राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में एआई की क्रांतिकारी भूमिका-प्रोफेसर दिनेश कुमार
गुरुग्राम। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उच्च शिक्षा को और अधिक नवाचारी और रोजगारपरक बनाएगा। एआई बहुत शक्तिशाली होता जा रहा है। राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में भी एआई की क्रांतिकारी भूमिका है। वह मंगलवार को गुरुग्राम स्थित विश्वविद्यालय के ट्रांजिट कैंपस में एआई कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे। इस कॉनक्लेव में इंडस्ट्री से कई एआई एक्सपर्ट ने हिस्सा लिया। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अतिरिक्त गुरुग्राम और पलवल के विभिन्न स्कूलों के 150 से भी अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हुए। विद्यार्थियों के एआई आधारित स्मार्ट प्रोजेक्ट इस कॉन्क्लेव में मुख्य आकर्षण रहे।
यह कार्यक्रम भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय पहल “एआई फॉर आत्मनिर्भर भारत: एचईआई प्री-समीट एंगेजमेंट्स” का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन सेल एवं एएआईसीटीई द्वारा किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य एआई जागरूकता, बुनियादी कौशल, जिम्मेदार उपयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है। साथ ही छात्रों एवं शोधकर्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उभरते अकादमिक एवं करियर मार्गों के लिए तैयार करना है।
मुख्य अतिथि के रूप में कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि एआई के कारण भविष्य में रोल और स्किल सेट तेजी से बदलने वाले हैं। एआई के सदुपयोग से बड़ा बदलाव आने जा रहा है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि डिजाइनिंग से लेकर फैब्रिकेशन तक भारत आत्मनिर्भर बनने जा रहा है।
कंप्यूटर साइंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की चेयरपर्सन प्रोफेसर ऊषा बत्रा ने शोध एवं अकादमिक लेखन में एआई की भूमिका पर गहन व्याख्यान दिया। न्यूरोवेंत्रा टेक्नोलॉजीज के सह संस्थापक एवं निदेशक वेंकटेश भारती ने वास्तविक जीवन में प्रभाव डालने वाले एल्गोरिदम की बारीकियां समझाईं। ओरेकल एआई क्लाउड सॉल्यूशंस की एसोसिएट डायरेक्टर ज्योति कटारिया ने जेनरेटिव एआई सर्विसेज की दुनिया के विविध आयामों पर व्याख्यान दिया। वहीं विप्रो के टेक्निकल लीड प्रणव कुमार ने डेटा से निर्णय तक की पूरी यात्रा पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही, इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज, प्रोफेसर जॉय कुरियाकोज़े, डॉ. मोनिका जांगड़ा, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. शिव कुमार। अनु चौधरी, माधुरी, नीरज कुमार, एवं सोनल गर्ग उपस्थित थे।