Friday, 31 May 2019

मानव रचना डेंटल कॉलेज के छात्रों ने निकाली जागरुकता रैली

मानव रचना डेंटल कॉलेज के छात्रों ने निकाली जागरुकता रैली

फरीदाबाद, 31 मई:   मानव रचना डेंटल कालेज के छात्रों ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर एनआईटी स्थित ईएसआईसी अस्पताल से लेकर मानव रचना हेड ऑफिस तक जागरुकता रैली निकाली। इस दौरान छात्रों ने नारेबाजी कर लोगों को तंबाकू, पान, बीड़ी, सिग्रेट के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। इस रैली में करीब 300 लोगों ने हिस्सा लिया जिनमें ईएसआई अस्पताल और मानव रचना डेंटल कालेज के छात्र, डॉक्टर और अन्य फैकल्टी मेंबर्स शामिल थे। रैली का आयोजन रोटरी क्लब फरीदाबाद ईस्ट के सहयोग से किया गया था। छात्रों ने नुक्क्ड़ नाटक कर भी लोगों को जागरूक किया।

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अरुणदीप सिंह ने बताया कि हर साल इसी तरह रैली का आयोजन किया जाता है ताकि लोगों तक संदेश पहुंचाया जा सके कि तंबाकू का सेवन करना सेहत के लिए कितना हानिकारक है। डिपार्टमेंट की हे़ड मीना जैन ने बताया कालेज में ‘ब्रश टोबैको आउट’ थीम पर पेंटिंग कॉम्पिटीशन और स्मोकलेस प्लैटर कॉम्पिटीशन का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।


कार्यक्रम में एमआरआईआईआरएस के वीसी डॉ. संजय श्रीवास्तव, मानव रचना के ट्रस्टी डॉ. एमएम कथूरिया, एमआरडीसी के वाइस प्रिंसिपल डॉ. आशिम अग्रवाल, ईएसआईसी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. असीम दास, रोटरी क्लब फरीदाबाद ईस्ट के विक्रम वशिष्ठ, डॉ. अंकुर शर्मा, डॉ. आकांक्षा मोंगा, डॉ. मनीष भार्गव. डॉ. हिंदपाल भाटिया, डॉ. अमित मोहन समेत कई फैकल्टी मेंबर्स मौजूद रहे। 
विधायिका सीमा त्रिखा ने किया विकास कार्यों का उद्घाटन

विधायिका सीमा त्रिखा ने किया विकास कार्यों का उद्घाटन

फरीदाबाद 31 मई । बडख़ल विधानसभा क्षेत्र की विधायिका सीमा त्रिखा ने आज क्षेत्र में दो मुख्य विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इसके अंतर्गत 5 एल ब्लॉक पार्क में टयूबवैल एवं दौलतराम धर्मशाला से लेकर गोल्फ क्लब तक जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य शामिल है। दोनों विकास कार्यों पर कुल २६ लाख रुपए की लागत आएगी। इस अवसर पर श्रीमती सीमा त्रिखा ने कहा कि उनका हमेशा यही प्रयास रहा है कि लोगों के लिए अधिक से अधिक विकास कार्य कराए जा सकें। 

उनके इन प्रयासों को प्रदेश में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और क्षेत्र के मंत्री एवं सांसद श्री कृष्णपाल गुर्जर की नीति और नीयत से काफी बल मिला है। उन्होंने कहा कि बीते साढ़े चार वर्षों में बडख़ल विधानसभा के हर क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से विकास कार्य करवाए गए हैं और आने वाले समय में भी क्षेत्र का विकास ही उनकी प्राथमिकता है। 

इस अवसर पर श्रीमती त्रिखा ने उपस्थित जनों के साथ क्षेत्र के सांसद श्री कृष्णपाल गुर्जर जी को केन्द्रीय मंत्रीमंडल में पुन: राज्यमंत्री बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य रूप से  मेयर सुमन बाला, पार्षद जसवंत सिंह, पार्षद मनोज नासवा, पार्षद दिनेश भाटिया, महंत मुनिराज जी महाराज, पप्पू भाटिया, संदीप चावला, रुद्रदत्त शर्मा, संदीप नागपाल, त्रिपन्न वर्मा, मदन थापर, रणजीत सिंह, बिशम्भर भाटिया, नवीन भाटिया, परवीन खत्री, संजीव ग्रोवर, जितेन्द्र सिंह, हरदयाल सिंह, संजय मखीजा, दीपक महेन्द्रु, रमन जेटली, मन्नू सिंह व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


Sunday, 26 May 2019

जनता ने फिर लगाई प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर अपने विश्वास की मोहर : टोनी पहलवान

जनता ने फिर लगाई प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर अपने विश्वास की मोहर : टोनी पहलवान

फरीदाबाद 26 मई । भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कृष्णपाल गूर्जर की रिकार्ड मतों से जीत पर आज ओल्ड फरीदाबाद सैय्यद वाडा में सैकड़ों क्षेत्रवासियों सहित गणमान्य लोगों के साथ लड्डू वितरित किये। इस मौके पर के.डी.शर्मा, पवन अरोड़ा, हरीश पाहवा, टीटू मटके वाला, धर्मवीर चौधरी, कुलदीप चौधरी, महेन्द्र सैनी, पप्पी सैनी, पिटूं सैनी, टेकचंद नन्द्राजोग टोनी पहलवान,पवन अरोडा, विक्रम मल्होत्रा, अशोक मल्होत्रा, गौरव गाबा, अनिल गुप्ता एडवोकेट, पिन्टू सैनी, पप्पी सैनी, महेश शर्मा, विजय अग्रवाल, विनोद दुआ, विकास नन्द्राजोग, गोलू दुआ,  रिकंू शर्मा सहित अन्य सैकड़ों लोगों ने इस जीत को सच्चाई व ईमानदारी की जीत बताया।

इस मौके पर समाजसेवी टेकचंद नन्द्राजोग टोनी पहलवान ने कहा कि फरीदाबाद के सांसद गूर्जर ने एक बार फिर फरीदाबाद में रिकार्ड मतो जीत हासिल कर फरीदाबाद सहित भाजपा का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि श्री गूर्जर को फरीदाबाद वासियों ने रिकार्ड मतों से विजयी इसलिए बनाया है कि गूर्जर ने समान विकास करवाकर हर वर्ग का सम्मान किया है। उन्होंने गांव हो या शहर, कालोनी हो या सेक्टर सभी जगह एक समान विकास कराया और उसी का प्रतिफल है कि आज उन्होंने रिकार्ड मतों से विजयी हासिल की है और एक रिकार्ड भी बनाया है।

टोनी पहलवान ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि  श्री गूर्जर फरीदाबाद को उस मुकाम पर पहुंचाने का प्रयास करेंगे जिस पर फरीदाबाद का हक है पिछले कार्यकाल में भी उन्होंने फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाया था जिससे फरीदाबाद वासी अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते है।

टोनी पहलवान ने कहा कि आज फरीदाबाद वासी देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से अपील करते है कि वह श्री कृष्णपाल गूर्जर को केन्द्रीय मंत्रीमंडल में स्थान देकर फरीदाबाद का गौरव बढ़ाये।


Monday, 20 May 2019

 खजानी एनआईटी में वार्षिक प्रर्दशनी की तैयारियां जोरो पर

खजानी एनआईटी में वार्षिक प्रर्दशनी की तैयारियां जोरो पर

 फरीदाबाद 20 मई । एनआईटी स्थित खजानी वूमैनस वोकेशनल इस्ट्ीटयूट में लगने वाली वार्षिक प्रदर्शनी की तैयारियां जोरो पर है। इस प्रर्दशनी को लेकर छात्राओं में खासा उत्साह है और वे इसे यादगार बनाने के लिए पूरी मेहनत और जी जान से जुटी हुई है। छात्राएं कैम्पस की दिवारों पर रंग बिरंगी पैटिगस बना रही है और डिजाईनदार कागज के फूल लगाकर पूरे इस्टीटयूट में अलग ही छठा बिखेर रही है। सस्था के डायरेक्टर संजय चौधरी ने बताया कि हर वर्ष प्रर्दशनी का आयोजन किया जाता है 

इस वर्ष यह प्रर्दशनी 24 मई को शुरू होगी और इसका समापन 26 तारीख को होगा। उन्होनें बताया कि प्रदर्शनी लगाने का  मुख्य उददेश्य छात्राओं के अन्दर की प्रतिभा को उजागर करने के साथ साथ उनके मनोबल को भी बढ़ाना है। उन्होनें बताया कि छात्राएं अपने पूरे वर्ष की मेहनत को इस प्रर्दशनी के मध्यम से ना केवल प्रर्दशित करेंगी ब्लकि वे अपने बनाए गए उत्पादों की बिक्री भी कर सकेंगी। संजय चौधरी ने बताया कि इस प्रर्दशनी का मुख्य आर्कषण कृष्णा थीम पर आधारित मंडाला आर्ट होगा जिसमेें वृन्दावन को बहुत ही सुन्दर अंदाज में दिखाया जाएगा। इसके अलावा डिजाईनर ड्रेस,हेडमेड बेग,ज्वैलरी,सैरेमिक आर्ट,वेस्ट आईटम से बनाई गई चीजो का भी प्रर्दशन छात्राएं करेगीं। 


 मानव रचना में पाँच दिवसीय ‘ईको कनसल्ट मीट’ का आयोजन

मानव रचना में पाँच दिवसीय ‘ईको कनसल्ट मीट’ का आयोजन

फरीदाबाद, 20 मई: सेंटर फॉर एडवांस वाटर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (CAWTM), मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज एनसीएसटीसी समर्थित और डीएसटी परियोजना के तहत मानव रचना कैंपस में पांच दिवसीय इको कंसल्ट मीट का आयोजन किया जा रहा है।  इस कार्यक्रम का उद्घाटन सीएडब्ल्यूटीएम (CAWTM) के अध्यक्ष डॉ. डीके चड्ढा. मानव रचना के डीजी डॉ. एनसी वाधवा, एमआरआईआईआरएस के प्रो-वीसी डॉ. एमके सोनी की अगुवाई में हुआ।  

डॉ. डीके चड्ढा ने इस दौरान सभी रिसरचर्स से आग्रह किया कि वह  पानी के महत्व और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की आवश्यकता के बारे में लोगों में जागरुकता फैलाएं। वहीं, डॉ. एनसी वाधवा ने पानी के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।

इस कार्यक्रम में अलग-अलग संस्थाओं के लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें एनजीओ, डॉक्टर्स, पीजी स्टूडेंट्स और नए रिसचर्स शामिल थे। इस परियोजना का मुख्य मकसद प्रतिरूप योग्य मॉडल वाटर एंड इको हेल्थ क्लीनिक की स्थापना करना है, ताकि पानी से संबंधित स्वास्थ्य जोखिम को कम करके समुदाय के लक्षित समूहों के साथ विज्ञान संचार स्थापित किया जा सके।

यह परियोजना जल साक्षरता, पानी की गुणवत्ता में सुधार, स्वच्छता, प्रौद्योगिकी के हस्तक्षेप के माध्यम से स्वच्छता की स्थिति और मांग की ओर से पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुधार और आपूर्ति पक्ष के जल प्रबंधन के बारे में छात्रों को शिक्षित करना चाहती है। साथ ही समाज के भीतर विज्ञान संचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिभा शिकार के माध्यम से स्थायी स्थानीय नेतृत्व विकसित करने की भी परिकल्पना करती है।

Saturday, 18 May 2019

डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन की ओर से लगाए जाने वाले फ्री हेल्थ कैंप संपन्न

डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन की ओर से लगाए जाने वाले फ्री हेल्थ कैंप संपन्न

फरीदाबाद, 18 मई:  डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन की ओर से सालाना लगाए जाने वाले हेल्थ कैंप्स संपन्न हुए। मार्च में शुरू हुए कैंप्स आज फरीदाबाद के गोठड़ा मोहब्बताबाद गांव में संपन्न हुए। आज 50 लोगों ने अपनी मुफ्त जांच करवाई।

फाउंडेशन की ओर से 10 फ्री हेल्थ कैंप लगाए गए जिनमें फरीदाबाद के अलग-अलग गांव, कालोनी और स्कूल शामिल रहे। कैंप्स में मानसिक स्वास्थ्य, पोषण और डायटेटिक्स,  दंत स्वास्थ्य, के बारे में मरीजों को जानकारी दी गई और मुफ्त में जांच भी की गई। इस बार 1500 से ज्यादा लोगों ने इसका लाभ उठाया।

आपको बता दें, तीन महीने तक चलने के बाद फिलहाल यह फ्री हेल्थ कैंप्स संपन्न हो गए हैं, लेकिन फाउंडेशन इस तरह के कैंप्स समय-समय पर आयोजित करता रहता है। 

Friday, 17 May 2019

Dr.Kasana - Expert homeopathic Doctor In Delhi

Dr.Kasana - Expert homeopathic Doctor In Delhi

डॉ.अभिषेक कसाना एम . डी  होम्योपैथी - एक प्रसिद्ध होम्योपैथ, एक प्रसिद्ध शिक्षाविद और प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक, होम्योपैथी में उनके बड़ेयोगदान के लिए जाने जाते हैं। 

 एलर्जी, अस्थमा, राइनाइटिस, टॉन्सिलिटिस, साइनोसाइटिस, एडेनोइड्स, गठिया, स्पॉन्डिलाइटिस, बीपीएच- प्रोस्टेट,लिचेन, मौसा, सोरायसिस, रोसैसिया, एक्ने, हर्ज़ल, एक्जिमा, मोलस्कैम, यूरेटिसारिया, यूरेट्रिकेरिया, जैसे विभिन्न विकारों के उपचार में उनकीविशेषज्ञता। , बांझपन, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, शीघ्रपतन, अवसाद, पार्किंसंस रोग, माइग्रेन, और अंतःस्रावी विकार जैसे मधुमेह आदि से संबंधित रोगउल्लेखनीय हैं।

 उन्होंने अपने 20 वर्षों के नैदानिक अभ्यास में कई रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है और भारत में अग्रणी होम्योपैथों में से एकहै। उन्होंने विभिन्न देशों में अब तक असंख्य अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार और कार्यशालाएं दी हैं और होम्योपैथी की गहन समझ और होम्योपैथी के आयामों से परेजाकर गहन कार्यक्रम बनाने के लिए एक संगठन की स्थापना की है।
वह होम्योपैथी और फाइंडिंग बेस्ट होम्योपैथिक मेडिसिन, क्लासिकल होम्योपैथी - होम्योपैथी में इसकी व्याख्या और व्यावहारिक अनुप्रयोग - के बारेमें अवधारणाओं और उपन्यास विचारों के लिए प्रसिद्ध है।

 मामलों को सुलझाने में उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण ने उन्हें भारत और विदेशों में प्रशंसा औरप्रसिद्धि दिलाई है।
उनकी सफलता की कहानियों में से एक:
वह अपने मामलों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बड़ी दक्षता के साथ हल करता है। यहां एक ऐसे मामले का उदाहरण दिया गया है जो उन्होंने मलेशिया मेंअंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत किया था।
 एक पुरुष, जिसकी उम्र ५ ९ वर्ष है, वह पिछले ५ वर्षों से पतला और मधुमेह रोगी है।

 उनकी अन्य शिकायतों मेंबार-
बार पेशाब आना, सोरायसिस, पुरानी एसिडिटी, थायरॉयड, ऑस्टियोआर्थराइटिस और ब्रोंकाइटिस थे। रक्त की रिपोर्ट निम्नानुसार थी: उपवासरक्त शर्करा:
 190 मिलीग्राम / डीएल, पोस्ट प्रांडियल रक्त शर्करा: 223 मिलीग्राम / डीएल।

सज्जन एक चतुर व्यक्ति था, वह सभी के साथ पार था, किसी की बात नहीं मानता था, आहार प्रतिबंध या किसी भी अभ्यास का पालन नहीं करता था।
वह बहुत व्यंग्यात्मक और अक्सर अपमानजनक था, उसकी एक तेज जीभ थी।

 उनके व्यंग्यात्मक, तीखे व्यवहार और लक्षणों की अन्य समग्रता केआधार पर, उन्हें एसिड फॉस 0/1 निर्धारित किया गया था और 2-
3 साल की अवधि में इस मामले में सोरायसिस, थायराइड, रक्त रिपोर्ट सहित सभीस्तरों पर सुधार देखा गया था।

कृपया ध्यान दें कि होम्योपैथी दवा पूरी तरह से एक विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा लेने और विश्लेषण के बाद निर्धारित की जाती है। स्व दवा उचित नहीं है औरहानिकारक साबित हो सकती है।

डॉ कसाना एक बेहद सफल होम्योपैथ और होम्योपैथी की उन्नति के लिए एक महान योगदानकर्ता हैं। वह ऑरा होमियोपैथी इंडिया में एक विशेषज्ञपैनल डॉक्टर हैं, जो एक ऑनलाइन होम्योपैथिक स्वास्थ्य पोर्टल है जो लोगों की सेवा करने और उन्हें होम्योपैथी के साथ उनकी बीमारियों से राहतदिलाने का काम करता है।

 ऑरा होम्योपैथी इंडिया में सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक डॉक्टरों का एक पैनल है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित हैं और उनकेकई वर्षों के सफल नैदानिक अनुभव हैं।

डॉ.अभिषेक कसाना एम. डी  होमियोपैथी) और ऐसे कई विशेषज्ञ होम्योपैथ्स ऑफ़ इंटरनैशनल रीप्यूट से परामर्श करने के लिए हमें 9873537001पर कॉल करे या Homeopathic Doctor In Delhi पर लॉग इन करे I 


Thursday, 16 May 2019

हरियाणा रणजी कोच विजय यादव बने इंडिया ए टीम के फील्डिंग कोच

हरियाणा रणजी कोच विजय यादव बने इंडिया ए टीम के फील्डिंग कोच

फरीदबाद 16 मई :   बीसीसीआई ने हरियाणा रणजी कोच विजय यादव को इंडिया ए टीम का कोच नियुक्त किया गया  है श्रीलंका ए के खिलाफ 5 एक दिवसीय मैचों के लिए पूर्व भारतीय खिलाडी विजय यादव को  फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर विजय यादव पहले ऐसे कोच हैं। और पिछले साल भी इंडिया अंडर 23 के फील्डिंग कोचिंग थे और इस बार भी कोच है , और विजय यादव को भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए तैयार उभरते हुए क्रिकेटरों को संवारने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके तहत ही पहले इंडिया ए टीम के विदेशी दौरे पर उनको विकेटकीपिंग-फिल्डिंग कोच के रूप में जा चुके है ।  और भारतीय इंडिया अंडर 19 टीम के कोच भी थे और पिछले साल भी अंडर 19 इंडिया टीम के साथ भी श्रीलंका के लिए टीम के साथ थे I

श्रीलंका ए टीम भारत दौरे पर आ रही है और इंडिया ए के साथ 25 मई से 15 जून तक दो टेस्ट मैच और 5 एकदिवस मैच खेले गई 


श्री विजय यादव 
हरियाणा रणजी प्रमुख कोच 
इंडिया ए टीम के फ़ील्डिंग कोच 
इंडिया 23 टीम कैंप के  फ़ील्डिंग कोच
इंडिया अंडर 19 टीम के  फ़ील्डिंग कोच


उनके साथ सीतांशु कोटक, नरेंद्र हिरवानी भी जिम्मेदारी निभाएंगे


जिला क्रिकेट एसोसिएशन एक्जुक्यूटिव प्रेजीडेंट रजत भाटिया ने उनकी इस नई जिम्मेदारी पर बधाई दी है। साथ ही विजय यादव ने अपनी इस उपलब्धि के लिए एचसीए का धन्यवाद किया है। यह सीरीज भारत मैं होगी और 25 मई से 15 जून तक चलेगी । जिसमें इंडिया ए टीम  टेस्ट मैच और वनडे मैच श्रीलंका ए  टीम के साथ खेले जाएंगे।

गौरतलब है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर विजय यादव पहले ऐसे कोच हैं। जोकि टीम के साथ जुड कर किसी दौरे पर जा रहे हैं। लेकिन विजय यादव को भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए तैयार उभरते हुए क्रिकेटरों को संवारने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके तहत ही पहले इंडिया ए टीम के विदेशी दौरे पर उनको विकेटकीपिंग-फिल्डिंग कोच के रूप में जा चुके है । विजय यादव का कहना है कि वह टीम के साथ जा रहे हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि यह टीम श्रीलंका में बेहतर प्रदर्शन करेगी। बता दें कि 52 वर्ष के विजय यादव लेवल-सी कोच है। उन्होने 1992-93 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला वनडे और जिम्बाबे के खिलाफ एक मात्र टेस्ट खेला। यादव ने 19 वनडे में नाबाद 34 रन सर्वाधिक रकोर के साथ 118 रन बनाए और 12 कैच व 7 स्टंप अपने नाम किए। जबकि एकमात्र टेस्ट में 30 रन उनका सर्वाधिक रहा। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यादव ने 89 मैच में 201सर्वाधिक स्कोर के साथ 3988 रन बनाए है। 237 कैच व 46  स्टंप इसमें शामिल हैं। लिस्ट ए में 67 मैच 85 हाई स्कोर के साथ  748 रन, 92 कैच व33 स्टंप का उनका रिकार्ड है। उनके इंटरनेशनल करियर और हरियाणा में लंबे कोचिंग अनुभव को देख कर ही उन्हें बीते वर्ष हरियाणा रणजी टीम को संवारने की जिम्मेदारी हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने सौंपी थीं। इंटरनेशनल क्रिकेटर मोहित शर्मा और आईपीएल क्रिकेटर राहुल तेवतिया उनके ही शिष्य हैं। और उनके प्रशिक्षण में ही हरियाणा रणजी टीम का बीते सत्र में प्रदर्शन बेहतर रहा।

Tuesday, 14 May 2019

Homeopathic Doctor In Faridabad For Hairloss Alopecia Areata : Dr. Abhishek Kasana

Homeopathic Doctor In Faridabad For Hairloss Alopecia Areata : Dr. Abhishek Kasana


Homeopathic Doctor In Faridabad For Hairloss Alopecia Areata

डॉ.अभिषेक कसाना M.D होम्योपैथी (Homeopathic Doctor In Faridabad)

एलोपेशिया आरैटा सलाह देता है: -एएस डॉ। अभिषेक के अनुसार, होम्योपैथिक उपचार के लिए सख्त व्यक्तिगतकरण की आवश्यकता होती है। अपने होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।

एलोपेशिया एरियाटा हेयर लोस
  • कारण,
  • लक्षण,
  • उपचार,
  • होम्योपैथी दवा और
  • खालित्य areata के होम्योपैथिक उपचार।
एलोपेशिया एरेटा को गंजे क्षेत्रों को बनाने वाले गोल पैच में अचानक बालों के झड़ने की विशेषता है। यह एक अत्यधिक अप्रत्याशित त्वचा रोग है जो खोपड़ी और शरीर के अन्य हिस्सों पर हो सकता है।

अन्य ऑटोइम्यून विकारों के साथ कुछ समानताओं के कारण, यह सुझाव दिया जाता है कि एलोपेसिया अरीता एक ऑटोइम्यून बीमारी है। बालों का झड़ना आमतौर पर खोपड़ी पर गंजापन के एक या अधिक छोटे, गोल, चिकने पैच से शुरू होता है जो खोपड़ी पर कुल बालों के झड़ने में प्रगति कर सकता है।

एलोपेशिया आरैटा का विभेदक निदान
  • तिन्या कैपिटास
  • कर्षण द्वारा खालित्य
  • खालित्य जन्मजात
  • एनाफिलेक्टिक द्वारा प्रेरित रासायनिक ट्राइकोटिलोमेनिया
  • इफ्लुवियम एलोपेसिया
  • Trichodystrophies
  • ल्यूपस एरिथेमेटोसस
  • Pseudopelade
  • काई
  • planopilaris
  • बुलर स्क्लेरोडर्मा
  • पेम्फिगॉइड
  • उपदंश
  • फॉलिकुलिटिस अलोपेसिया
  • नियोप्लास्टिक कूपिक श्लेष्मा
एलोपेसिया अरेटा जेनेटिक ग्रैनुलोमैटस विकारों की पूर्वसूचना एटियलजि - परिवार के इतिहास में ऑटोइम्यून रोग के साथ सहयोग की संभावना बढ़ जाती है - (थायराइड रोग, एडिसन रोग, विटिलिगो) एक ऑटोइम्यून उत्पत्ति का सुझाव देता है; एनाजोन हेयर फॉलिकल में और उसके आसपास लिम्फोसाइटिक घुसपैठ की उपस्थिति अतिरिक्त प्रमाण है। एलोपेसिया अरीटा अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों से अलग है, जिसके परिणामस्वरूप लक्ष्य अंग के कार्य का पूर्ण नुकसान नहीं होता है, लेकिन बाल कूप की गतिविधि के एक अस्थायी परिवर्तन में, जो सामान्य में वापस आ सकता है। इससे पता चलता है कि लक्ष्य वृद्धि कारक या उसके रिसेप्टर को नियंत्रित कर सकता है।

कारण

सूक्ष्मजीव, तंत्रिकाजन्य उत्तेजना, भावनात्मक तनाव और खराब मैथुन कौशल की पहचान संभावित कारणों या ट्रिगर के रूप में की गई है।

एलोपेशिया आरैटा क्लिनिकल प्रेजेंटेशन के लक्षण और लक्षण बालों के झड़ने के छोटे-छोटे गोल पैच से लेकर क्रॉनिक लॉस तक भिन्न होते हैं, स्कैल्प, भौंहों, पलकों, नाक, दाढ़ी और शरीर के बालों की कुल नॉनसर्किंग, स्पॉन्टेनियस रिमिशन देख सकते हैं।

खालित्य Areata मनोवैज्ञानिक रूप से दर्दनाक हो सकता है। एक अज्ञात ट्रिगर के कारण हेयर फॉलिकल एनाजेन, डायस्ट्रोफिक एनाजेन हेयर, कैटजेन या हेयर टेलोजेन चरण बदलते हैं।

नाखून का डंक लग सकता है। अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों जैसे कि हाशिमोटो के थायरॉयडिटिस और विटिलिगो के साथ संबंध की एक उच्च घटना बताई गई है।

खालित्य आर्यता के मामले में अनुसंधान विस्तृत इतिहास और शारीरिक परीक्षण नैदानिक उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण उपकरण हैं; अंग विशिष्ट एंटीबॉडी का प्रदर्शन किया जा सकता है। किसी अन्य विकार को बाहर करने के लिए स्कैल्प बायोप्सी उपयोगी हो सकती है।

एलोपेशिया आरैटा का उपचार इस स्थिति के लिए उपचार के विकल्पों की एक किस्म उपलब्ध है, यदि छोटे बालों के झड़ने की पहचान पैच, यह बेहतर है कि प्रतीक्षा करें और बालों को अपने आप वापस बढ़ने दें। अन्य उपचार विकल्पों में मुख्य रूप से शामिल हैं: मजबूत सामयिक स्टेरॉयड के आवेदन, एक स्टेरॉयड का इंजेक्शन, मिनोक्सिडिल का उपयोग बालों के विकास को बढ़ावा देने के लिए किया गया है और कुछ मामलों में स्वभाव परिणाम दिखाया गया है।

बालों के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए, बालों के झड़ने की साइट पर एक संपर्क जिल्द की सूजन, या जलन पैदा करने के लिए एक अन्य प्रकार का उपचार तैयार किया गया है। इन मामलों में रिलैप्स के साथ फोटो कीमोथेरेपी भी टेंपररी परिणाम दे सकती है।

अलोपेसिया अरेटा का आभा होम्योपैथिक उपचार: - होम्योपैथी चिकित्सा की सबसे लोकप्रिय समग्र प्रणालियों में से एक है। डॉ.अभिषेक कसाना एम। डी। आभा होम्योपैथी के अनुसार, होम्योपैथी एलोपेसिया अरीटा और अन्य ऑटिइम्यून रोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ उपचार प्रदान करती है। एलोपेशिया आरैटा के लिए सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा का चयन एक समग्र दृष्टिकोण के उपयोग के माध्यम से वैयक्तिकरण के सिद्धांत और लक्षणों की समानता पर आधारित है। यह एकमात्र तरीका है जिसके माध्यम से आप उन सभी संकेतों और लक्षणों को दूर कर सकते हैं जो रोगी पूर्ण स्वास्थ्य की स्थिति से पीड़ित हैं। होम्योपैथी का लक्ष्य न केवल एलोपेसिया आरिएटा के उपचार के लिए है, बल्कि इसके अंतर्निहित कारण और व्यक्तिगत संवेदनशीलता को संबोधित करना है। उपचारात्मक दवाओं के संबंध में, खालित्य areata के उपचार के लिए कई उपचार उपलब्ध हैं जिन्हें दावों के कारण, संवेदनाओं और तौर-तरीकों के आधार पर चुना जा सकता है। व्यक्तिगत उपाय और उपचार के चयन के लिए, रोगी को अपने पास के सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए, या साइबर क्लिनिक की नियुक्ति का विकल्प चुनना चाहिए।


Alopecia areata के लिए कुछ सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा:

  • फेरम फॉस - एनीमिया के कारण सिर से बालों का झड़ना
  • एसिडम का आटा - बुजुर्गों की खालित्य या समय से पहले उम्र के साथ उपदंश, पैच में बालों का झड़ना, टाइफाइड बुखार के कारण बालों का गिरना
  • सीपिया - गर्भावस्था के दौरान बालों का झड़ना, दाद जैसे क्षेत्रों में, रूसी खोपड़ी की गंधक सल्फर - स्तनपान कराने वाली महिलाओं में बाल गिरते हैं, जब अच्छी तरह से चयनित दवाएं राहत देने में विफल रहती हैं।
  • सेलेनियम मिले - सिर, भौहें, पलकें और शरीर के अन्य हिस्से से बालों का झड़ना
  • नैट्रम म्यूर - बच्चे के जन्म के बाद बालों का झड़ना, एक बच्चे को उसके नर्सिंग से, पुराने सिरदर्द के बाद बालों का झड़ना
  • Mancinella - एक गंभीर तीव्र बीमारी के बाद बालों का झड़ना 
  • Vinca मामूली - बालों का झड़ना, मजबूत और अच्छी तरह से परिभाषित, परिचालित पैच जो नरम खोपड़ी को छोड़ देते हैं और सफेद या भूरे बाल सफेद ऊन जैसे गंजे क्षेत्रों में बढ़ सकते हैं।
  • फोस एसिड - एलोपेशिया आरैटा के लिए उल्लेखनीय उपाय, बालों का झड़ना एक गंभीर बीमारी के बाद गिरता है, बाल झड़ते हैं, भौंहें और पलकें गिरती हैं
  • लच्छी दाढ़ी के बाल झड़ते हैं - बाल झड़ते हैं
  • कार्बो वेग - गर्भावस्था के दौरान बाल गिरना

हमारे अन्य लेख बताते हैं कि होम्योपैथी के साथ इसका इलाज कैसे किया जाता है और एलोपेसिया अरीता के लिए सर्वश्रेष्ठ संकेतित होम्योपैथिक उपचार नीचे दिए गए हैं।


आभा होम्योपैथिक मेडिकल फाउंडेशन, फरीदाबाद, दिल्ली- NCR, भारत 31 अप्रैल 2018 और 17 अगस्त, 2018

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एलोपेशिया आरैटा सलाह देता है: -एएस डॉ। अभिषेक के अनुसार, होम्योपैथिक उपचार के लिए सख्त व्यक्तिगतकरण की आवश्यकता होती है। अपने होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।

मानव रचना डेंटल कॉलेज ने पीजी छात्रों का स्वागत किया

मानव रचना डेंटल कॉलेज ने पीजी छात्रों का स्वागत किया

फरीदाबाद, 15 मई: मानव रचना डेंटल कॉलेज में एमडीएस 2019-22 सत्र के छात्रों का स्वागत किया गया। ओरिएंटेशन प्रोग्राम की शुरुआत हवन के साथ की गई। इस दौरान मानव रचना के डीजी डॉ. एनसी वाधवा भी मौजूद रहे। ओरिएंटेशन प्रोग्राम के तहत छात्र एक दूसरे से रूबरू हुए। इस दौरान छात्रों को मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के बारे में जानकारी दी गई। मानव रचना डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अरुणदीप सिंह ने सभी छात्रों का कॉलेज में स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई आने वाले तीन साल छात्रों को लिए उनके करियर के लिए बेहतरीन साबित होंगे। उन्होंने सभी छात्रों को सलाह दी कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों की पूरी मदद करें और जितनी जल्दी हो उन्हें इलाज मुहैया करवाएं।

कार्यक्रम में मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के एमडी डॉ. संजय श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा, यह आने वाले तीन साल उनकी जिंदगी के आगे की दिशा तय करेंगे, इसलिए अपनी गलतियों से सीखने की कोशिश करें।  उन्होंने छात्रों को तीन टिप्स दिए- सीखना, हंसना और हमेशा सकारात्मक चीजों पर ध्यान देना।

आपको बता दें, इस साल डेंटल कॉलेज में देशभर के अलग-अलग कॉलेज में बीडीएस कर के आए छात्रों ने मानव रचना को चुना है। इस साल भी सभी सीट्स फुल रही। ओरिएंटेशन प्रोग्राम में एमआरडीसी के वाइस प्रिंसिपल डॉ. आशिम अग्रवाल, डॉ. श्रीधर कानन, डॉ. मनीष भार्गव, डॉ. पूजा पनवलकर समेत कई फैकल्टी मेंबर्स और छात्र शामिल रहे।