्पर्धा में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 4,000 अमेरीकी डालर, ,000 अमेरीकी डालर और 1,000 अमेरीकी डालर से सम्मानित किया गया।



 चैंपियनशिप में इस साल कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे मजबूत मुक्केबाजी देशों ने हिस्सा लिया। इससे इस प्रतिष्ठित आयोजन में प्रतिस्पर्धा के स्तर में इजाफा देखा गया। महामारी के कारण युवा मुक्केबाज लम्बे समय से रिंग में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे लेकिन इस आयोजन ने एशियाई स्तर पर होनहार युवा प्रतिभाओं को रिंग में उतरकर अपनी क्षमता का आकलन करने का बेहतरीन मौका प्रदान किया।

Thursday, 22 April 2021

 Indian women create history at 2021 AIBA Youth Men’s and Women’s World Boxing Championships, end campaign with seven gold medals

Indian women create history at 2021 AIBA Youth Men’s and Women’s World Boxing Championships, end campaign with seven gold medals


New Delhi, April 23, 2021: Indian women boxers put up sensational performances as they created history at the 2021 AIBA Youth Men’s and Women’s World Boxing Championships and concluded their campaign on highly successful note with seven gold medals in Kielce, Poland on Thursday.

 

All the women finalists in action--Gitika (48kg) Naorem Babyrojisana Chanu (51kg), Poonam (57kg), Vinka (60kg), Arundhati Choudhary (69kg), T Sanamacha Chanu (75kg) and Alfiya Pathan (+81kg)— registered victories and finished on the top of the podium. Previously Indian women had won five gold medals during the 2017 edition of Youth World Championships held in Guwahati. India women’s team also finished as the No.1 team in the ongoing Championship ahead of Russia with seven gold medals.


Asian Youth Champion Sanamacha, who trains at boxing great MC Mary Kom’s academy in Imphal, added the historic sixth gold for India when she outperformed Kazakhstan’s Dana Diday 5-0 in the 75kg final. Later Young boxing sensation from Maharashtra Alfiya clinched the seventh gold for the country as she stunned a strong contender European Youth Champion Moldova’s Daria Kozorez 5-0 in the final.


“This has been an amazing effort from our youth boxers especially when the players had to be confined at home for most part of the last year and only make do with online training sessions. Our coaches and support staff did a stellar job despite the limitations and challenges. I congratulate all the winners on this unprecedented medal haul. This achievement is a testament of the talent we have in the upcoming generation of Indian boxing,” Boxing Federation of India President, Ajay Singh said while talking about the unprecedented medal haul by India at the AIBA Youth World Championships.


Earlier, Gitika led the country’s dominance and provided a perfect start for the day. The Haryana boxer, who came into the match beating two-time European Champion Italy’s Erika Prisciandaro, knocked down local favourite Natalia Kuczewska 5-0 in the women’s 48kg final and secured first gold medal for India at the on-going Championship.


The Asian Youth Champion Babyrojisana (51kg) and Poonam (57kg) further extended Indian winning momentum as the duo secured identical 5-0 victories to add two more gold medals. While Manipur boxer Babyrojisana looked in great touch during her flawless win against the European Junior Champion Russian Valeriia Linkova, Poonam also hit the aggressive mode from the word go and dominated her experienced opponent Sthelyne Grosy. With sharp and precise punches Poonam did not allow her opponent from France to score any point before completing an easy 5-0 triumph in the final bout.


Vinka (60kg) also produced a spectacular show as her punches, packed with a lot of power, were too strong for Kazakhstan boxer Zhuldyz Shayakhmetova. Referee had to stop the contest and declare Indian as the winner. Rajasthan boxer Arundhati added one more gold for Indian when she completed a fine 5-0 win against Polish boxer Barbara Marcinkowska in the 69kg final.


A 20-member Indian contingent had already created history by securing 11 medals at the on-going Youth World Championships bettering their previous best of 10 medals in 2018 edition. The only Indian men in the final, Sachin (56kg) will be in action tomorrow. Earlier in the men’s section Bishwamitra Chongthom (49kg), Ankit Narwal (64kg) and Vishal Gupta (91kg) won three bronze medals for the country with the semi-finals finish.


A 10-day biennial event, which had the men’s and women’s championship played together for the first time during the 2018 edition in Hungary, has witnessed high competition in presence of 414 boxers from 52 countries.  

Saturday, 27 March 2021

रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी ने एंज़ल क्रिकेट अकादमी को 7 विकेट से हराया

रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी ने एंज़ल क्रिकेट अकादमी को 7 विकेट से हराया

फरीदाबाद : 28 मार्च I  सूरजकुंड इंटर्नैशनल गल्स क्रिकेट टूर्नामेंट मैच में रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी (पाली) ने एंज़ल क्रिकेट अकादमी (फ़रीदाबाद) टीम को 7 विकेट से हराया  I  यह मुकाबला रविंदर फागना क्रिकेट अकादमी सिथत मैदान पर खेला गया I इस मौके पर बीसीसीआई कोच धर्मेंदर फागना ने बताया की यह मैच 20-20 ओवर का था ये मैच रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी (पाली) ओर एंज़ल क्रिकेट अकादमी (फ़रीदाबाद) टीम के साथ खेला गया एंज़ल क्रिकेट अकादमी (फ़रीदाबाद) ने टॉस जीत कर  पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्यण लिया टीम की ओर बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 171 रन बनाए टीम की और बल्लेबाजी करते हुए प्राज्ञा रावत ने 50 रन ,प्राशवी ने 38 रन ओर हिमांशी ने 29 रन बनाए    रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी (पाली) की और से गेंदबाजी करते हुए इशाबेल ओर अंचल ने 2-2 विकेट,वंदना सेन ओर सीमा ने 1-1 विकेट लिए ,


इस लक्ष्य का पीछा करते हुए रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी (पाली) टीम ने 16.3 ओवर में 3 विकेट में 172 रन बनाकर लक्स को हासिल किया टीम की और से बल्लेबाजी करते हुए रीमा सिसोदिया ने 89 रन,नीतिका करहाना ने 52 रन ओर आरती ने 18 रन बनाए एंज़ल क्रिकेट अकादमी (फ़रीदाबाद) की ओर से गेंदबाज़ी करते हुए अदिति ने 2 विकेट ओर  प्राशवी ने 1 विकेट लिया मेन ऑफ़ दा मैच का पुरस्कार रीमा सिसोदिया को दिया गया (रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी (पाली)  (रीमा सिसोदिया ने 49 बॉल में 7 चोंके 8 छक्के लगाकर 89 रन बनाए)

 मानव रचना (MREI) ने एशियन अस्पताल को  2 रनों से हराया 

मानव रचना (MREI) ने एशियन अस्पताल को 2 रनों से हराया 

फरीदाबाद 28 मार्च 2021: मानव रचना कैंपस में 14वें मानव रचना कॉरपोरेट किक्रेट चैलेंज का आखिरी मैच में मानव रचना (MREI) ने एशियन अस्पताल से जीता। एमआरईआई (MREI) और एशियन अस्पताल के बीच फाइनल मैच में डॉ. प्रशांत भल्ला, अध्यक्ष, एमआरईआई(MREI), डॉ. अमिल भल्ला, उपाध्यक्ष, एमआरईआई(MREI), डॉ. एम.एम कथूरिया, ट्रस्टी, मानव रचना, और मानव रचना के डीन और अन्य गणमान्य अतिथि शामिल हुए।


मानव रचना के ओपी भल्ला फाउंनडेशन ने विजेता टीम को एक लाख रुपये की राशि समेत चैंपियन ट्रॉफी से सम्मानित किया। मानव रचना ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने के लिए चुना और टीम ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 241 रन बनाए। एशियन अस्पताल की टीम 20 ओवर में 238 रन ही बना सकी। मानव रचना से निखिल को ‘मैन ऑफ द मैच’ घोषित हुए जिन्हें मानव रचना ओपी भल्ला फाउंनडेशन की तरफ से 21 हजार रूपये से सम्मानित किया गया वहीं मानव रचना के सचिन को टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज के रूप में सम्मानित किया गया, एशियन अस्पताल के नीरज टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बने, मानव रचना के निखिल दिवाकर को टूर्नामेंट की सवश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया, ‘रर्नर अप’ की ट्राफी एशियन अस्पताल को मिली ।


एमआरईआई(MREI) के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि यह खेल कॉरपोरेट जगत से जुड़ने का सुनहरा मौका देता है और खिलाड़ियों में उत्साह और बंधन पैदा करते है। कॉरपोरेट किक्रेट चैलेज 2021 मानव रचना के संस्थापक डॉ. ओपी भल्ला की याद में शुरू किया गया था। जिसमें इस साल किक्रेट कॉरपोरेट चैलेंज में 25 कॉरपोरेट टीम (दिल्ली और एनसीआर) से शामिल हुई जिसमें मारुति सुजुकी (गुरुग्राम), हीरो मोटोकॉर्प(गुरुग्राम), जेसीबी (फरीदाबाद), एस्कॉटर्स कंस्ट्रक्शन (फरीदाबाद), आकाश दर्शन(दिल्ली), एसीई(फरीदाबाद), होंडा कार्स(ग्रेटर नोएडा), आजतक(दिल्ली), एशियन अस्पताल(फरीदाबाद), सर्वोदय अस्पताल(फरीदाबाद), एनएचपीसी(फरीदाबाद), होंडा मोटरसाइकिल (गुरुग्राम), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण(दिल्ली), IIFL-वेल्थ(दिल्ली), एडिडास(गुरुग्राम),डीडी न्यूज (दिल्ली),मेटाफब(फरीदाबाद), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज(TCS), इरॉन इंटरनेशनल, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, एचपीएल, ग्लेन इंडिया, वेव इन्फ्राटेक, आर्किटेक्ट स्पोटर्स ट्रस्ट और मानव रचना MREI (फरीदाबाद) शामिल थे।14वें क्रिकेट कॉरपोरेट क्रिकेट कप 2021 में 51 मैच खेले गए जिसमें 6 समूहों में प्रत्येक समूह 4-5 टीमों के साथ बांटा गया था जिसमें पहले चरण में लीग मैच खेले गए और फिर नॉकआउट मैच। हर सूमह में से 2 टीम नॉकआउट मैचों के लिए क्वालीफाई हुई थी।

Saturday, 20 March 2021

ट्रांसफार्मेशन करने वाले शिक्षा महारथियों को गुरु द्रोणाचार्य अवार्ड

ट्रांसफार्मेशन करने वाले शिक्षा महारथियों को गुरु द्रोणाचार्य अवार्ड


फरीदाबाद :20 मार्च  ।  हरियाणा एडुकेटर्स क्लब ने देर रात होटल रेडिसन ब्ल्यू में गुरु द्रोणाचार्य अवॉर्ड का आयोजन किया। जिसमें ट्रांसफार्मेशन करने वाले शिक्षा महारथियों को यह अवॉर्ड प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि सीबीएसई के डिप्टी सेके्रटरी एफिलिएशन श्री विजय यादव ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने स्कूल एफिलिएशन : रीइंजीनियर्ड ऑटोमेशन सिस्टम विषय पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में सीबीएसई स्टेट ऑफ द आर्ट तकनीक का प्रयोग कर रही है जिससे शिक्षा संस्थान चलाने वालों को पहले से अधिक सुविधा महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि आज सीबीएसई में स्कूलों की संबंद्धता, पुनर्संबद्धता, अपगे्रडेशन आदि सभी कार्यों को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। जिसके कारण आज एक भी एप्लीकेशन उनके विभाग में पेंडिंग नहीं है। श्री यादव ने बताया कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि अकारण किसी स्कूल प्रबंधन को परेशानी न हो।


इस अवसर पर फरीदाबाद के एसडीएम श्री परमजीत सिंह चहल ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों द्वारा गुरु द्रोणाचार्य अवॉर्ड के आयोजन करने को बड़ी विशिष्ट पहल बताया। उन्होंने शिक्षकों की जिम्मेदारी की प्रशंसा की। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती रितु चौधरी ने शिक्षा विभाग और शिक्षा संस्थाओं को एक दूसरे का पूरक बताते हुए भविष्य में पूर्व की भांति अधिक सहयोग के काम करने की बात कही। कार्यक्रम में पलवल के शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल, महिला थाना प्रभारी श्रीमती नेहा राठी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

क्लब के अध्यक्ष रमेश डागर ने कहा कि शिक्षक अपना पूरा जीवन देश का भविष्य बनाने में बिता देता है, लेकिन अपने मनोरंजन की ओर वह सोच भी नहीं पाता है। उसे लगता है कि लोग क्या कहेंगे। ऐसे ही विचार के साथ हरियाणा एडुकेटर्स क्लब की नींव रखी गई। क्लब अपने सदस्यों के मनोरंजन के लिए न केवल कैंपों का आयोजन करता है बल्कि उनके योगदान के लिए उनकी सराहना भी करता है। आज का गुरु द्रोणाचार्य अवॉर्ड कोरोना काल में उनके द्वारा किए गए ट्रांसफार्मेशन फेज को बखूबी निभाने के लिए दिए जा रहे हैं। कार्यक्रम में फरीदाबाद सहित गुरुग्राम, पलवल, साहिबाबाद आदि एनसीआर शहरों से भी सदस्यों ने भागीदारी की। 

इससे पूर्व कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों एवं सदस्यों का क्लब की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस आयोजन में हरियाणा एडुकेटर्स क्लब के कोर्डिनेटर अनिल रावल, महासचिव गौरव पाराशर, कोषाध्यक्ष दीपक यादव, सचिव राखी वर्मा आदि की प्रमुख भूमिका रही। वहीं कार्यक्रम का संचालन सीवी सिंह ने किया।

Sunday, 14 March 2021

Manika, Sutirtha make winning starts at World Singles Qualification Tournament

Manika, Sutirtha make winning starts at World Singles Qualification Tournament


 Mumbai, March 14, 2021: Ace India paddlers Manika Batra and Sutirtha Mukherjee began their quest for the 2021 Tokyo Olympics berth on winning note as the duo registered comfortable straight-set victories in their respective women's singles knockout stage-I opening round matches at the World Singles Qualification Tournament in Doha on Sunday.

The Commonwealth Games gold medallist Batra dominated Bulgaria’s Maria Yovkova during her 11-5, 11-7, 11-4, 11-0 win. While Mukherjee faced some resistance from her opponent Lisa Lung in the fourth game but it was too late for Italian as Mukherjee wrapped the game as well as the match 11-3, 11-5, 11-7, 12-10 in her favour.  

Meanwhile, Achanta Sharath Kamal and Gnanasekaran Sathiyan suffered defeats against Italian opponents in their respective men's singles opening matches. While Sathiyan lost to Mihai Bobocica 11-7, 11-6, 11-8, 11-5, seasoned campaigner Sharath also couldn’t manage hold edge over Niagol Stoyanov as he went down fighting 11-9, 6-11, 8-11, 4-11, 11-8, 10-12. Both the Indians had received bye in the opening round.

With four Indians participating in the ongoing qualification event, where a total of nine (four men and five women) places are up for grabs and scheduled from March 14-17. In the men’s category, players are split into three knockout rounds with the winner of each knockout round earning himself a place in the singles event at the Tokyo Olympics. While the losing finalist and semi-finalists from each of the three knockouts, will be drawn into another knockout stage and the winner will secure the remaining one spot.


For the women’s category, entries are split into four knockouts with the winner of each knockout securing a spot in singles at the Tokyo Olympics. However, losing finalist from each of the four knockouts will fight for the remaining single berth as they will participate in the second stage where they will be drawn into a final knockout and the winner will make it to the Olympics.

Later tonight in the women’s second round matches, Batra will take on Uzbekistan’s Rimma Gufranova while Sutirtha will face a challenge from Russian Polina Mikhailova.  
ENDS

Wednesday, 10 March 2021

 Sharath loses in pre-quarters at WTT Star Contender Doha

Sharath loses in pre-quarters at WTT Star Contender Doha


Mumbai, March 11: Paddler Achanta Sharat Kamal’s impressive run at the WTT Star Contender Doha came to an end after the Indian suffered a 9-11, 8-11, 6-11 defeat at the hands of World No. 12 Dimitrij Ovtcharov in the men’s singles pre-quarterfinals match on Wednesday.

The World No. 32 Sharath, who surprised World No. 16 Germany’s Patrick Franziska in the last round, started the game well and gave a tough fight to his relatively higher-ranked German opponent as the first two games of the match went neck-to-neck before the London Olympics bronze medalist Ovtcharov turning the momentum in his favour. The German further capitalised on the 2-0 lead and wrapped up the match to enter the quarter-final stage.



With Sharath's defeat, Indian participation at the tournament came to an end. Earlier, Gnanasekaran Sathiyan and Manika Batra made second round exits in their respective singles categories.



 जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

फरीदाबाद, 11 मार्च - स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा स्थानीय एसएसबी हार्ट एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के सहयोग से आज निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। 

कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने चिकित्सा केंद्र द्वारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लाभ के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम को चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर शर्मा के देखरेख में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार तथा कुलसचिव डाॅ. सुनील कुमार गर्ग ने शिविर का जायजा भी लिया।



एसएसबी हार्ट एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के तीन चिकित्सकों की टीम, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. मोहित अग्रवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह तथा डाॅ. अनूपम कुमार वासने शामिल थे, ने विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों को हृदय रोग, आर्थोपेडिक और स्पोट्र्स इंजुरी से रोकथाम, निदान और उपचार के बारे में बताया तथा उनकी चिकित्सा जांच एवं स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया। इसके अलावा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा हड्डी संबंधी रोगों को लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए ब्लड प्रेशर चेक-अप, ब्लड शुगर चेक-अप, ईसीजी, बीडीएम हड्डियों की जांच के लिए बीएमडी टेस्ट निःशुल्क किए गए। स्वास्थ्य शिविर में लगभग 200 से अधिक विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने हिस्सा लिया तथा लाभ उठाया।

Monday, 8 March 2021

 विश्व महिला दिवस पर "महिला आत्मरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण शिविर" का आयोजन सम्पन

विश्व महिला दिवस पर "महिला आत्मरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण शिविर" का आयोजन सम्पन

FARIDABAD : 8 MARCH I फरीदाबाद जिला किकबॉक्सिंग संघ' द्वारा फाइटिंग फिट प्लेनेट प्रशिक्षण केद्र, अचीवर्स शॉपिंग माल,  सेक्टर-49, फरीदाबाद में 'भारत विकास परिषद् माधव शाखा' एवं 'क्रीड़ा भारती फरीदाबाद' के सहयोग से दिनांक 8 मार्च को 'विश्व महिला दिवस' के अवसर पर "महिला आत्मरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण शिविर" का आयोजन किया गया । 'हरियाणा किकबॉक्सिंग संघ' के संस्थापक महासचिव श्री संतोष कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में फरीदाबाद से महिला किकबॉक्सिंग प्रशिक्षिका श्रीमती अंजू शर्मा एवं अजय कुमार सैनी, श्री पंकज कुमार एवं श्री सचिन कुमार प्रशिक्षण उपस्थित थे।

फाइटिंग फिट प्लेनेट के संचालक विकास अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया आत्म सुरक्षा ,योगा , फिटनेस के गुर सीखे । इस मोके पर हरियाणा किकबॉक्सिंग संघ के संस्थापक एवं महासचिव श्री संतोष कुमार अग्रवाल ने आनंद मेहता को फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया । 


हरियाणा किकबॉक्सिंग संघ के संस्थापक एवं महासचिव श्री संतोष कुमार अग्रवाल ने बताया की आज बदलते परिवेश में आप अपनी रक्षा स्वयं कैसे कर सकते हैं, यह एक बड़ा प्रश्न है इसी को देखते हुए 'हरियाणा किकबॉक्सिंग संघ' ने इस तरह का जागरूकता शिविर लगाया है. कार्यक्रम के उपरान्त सभी को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

Sunday, 7 March 2021

 India finish with 10 medals including one gold at Boxam International

India finish with 10 medals including one gold at Boxam International

New Delhi, March 07, 2021: Continuing his splendid run in the tournament Manish Kaushik clinched the gold medal as Indian boxers concluded their impressive campaign at the Boxam International Tournament with 10 medals in Castellon, Spain.

The 2018 Commonwealth Games silver medallist Kaushik, who returned into the ring for the first time after the Asian Olympic Qualifiers held in March last year, beat Denmark’s Nikolai Terteryan with a split 3-2 decision in the men’s 63kg summit bout. However, the World Championship bronze medallist Vikas Krishan went down fighting 4-1 against local favourite Ndiaye Sissokho to settle for silver medal in the men’s 69kg.

Meanwhile in the women’s category, Asian champion Pooja Rani lost to Word Championships bronze medallist USA’s Naomi Graham 5-0 in the 75kg final while young Jasmine, who was playing her maiden senior international tournament, showed great attacking display but couldn’t hold edge over 2019 European Champion Irma Testa of Italy and settle for a silver in the 57kg after going down 0-5 in the final.

The other five silver medals for the country were secured by Simranjit Kaur (60kg), Mohammed Hussamuddin (57), Ashish Kumar (75kg), Sumi Sangwan (81kg) and Satish Kumar (+91kg).

Ashish had to withdraw from the final after he was tested positive for COVI-19 while rest four boxers also withdrew from the tournament as precautionary measure because of their proximity to boxers who have turned positive.

Earlier Mary Kom settled for bronze after her semi-final exit. A 14-member (8 men and 6 women) Indian contingent had participated in the 35th edition of the Boxam International Tournament. The team will be reaching back in India on Monday afternoon.

Tuesday, 12 May 2020

अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाले एमएसएमई के लिए बढ़ने वाली है और मुश्किलें: छोटे उद्योगों को राहत की जरूरत : रमणीक प्रभाकर

अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाले एमएसएमई के लिए बढ़ने वाली है और मुश्किलें: छोटे उद्योगों को राहत की जरूरत : रमणीक प्रभाकर

फरीदाबाद : 12 मई I  मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के महासचिव रमणीक प्रभाकर ने कहा एमएसएमई आर्थिक विकास, नवाचार और रोजगार सृजन के सबसे बड़े संवाहक हैं भले ही ये  आकार में छोटे हों, लेकिन देश की तरक्की में उनकी बड़ी अहमियत है मौजूदा कोरोना संकट का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव भी उन पर ही पड़ता दिख रहा है, क्योंकि उनके पास बड़ी कंपनियों जितने संसाधन नहीं हैं। चूंकि मांग में लगातार गिरावट जारी है और हाल-फिलहाल सुधार के आसार नहीं दिखते इसलिए इन उद्यमियों के लिए कर्ज की अदायगी से लेकर कर्मचारियों को वेतन देने जैसी जिम्मेदारियों को पूरा करना भी मुश्किल होगा।

छोटे उद्यमियों के समक्ष वेतन, बिजली बिल, किराया, कर्ज जैसी समस्याएं मुंह बाएं खड़ी हैं

उन समस्याओं का खाका खींचा जाना बेहद आवश्यक है जिनसे एमएसएमई करीब साल भर तक जूझने को मजबूर होंगे।
 लॉकडाउन समाप्ति के कम से कम तीन महीने तक तो ये दुश्वारियां बहुत परेशान करने वाली हैं। तमाम छोटे उद्यमों को इस संकट से भी दो-चार होना पड़ सकता है कि उनके ऑर्डर निरस्त हो जाएं। छोटे उद्यम पीएसयू और बड़ी दिग्गज कंपनियों से भुगतान में लेटलतीफी जैसी समस्याएं भी झेलते हैं। आने वाले महीनों में यह समस्या और विकराल हो सकती है। चूंकि इन इकाइयों में काम करने वाले अधिकांश कामगार अपने गांव-घर की ओर कूच कर गए हैं ऐसे में उन्हेंं सामान्य कामकाज बहाल करने में लंबा समय लग सकता है।

 इसी तरह ऑर्डर निरस्त होने, श्रम विवादों, कर्ज के मूल और ब्याज की अदायगी होने जैसे तमाम कारणों के चलते  कदमों की भी बाढ़ सकती है। मुश्किलों के ऐसे भंवर में फंसे एमएसएमई को उबारने में बैंक और एनबीएफसी भी हिचक दिखाएंगे ऐसी स्थिति में सरकार से अपेक्षाएं बढ़ना स्वाभाविक है। भारत सरकार को कई मोर्चों पर सक्रियता के साथ कदम उठाने होंगे।  इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड संहिता, 2016 यानी आइबीसी के तहत ऋणदाताओं द्वारा एमएसएमई को उचित रियायत दी जाए ताकि उन्हें संपदा बिक्री में बेहतर हिस्सा मिल सके। उनके खिलाफ आइबीसी में मामला भी दर्ज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे अधिकांश मामलों में अभी तक समाधान नहीं निकल सका है और अंतत: वे संपदा बिक्री की ओर ही बढ़ रहे हैं। एक लाख या उससे अधिक के डिफॉल्ट के मामलों में एमएसएमई को इस संहिता के उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए जैसा कि हालिया अधिसूचना से पहले सौ लाख तक के मामले में था।

एमएसएमई से जुड़े मामलों में त्वरित फैसलों के लिए सरकार को अलग ट्रिब्यूनल्स गठित करने चाहिए। सराफेसी एक्ट को भी एक साल के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए। लॉकडाउन के दौरान दिए गए वेतन और मजदूरी के 50 प्रतिशत हिस्से को कैरी फारवर्ड प्रावधान के साथ आयकर में छूट दी जानी चाहिए या फिर उसका भुगतान ईएसआइसी-सरकार द्वारा किया जाए। बिजली के मामले में भी बिजली का  कनेक्शन किसी सूरत में काटा जाए। इसके साथ ही भुगतान परिदृश्य के आधार पर ही एमएसएमई को उनका जीएसटी बकाया अदा करने की अनुमति दी जाए।  एमएसएमई की समस्याएं इतनी व्यापक हैं कि केवल सरकार के भरोसे ही उनका समाधान संभव नहीं, इसलिए भारतीय रिजर्व बैंक जैसे संस्थान की भी अहम भूमिका है। एमएसएमई ने किसी किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से मियादी कर्ज लिया होता है। ऐसे में उन्हें राहत देने के लिए लॉकडाउन हटाए जाने के छह महीने तक इनकी किस्तों की मियाद नए सिरे से तय की जाए। इन मियादी कर्जों के तीन वर्षों में पुनर्भुगतान के प्रावधान के साथ ही उसमें छह महीनों की स्थगन अवधि की भी गुंजाइश हो।  रिजर्व बैंक को लॉकडाउन के दौरान सभी कर्जों पर ब्याज माफ कर देना चाहिए। सभी एमएसएमई को एक बार कर्ज पुनर्गठन का मौका मिले जिसमें एनपीए खातों को भी शामिल किया जाए। पुनगर्ठन के बाद सभी एमएसएमई को स्डैंडर्ड रूप में वर्गीकृत करें। विल्फुल डिफॉल्टरों को इस योजना से अलग रखा जा सकता है। 

बाहरी क्रेडिट रेटिंग-सिबिल की आवश्यकता को भी अगले दो वर्षों के लिए खत्म कर देना चाहिए। मौजूदा इकाइयों के लिए अतिरिक्त तदर्थ कार्यशील पूंजी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। आरबीआइ और भारतीय बैंक संघ यानी आइबीए को चाहिए कि वे बैंकों से एमएसएमई के लिए एक साझा राहत योजना तैयार करने के लिए कहें।  चूंकि कोरोना के कहर के चलते इतनी दिक्कतें अचानक से गई हैं तो भुगतान के मोर्चे पर समस्याएं भी आएंगी। ऐसे में समय रहते उनके समाधान पर भी विचार किया जाए। इस स्थिति में पीएसयू और सभी सरकारी विभागों द्वारा एमएसएमई के बकाये का तत्काल भुगतान किया जाना चाहिए। यदि लॉकडाउन से पहले किसी ऑर्डर के मामले में आदेश एमएसएमई के पक्ष में आया हो तो उनके खिलाफ अपील की अनुमति दी जाए। अपने सभी आर्पूितकर्ता एमएमएमई के लिए पीएसयू-सरकारी विभागों द्वारा लैटर ऑफ क्रेडिट जारी किया जाना चाहिए। उचित खरीदारों के साथ एमएसएमई के सभी लेनदेन केवल टीआरईडीएस के जरिये होने चाहिए।  संकट के दौर में हमें सूक्ष्म एवं लघु उपक्रम सुविधा परिषदों यानी एमएसईएफसी को भी सशक्त बनाना होगा। प्रत्येक जिले में इसकी एक शाखा गठित की जाए जिनकी सुनवाई के लिए राज्य स्तर पर अपीलीय इकाई बने। इसमें सभी एमएसएमई को शामिल किया जाए। ऑनलाइन कॉज लिस्ट और आदेश एमएसईएफसी की एक साझा वेबसाइट पर उपलब्ध होने चाहिए। इसके फैसलों को राजस्व वसूली अधिनियम के तहत प्रर्वितत किया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस के संक्रमण से उपजा संकट एक बहुत बड़ी आपदा है फिर भी विश्वास है कि हम भारतीय इस आपदा को एक अवसर बनाएंगे। एमएमएमई मंत्री नितिन गडकरी ने भी बार-बार इस संकल्प को दोहराया है। सस्ते श्रम, युवा पीढ़ी और नई कंपनियों के लिए कर की न्यूनतम दर जैसे कई आकर्षक पहलू इस दौर में भारत को आकर्षक बनाते हैं। वहीं अमेरिका और चीन के बीच तनातनी भी भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है।